Rajasthan

3×4 इंच के कैनवास पर 17,480 पत्ते, 27 साल बाद राजू स्वामी की कला को मिला रिकॉर्ड का सम्मान

Last Updated:September 16, 2026, 17:14 IST

बीकानेर के वरिष्ठ लघु चित्रकार राजू स्वामी ने 3×4 इंच के कैनवास पर बरगद के 17,480 पत्ते बनाकर अनूठा रिकॉर्ड कायम किया है. 1999 में तैयार इस लघुचित्र को करीब 27 साल बाद सितंबर 2026 में इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक मान्यता दी. प्राकृतिक रंगों और गिलहरी के बालों से बने महीन ब्रश से नंगी आंखों से तैयार यह कलाकृति आज भी राजू स्वामी के पास सुरक्षित है.बीकानेर के राजू स्वामी का कमाल, 3×4 इंच में उतारे बरगद के 17,480 पत्तेZoom

बीकानेर. महज 3×4 इंच का कैनवास और उस पर बरगद के 17,480 पत्ते—बीकानेर के वरिष्ठ लघु चित्रकार राजू स्वामी ने अपनी बारीक चित्रकारी, धैर्य और कला-साधना से यह अनूठा कारनामा किया है. प्राकृतिक रंगों और गिलहरी के बालों से बने बेहद महीन ब्रश के जरिए नंगी आंखों से तैयार किए गए इस ऐतिहासिक लघुचित्र को करीब 27 साल बाद इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक मान्यता प्रदान की है. इस चित्र की खासियत यह है कि प्रत्येक पत्ते को बेहद सूक्ष्मता के साथ हाथ से बनाया गया है.

चित्र तैयार करने में पारंपरिक प्राकृतिक रंगों और गिलहरी के बालों से बने अत्यंत महीन ब्रश का इस्तेमाल किया गया. राजू स्वामी ने बिना किसी ऑप्टिकल उपकरण की सहायता के नंगी आंखों से इस कलाकृति को पूरा किया था. रिकॉर्ड वाला यह लघुचित्र 10 अक्टूबर 1999 को बीकानेर में तैयार किया गया था. करीब 27 वर्ष बाद सितंबर 2026 में इसे आधिकारिक मान्यता मिली. इसके साथ ही राजू स्वामी को रिकॉर्ड किट भी प्रदान की गई है. मूल पेंटिंग आज भी उनके पास सुरक्षित है.

पिट्सबर्ग से पेरिस और लंदन तक छाई

राजू स्वामी का जन्म 18 फरवरी 1967 को बीकानेर में हुआ, उन्होंने पारंपरिक बीकानेर लघु चित्रकला की बारीकियां अपने पिता और वरिष्ठ कलाकार गोर्धन दास स्वामी से सीखीं. वे तीन दशक से अधिक समय से इस कला शैली के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में जुटे हैं. उनकी कलाकृतियां देश-विदेश की अनेक प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हो चुकी हैं. वर्ष 1995 में उनकी दो वनस्पति आधारित कृतियों का चयन अमेरिका के पिट्सबर्ग स्थित हंट इंस्टीट्यूट फॉर बॉटनिकल डॉक्यूमेंटेशन, कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी की आठवीं अंतरराष्ट्रीय बॉटनिकल आर्ट एंड इलस्ट्रेशन प्रदर्शनी के लिए हुआ था. वर्ष 1997 में उनकी कलाकृतियां पेरिस की गैलरी लाफायेट सहित कई प्रतिष्ठित कला संस्थानों और संग्रहालयों में भी प्रदर्शित हुई.

वर्ष 2012 में नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘द बीकानेर स्कूल’ प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने पारंपरिक लघु चित्रकला की कार्यशाला लगाई थी. उनकी मूल कृतियां जूनागढ़ स्थित प्राचीन म्यूजियम में भी प्रदर्शित हैं. अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में भी उनकी कृतियों को पहचान मिली है. बरगद पर आधारित उनकी कलाकृति ‘14675 Leaves’ वर्ष 2022 में नीदरलैंड्स के डी ज्वान में नीलाम हुई थी. वहीं ‘A Peacock and Squirrels in a Tree’ नामक कृति वर्ष 2021 में लंदन के रोजबेरीज में नीलाम हुई. राजू स्वामी भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त हस्तशिल्प कार्यालय से पंजीकृत शिल्पकार भी हैं. कला प्रेमी रिकॉर्ड वाली इस ऐतिहासिक पेंटिंग को लालगढ़ पैलेस रोड स्थित कीर्ति स्तंभ के पास उनकी कला गैलरी एवं स्टूडियो ‘स्वामी आर्ट’ में देख सकते हैं.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

और पढ़ेंLocation :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

September 16, 2026, 17:14 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj