Recipe: मिठाई की दुकान पर नहीं, घर में बनता है ये राजस्थानी चूरमा, खुशबू ऐसा कि महक उठेगा हर कोना

Last Updated:September 17, 2026, 12:55 IST
Mogri Churma Recipe: गणेश महोत्सव में अगर बप्पा के भोग के लिए देसी स्वाद वाली कोई खास मिठाई बनाना चाहते हैं, तो जालौर की मोगरी का चूरमा एक अच्छा विकल्प हो सकता है. गृहिणी संतोष देवी के अनुसार इसे बनाने में ज्यादा घी की जरूरत नहीं पड़ती. सबसे पहले गेहूं के आटे में घी, दूध और गुनगुना पानी डालकर आटा तैयार किया जाता है. फिर छलनी पर रगड़कर आटे से छोटे-छोटे दाने बनाए जाते हैं. इन मोगरी को धीमी आंच पर करीब 20 से 25 मिनट तक भूनकर सुनहरा किया जाता है. इसके बाद गुड़ की एक तार की चाशनी बनाई जाती है. चाशनी में केसर और कुटी इलायची डालने से मिठाई की खुशबू और स्वाद बढ़ जाता है. भुनी मोगरी को चाशनी में मिलाकर ऊपर से मेवे डालें और स्वादिष्ट भोग तैयार करें.
जालौर. गणेश महोत्सव में बप्पा के भोग के लिए अगर इस बार कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं, जो स्वाद में देसी हो और बनाने का तरीका भी थोड़ा अलग हो, तो राजस्थान का मोगरी का चूरमा ट्राई किया जा सकता है. गेहूं के आटे से बनने वाली इस मिठाई में गुड़ की मिठास, घी की खुशबू और इलायची-केसर का स्वाद मिलता है. खास बात यह है कि इसे तैयार करने में ज्यादा घी की जरूरत नहीं पड़ती. इस रेसिपी को बनाने वाली गृहिणी संतोष देवी ने लोकल18 को जानकारी देते हुए बताया कि मोगरी का चूरमा बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं का आटा लिया जाता है.
इसमें थोड़ा घी डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. इसके बाद थोड़ा दूध और गुनगुना पानी डालकर आटा गूंथा जाता है. आटा इतना ही गूंथना है कि हाथ में दबाने पर उसकी मुठ्ठी बन जाए और वह अच्छी तरह जमने लगे. आटा तैयार होने के बाद इसे कुछ देर के लिए रख दिया जाता है. इसी बीच गुड़ को छोटे टुकड़ों में तोड़कर पानी में भिगो देते हैं। इससे आगे चाशनी बनाने में आसानी रहती है.
ये है मोगरी तैयार करने की प्रक्रिया
तैयार आटे को हाथों से छलनी पर रगड़ा जाता है. इससे छोटे-छोटे दाने तैयार होते हैं, जिन्हें यहां मोगरी कहा जाता है. छलनी में बचा मोटा आटा अलग कर लिया जाता है और नीचे तैयार हुई मोगरी को आगे की रेसिपी में इस्तेमाल किया जाता है. कड़ाही में करीब दो छोटे चम्मच घी डालकर मोगरी को धीमी आंच पर भूनना शुरू करें. इसे लगातार चलाते हुए लगभग 20 से 25 मिनट तक भूनना है. जब इसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए और अच्छी खुशबू आने लगे, तो इसे उतारकर ठंडा होने दें.
चाशनी की खुशबू और स्वाद बढ़ाता है केसर और इलायची
मोगरी को धीमी आंच पर अच्छे से भूनना जरूरी है. इसके बाद गुड़ को छानकर उसकी चाशनी बनाते हैं. चाशनी में केसर और इलायची डालने से स्वाद और खुशबू अच्छी आती है. जब एक तार बनने लगे, तब इसमें मोगरी डालते हैं. अब भिगोए हुए गुड़ के पानी को छानकर कड़ाही में गर्म करें. उबाल आने पर इसमें केसर और कुटी हुई इलायची डाल दें. चाशनी को पकाते रहें और उंगलियों के बीच लेकर देखें. जब चाशनी एक तार छोड़ने लगे, तो समझिए यह तैयार है.
चूरमे को चिपकने से बचाता है घी
चाशनी तैयार होने पर इसमें करीब दो चम्मच घी डालें. इसके बाद ठंडी की हुई भुनी मोगरी इसमें डालकर अच्छी तरह मिला दें. घी डालने का यही छोटा-सा स्टेप चूरमे को आपस में ज्यादा चिपकने से बचाता है और इसे खुला-खुला रखने में मदद करता है. अच्छी तरह मिलाने के बाद ऊपर से कटे हुए मेवे डालें और इसे भोग के लिए तैयार करें.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jalor,Rajasthan
First Published :
September 17, 2026, 12:55 IST



