AIMIM ने 40% स्ट्राइक रेट से जीत दर्ज कर बीजेपी-कांग्रेस को चौंकाया, फिरोजा बानो ने जयपुर में ओवैसी की रखी लाज

Last Updated:September 14, 2026, 18:55 IST
राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM ने जयपुर नगर निगम में पहली बार खाता खोला है. भट्टा बस्ती के वार्ड नंबर 146 से पार्टी की उम्मीदवार फिरोजा बानो ने 1,975 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. झुंझुनू में भी AIMIM उम्मीदवार ने जीत हासिल की. पार्टी ने राजस्थान में पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें दो पर जीत मिली. चुनाव से पहले वार्ड 146 में असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल की सभा भी हुई थी. जाट-मुस्लिम समीकरण और तीसरे विकल्प की चर्चा के बीच AIMIM की यह जीत राजस्थान की शहरी राजनीति में पार्टी की बढ़ती मौजूदगी के तौर पर देखी जा रही है.जयपुर नगर निगम में वार्ड 146 में असदुद्दीन ओवैसी ने प्रचार किया था वहां AIMIM समर्थित उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है.
जयपुर: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में जयपुर से एक ऐसा रिजल्ट सामने आया है, जिसने सियासी समीकरणों पर चर्चा तेज कर दी है. जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 146 में AIMIM समर्थित प्रत्याशी फिरोजा बानो ने जीत दर्ज की है. जयपुर के भट्टा बस्ती स्थित वार्ड नंबर 146 में AIMIM ने इतिहास रच दिया है. पार्टी की उम्मीदवार फिरोजा बानो ने 1,975 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. इस जीत के साथ ही AIMIM ने जयपुर नगर निगम में पहली बार अपना खाता खोला है.
जयपुर के निगम चुनाव के इतिहास में यह AIMIM की पहली चुनावी सफलता है. फिरोजा बानो की जीत के बाद जयपुर की स्थानीय राजनीति में AIMIM की एंट्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस जीत को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि चुनाव से पहले इस वार्ड में असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल ने सभा की थी.
वार्ड 146 के नतीजे के बाद अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या राजस्थान के निकाय चुनाव में AIMIM तीसरे विकल्प के तौर पर अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है. स्थानीय चुनाव में प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, संगठन और स्थानीय समीकरण काफी मायने रखते हैं.
झुंझुनू में AIMIM की जीत
जयपुर के वार्ड नंबर 146 के अलावा झुंझुनू में भी AIMIM उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में AIMIM ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. इसमें AIMIM के दो उम्मीदवार जीते, यानी उनका स्ट्राइक रेट 40 फीसदी रहा. राजस्थान में पार्टी ने हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ चुनावी तालमेल किया था और इसी गठबंधन के तहत विभिन्न सीटों पर चुनाव लड़ा गया.
ओवैसी और बेनीवाल की सभा की चर्चा
चुनाव से पहले वार्ड 146 में असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल की सभा हुई थी. इसके बाद इस सीट पर दोनों नेताओं की मौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई. यह बात सामने आई कि जाट और मुस्लिम वोट अगर एक साथ आते हैं तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए चुनौती खड़ी हो सकती है. इसी आधार पर यहां तीसरे विकल्प की संभावना को लेकर भी चर्चा हुई थी. हालांकि, सिर्फ किसी नेता की सभा को जीत का सीधा कारण मानना सही नहीं होगा. स्थानीय निकाय चुनाव में उम्मीदवार की अपनी पकड़ और मतदाताओं से उसका सीधा संपर्क भी बड़ा फैक्टर होता है.
AIMIM के लिए क्यों अहम है यह जीत?
वार्ड 146 और झुंझुनू में AIMIM समर्थित उम्मीदवार की जीत पार्टी के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इससे उसे राजस्थान की शहरी राजनीति में अपनी मौजूदगी दिखाने का मौका मिला है. खास तौर पर मुस्लिम बहुल इलाकों में AIMIM के विस्तार को लेकर पहले से चर्चा होती रही है. इस चुनाव में वार्ड 146 का नतीजा आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पार्टी आने वाले चुनावों में राजस्थान के दूसरे इलाकों में भी अपना आधार बढ़ाने की कोशिश करेगी.
हालांकि, एक वार्ड की जीत को पूरे राजस्थान के राजनीतिक ट्रेंड के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी. इसके लिए दूसरे निकायों में AIMIM के प्रदर्शन और पार्टी के वोट प्रतिशत को भी देखना जरूरी होगा.
About the Authorअभिषेक कुमार
अभिषेक कुमार की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 14, 2026, 18:55 IST



