ज्योति खंडेलवाल कौन? जिन्हें कांग्रेस बनवा रही थी सांसद, बीजेपी में आकर पार्षद का चुनाव हारीं

राजस्थान नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बीच जयपुर के वार्ड नंबर 110 में बीजेपी प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल की हार सुर्खियों में है. तमाम टीवी चैनल से लेकर राजस्थान से जुड़ी सभी वेबसाइट्स पर ज्योति खंडेलवाल की हार को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है. जयपुर नगर निगम में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है. इस बड़ी जीत के बीच वार्ड 110 में उसके प्रत्याशी की हार की खूब चर्चा हो रही है. यहां तक की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी ज्योति की हार के बारे में कई लोग अपने बातें रख रहे हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर ये ज्योति खंडेलवाल कौन हैं, जिनकी हार की इतनी की इतनी बातें हो रही है.
कौन हैं ज्योति खंडेलवाल?
किशनपोल इलाके में बेहद चर्चित वार्ड 110 से बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को हार का सामना करना पड़ा है. ज्योति खंडेलवाल जो पहले कांग्रेस में रहते हुए जयपुर की मेयर रह चुकी थीं. पिछले दिनों ही बीजेपी में शामिल हुई थीं, उनकी इस हार ने सभी को चौंका दिया है. दरअसल, 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में ज्योति कांग्रेस से टिकट मांग रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. इसके बाद कांग्रेस ने ज्योति खंडेलवाल को 2019 के लोकसभा चुनाव में जयपुर शहर सीट से प्रत्याशी बनाया था, जहां वह बुरी तरह हारीं. इसके बाद वह 2023 में किशनपोल विधानसभा सीट फिर से टिकट मांग रही थीं, लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया. इसी बात से नाराज होकर वह बीजेपी में आ गई थीं. बीजेपी में आकर वह पार्षद का भी चुनाव हार गई हैं. 2009 के राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव के बाद ज्योति खंडेलवाल जयपुर की महापौर बनी थीं. ज्योति सबसे पहली बार 2005 में पार्षद बनी थीं. वह 25 साल से राजनीति में हैं. राजधानी जयपुर की वह चर्चित चेहरा मानी जाती हैं.
जयपुर में ज्योति की पहचान दबंग नेता की रही है. जब वह मेयर थीं जनता के काम के लिए अफसरों और राज्य के मंत्रियों तक से सीधे भिड़ जाती थीं. माना जा रहा था कि अगर इस बार वह वार्ड 110 से चुनाव जीतती हैं तो बीजेपी में मेयर पद की मजबूत दावेदार हो सकती हैं.
राजस्थान नगर निकाय चुनाव रिजल्ट अपडेट
अजमेर: बीजेपी 32, कांग्रेस 37, अन्य 11 (80/80)
बीकानेर: बीजेपी 27, कांग्रेस 42, अन्य 10, आरएलपी 1 (80/80)
उदयपुर: बीजेपी 53, कांग्रेस 23, मारपा 1, अन्य 3 (80/80)
पाली: बीजेपी 21, कांग्रेस 29, अन्य – 15 (65/65)
अलवर: बीजेपी 28, कांग्रेस 23, बीएसपी 1, अन्य 13 (65/65)
भरतपुर: बीजेपी 20, कांग्रेस 7, बीएसपी 1, आरएलपी 1, अन्य 36 (65/65)
जोधपुर: बीजेपी 44, कांग्रेस 44, अन्य -11 (99/100)
कोटा: बीजेपी 47, कांग्रेस 29, अन्य 2 (78/100)
जयपुर: बीजेपी 68, कांग्रेस 48, अन्य 14 AIMIM-1 (131/150)
भीलवाड़ा: बीजेपी 37, कांग्रेस 9, अन्य 12 (58/70)
बीजेपी की बड़ी हार, लेकिन मुख्यालय में उत्साह बरकरार
भले ही ज्योति खंडेलवाल जैसे बड़े चेहरे की हार बीजेपी के लिए झटका मानी जा रही हो, लेकिन बीजेपी प्रदेश मुख्यालय का माहौल अभी भी काफी सकारात्मक है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि एक वार्ड के नतीजों से पूरी तस्वीर तय नहीं होती. पार्टी 100 से ज्यादा वार्डों में जीत के अपने बड़े लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और जयपुर में स्पष्ट बहुमत का बोर्ड बनाने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है.
चोमू और कालाडेरा में बीजेपी की बंपर जीत
चौमूं विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व विधायक और पार्टी प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने बताया कि कांग्रेस विधायक और सांसद होने के बावजूद चोमू की जनता ने विकास पर भरोसा जताया है.
चोमू नगर पालिका: 45 में से 30 वार्डों पर बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की.
कालाडेरा: 20 में से 12 वार्ड बीजेपी के खाते में गए.
रामलाल शर्मा के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चोमू को दिए गए 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का सीधा फायदा चुनाव में पार्टी को मिला है.
गढ़ बचाने और निर्दलीयों के गणित पर बीजेपी की सफाई
पाली और झालावाड़ जैसे बीजेपी के पारंपरिक गढ़ों में शुरुआती रुझानों को लेकर जब पार्टी नेतृत्व से सवाल किया गया, तो प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी ने कहा कि अभी अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि पूरा रिजल्ट आने के बाद बीजेपी का ही परचम लहराएगा. वहीं, निर्दलीयों के दबदबे पर पार्टी का मानना है कि कोटपूतली और रींगस जैसे इलाकों में कार्यकर्ता निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं, लेकिन जीत के बाद वे बीजेपी की विचारधारा के साथ ही आते हैं.
फिलहाल बीजेपी मुख्यालय में अंतिम नतीजों के आने का इंतजार हो रहा है, जिसके बाद जीत के भव्य जश्न की तैयारी है. पार्टी को पूरा भरोसा है कि 309 निकायों में से अधिकतर जगह ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बनने जा रही है.



