राजस्थान की कौन है ‘बाप’ पार्टी? मात्र 1100 दिन पहले बनी, 1 सांसद-4 विधायक और अब निकाय चुनाव में क्या दिखाया जलवा

BAP Rajasthan Nagar Nikay Chunav 2026: अगर हम आपसे कहें कि राजस्थान नगर निकाय चुनाव में ‘बाप’ ने भी अपना खाता खोला है, तो बहुत सारे लोग चौंक सकते हैं. आखिर यह ‘बाप’ क्या है? राजस्थान की राजनीति से परिचित लोगों के लिए BAP नाम शायद नया नहीं होगा, लेकिन राजस्थान से बाहर के पाठकों के लिए यह पार्टी अनजान हो सकती है. BAP का पूरा नाम भारत आदिवासी पार्टी है. करीब 1100 दिन पहले बनी यह पार्टी अब राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में 8 वार्ड जीतकर चर्चा में है.
आखिर BAP यानी ‘बाप’ पार्टी क्या है?
मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP राजस्थान में सक्रिय एक राजनीतिक दल है. पार्टी की स्थापना 10 सितंबर 2023 को हुई थी. इसका गठन भारतीय ट्राइबल पार्टी यानी BTP से अलग होकर हुआ. राजकुमार रोत BAP के संस्थापक नेताओं में प्रमुख हैं. पार्टी का राजनीतिक आधार मुख्य रूप से राजस्थान के आदिवासी इलाकों में है. 10 सितंबर 2023 से 14 सितंबर 2026 तक कुल 1100 दिन होते हैं. यानी जिस पार्टी को बने अभी करीब तीन साल ही हुए हैं, वह राजस्थान की राजनीति में विधानसभा और लोकसभा के बाद अब स्थानीय निकाय चुनाव में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है.
1100 दिन पहले बनी पार्टी
राजस्थान की राजनीति में करीब 1100 दिन पहले बनी भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP ने अब नगर निकाय चुनाव में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अपनी ताकत दिखा चुकी BAP ने राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में 8 वार्डों पर जीत हासिल की है. पार्टी की ये सभी जीत दक्षिण राजस्थान के डूंगरपुर और सलूंबर इलाके में आई हैं. राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के पार्टीवार आंकड़ों के मुताबिक डूंगरपुर नगर परिषद में BAP ने 3, सागवाड़ा नगर पालिका में 4 और सलूंबर नगर परिषद में 1 वार्ड जीता है.
डूंगरपुर-सागवाड़ा में BAP का असर
डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक यहां बीजेपी ने 24, कांग्रेस ने 12, BAP ने 3 और निर्दलीय उम्मीदवार ने 1 वार्ड जीता है. वहीं सागवाड़ा नगर पालिका के 35 वार्डों में बीजेपी ने 23, कांग्रेस ने 8 और BAP ने 4 वार्डों में जीत दर्ज की है. यानी इन दोनों निकायों में BAP ने सीमित संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद अपने प्रभाव वाले इलाके में जीत दर्ज की है.
सलूंबर में भी खोला खाता
सलूंबर नगर परिषद के 25 वार्डों में भी BAP को एक सीट मिली है. यहां बीजेपी ने 12 और कांग्रेस ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि एक वार्ड BAP और एक निर्दलीय के खाते में गया. ऐसे में सलूंबर के नतीजे में BAP की एक सीट भी अलग राजनीतिक मौजूदगी दिखाती है.
विधानसभा से निकाय तक पहुंची पार्टी
BAP का राजनीतिक सफर भी कम समय में तेजी से आगे बढ़ा है. पार्टी का गठन 10 सितंबर 2023 को हुआ था. इसके बाद राजस्थान विधानसभा चुनाव में BAP ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. मौजूदा राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक पार्टी स्थिति में BAP के 4 विधायक दर्ज हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में राजकुमार रोत ने बांसवाड़ा सीट से जीत दर्ज की और पार्टी की संसद में भी मौजूदगी हो गई. इस तरह विधानसभा और लोकसभा के बाद अब नगर निकाय चुनाव में BAP की नजर शहरी राजनीति में अपनी जगह बनाने पर है.
2021 में BTP ने जीते थे 7 वार्ड
BAP की शहरी राजनीति की पृष्ठभूमि डूंगरपुर से जुड़ी हुई है. 2021 के डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में भारतीय ट्राइबल पार्टी यानी BTP ने 40 में से 7 वार्ड जीते थे. इसके बाद BTP की पूरी बॉडी ने पुरानी पार्टी छोड़कर भारत आदिवासी पार्टी बनाई. 2026 के निकाय चुनाव में BAP ने अपने सिंबल पर डूंगरपुर और सागवाड़ा में उम्मीदवार उतारे.
कम सीटों पर दांव, तीन निकायों में जीत
BAP ने बीजेपी और कांग्रेस की तरह पूरे राजस्थान में बड़े पैमाने पर उम्मीदवार नहीं उतारे. उसका चुनावी फोकस दक्षिण राजस्थान के आदिवासी प्रभाव वाले इलाकों में रहा. डूंगरपुर में पार्टी ने 12 और सागवाड़ा में 11 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. की उस रिपोर्ट में बताया गया था कि BAP के उम्मीदवार मुख्य रूप से मुस्लिम और आदिवासी बहुल वार्डों में मैदान में थे और पार्टी बीजेपी-कांग्रेस के लिए तीसरी चुनौती बनने की कोशिश कर रही थी. अब नतीजों में डूंगरपुर, सागवाड़ा और सलूंबर से कुल 8 वार्ड जीतना बताता है कि BAP ने जिन इलाकों में सीमित सीटों पर चुनाव लड़ा, वहां अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखी है.
अब शहरों में भी जमीन बनाने की कोशिश
BAP के लिए नगर निकाय चुनाव का महत्व सिर्फ 8 पार्षदों की जीत तक सीमित नहीं है. पार्टी पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अपनी जगह बना चुकी है. अब शहरी निकायों में भी उसकी मौजूदगी सामने आई है. डूंगरपुर और सागवाड़ा में BAP की सीटें और सलूंबर में एक जीत दक्षिण राजस्थान में पार्टी के स्थानीय आधार को दिखाती हैं. राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव में 10,245 पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ था. इन चुनावों के नतीजों से नगर निकायों में नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं. BAP के लिए सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि विधानसभा और लोकसभा के बाद क्या वह नगर निकायों के जरिए राजस्थान की शहरी राजनीति में भी अपनी जगह मजबूत कर पाएगी. फिलहाल डूंगरपुर, सागवाड़ा और सलूंबर के नतीजे पार्टी के लिए एक अहम संकेत जरूर हैं.



