Rajasthan

बोर्ड गठन से पहले सियासी घमासान, कांग्रेस ने पार्षदों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप

जयपुर. राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब बोर्ड गठन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा पर सत्ता और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि जयपुर में पुलिस और प्रशासन के जरिए कांग्रेस तथा कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें भाजपा के खेमे में शामिल करने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस ने टोंक जिले की दूनी नगरपालिका का मामला प्रमुखता से उठाया, जहां पार्टी की चेयरमैन उम्मीदवार अर्चना बड़गूजर के परिजनों ने उन्हें पुलिस द्वारा उठाकर ले जाने का आरोप लगाया है.

कांग्रेस के मुताबिक अर्चना के लापता होने का मामला गंभीर है और उनके परिवारजन जयपुर पहुंचकर पार्टी नेताओं से मिले हैं.स्वर्णिम चतुर्वेदी ने झुंझुनूं के मंडावा, अलवर के मंडावर, सीकर, करौली और सपोटरा के मामलों का भी जिक्र किया . उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग क्षेत्रों में पार्षदों और उनके परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा और पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है.

मंडावा में भी पुलिस कार्रवाई का आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने झुंझुनूं जिले के मंडावा का भी मामला उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों के एकत्रित होने की जगह पर पुलिस ने जबरन रेड की और पार्षदों पर दबाव बनाने का प्रयास किया. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और इसी बीच पार्षदों पर दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसी तरह अलवर जिले के मंडावर में एक पार्षद के परिजन को पुलिस द्वारा ले जाने का आरोप लगाया गया. कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि इस घटनाक्रम के विरोध में विधायक ललित यादव ने धरना दिया. उन्होंने कहा कि अलवर में हुए घटनाक्रम की जानकारी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को भी दी गई और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया है.

सीकर से करौली तक पुलिस पर दबाव बनाने के आरोप

कांग्रेस ने सीकर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुनीता गठाला के घर पुलिस पहुंचने का भी जिक्र किया. पार्टी का आरोप है कि पुलिस के जरिए उन पर भी दबाव बनाने की कोशिश की गई. कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि करौली और सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के पार्षदों के मामले में भी पुलिस प्रशासन की ओर से इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है. कांग्रेस ने इन मामले को लेकर सरकार और भाजपा पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा या पुलिस प्रशासन की ओर से पक्ष सामने आना बाकी है. ऐसे में पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना होगा.

परिजनों ने कहा- बच्चे छोटे हैं, जबरन उठाना अत्याचार

अर्चना बड़गूजर के परिजनों ने दावा किया कि अर्चना के बच्चे छोटे हैं और इस तरह किसी को जबरन ले जाना परिवार के लिए बेहद परेशान करने वाला है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की. अर्चना बड़गूजर के मामले ने इसलिए भी राजनीतिक तूल पकड़ा है क्योंकि उन्होंने नगर निकाय चुनाव भाजपा के सिंबल पर जीता था, जबकि अब कांग्रेस ने उन्हें दूनी नगरपालिका में चेयरमैन पद का उम्मीदवार बनाया है. नगरीय निकाय चुनाव के बाद बोर्ड गठन को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और इसी बीच कांग्रेस की ओर से ये आरोप लगाए गए हैं.

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