Sambhar Lake: बॉलीवुड का फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन बना सांभर, लड़ाई के सीन से पंजाबी सॉन्ग तक यहां दिखता है हर रंग

नागौर: सांभर झील फिल्म जगत के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों के एलबम व प्रि-वेडिंग शूट के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन मानी जाती है. यह जगह पर्यटकों के साथ-साथ बॉलीवुड इंडस्ट्री के लोगों को भी खूब पसंद आ रही है. झील के पास की जमीन का एक बड़ा हिस्सा सूखा है. इस हिस्से का फायदा फिल्म निर्माताओं को होता है क्योंकि वो यहां अपनी फिल्म के लड़ाई के सीन शूट कर सकते हैं. शाकम्भरी माता मंदिर के पास खुले मैदान में जोधा अकबर, द्रोणा और वीर जैसी कई बॉलिवुड की फिल्मों के लड़ाई वाले सीन फिल्माए गए थे.
इसके अलावा रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म रामलीला के कुछ सीन देवयानी मंदिर के पास फिल्माए गए थे. हाल ही में मूवी आवारापन-2 की मुख्य दृश्य सांभर झील पर फिल्माया गया है. झील पर दो दर्जन से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. इन दिनों पंजाबी सिंगर काका अपने लिखे हिजाब ए हया सॉन्ग की शूटिंग में लगे हैं. इसके साथ ही जयपुर, अजमेर, नागौर, सीकर, पुष्कर सहित राज्य के अनेक स्थानों से लोग प्री वेडिंग शूट के लिए यहां पहुंचते हैं.
झील के चारों तरफ है लगभग 35 गांव
देश में नमक की इस सबसे बड़ी झील के चारों तरफ लगभग 35 गांव बसे हुए हैं. सांभर लेक कस्बा शूटिंग के लिए बॉलीवुड की पसंदीदा जगह रहा है. यहां अब तक अनेक फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. संजय लीला भंसाली की रामलीला, संजय दत्त अभिनीत शेर, राजकुमार हिरानी की चर्चित फिल्म पीके के अलावा राकेश ओमप्रकाश मेहरा की ‘दिल्ली-6, जोधा अकबर, वीर और द्रोण जैसी फिल्मों की शूटिंग भी यहीं हुई है. आमिर खान की फिल्म पीके का पहला नंगे पोस्टर वाला दृश्य सांभर झील के झपोक रेलवे ट्रैक पर फिल्माया गया था.
लड़ाई और लाव-लश्कर के दृश्यों के लिए परफेक्ट है जगह
अंग्रेजों के जमाने में बनी इस रेलवे लाइन पर छोटी ट्रॉलीनुमा गाडियां चलती है या फिर नमक ढोने वाले वैगन. झील का बड़ा भू-भाग सूखा है, जो लड़ाई और लाव-लश्कर के दृश्यों के लिए फिल्म निर्माताओं की पसन्दीदा जगह रहा है. नेशनल हाइवे से जुड़े जयपुर के नजदीक इस शांत कस्बे में बहुत कम खर्च में ही फिल्मों की शूटिंग हो जाती है. यहां मौजूद खुला और पीछे की तरफ सफेद नमक का रेगिस्तान दृश्य को और भी अधिक खास बना देता है. फिल्म निर्माताओं के लिए यह जगह एकदम परफेक्ट मानी जाती है.
90 वर्ग मील में फैला है नमक का रेगिस्तान
सांभर झील समुद्र तल से 1,200 फुट की ऊंचाई पर है और भरे रहने पर इसका क्षेत्रफल 90 वर्ग मील में फैला रहता है. सांभर झील में तीन नदियां आकर गिरती हैं. इस झील की दिलचस्प बात ये है कि इससे बड़े पैमाने पर नमक का उत्पादन किया जाता है. एक अन्य हिंदू मान्यता के अनुसार, शाकम्भरी देवी जो कि चौहान राजपूतों की रक्षक देवी हैं, ने यहां स्थित एक वन को बहुमूल्य धातुओं के एक मैदान में परिवर्तित कर दिया था. लोग इस संपदा को लेकर होने वाले संभावित झगड़ों के लेकर चिंतित हो गए और इसे एक वरदान के स्थान पर श्राप समझने लगे. लोगों ने देवी से अपना वरदान वापस लेने की प्रार्थना की तो देवी ने सारी चांदी को नमक में परिवर्तित कर दिया. यहां शाकम्भरी देवी को समर्पित एक मंदिर भी मौजूद है.



