NIA chargesheet Online radicalisation case। ISIS terror module NIA Chargesheet। इंस्टाग्राम पर स्लो पॉइजन का खेल: 9 लड़कों पर चला ऐसा चाबुक

नई दिल्ली. सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे चल रहा था दहशत का खतरनाक खेल. क्या आप सोच सकते हैं कि इंस्टाग्राम जैसी आम ऐप पर युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकवाद की आग में झोंका जा रहा था? राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से जुड़े ऑनलाइन कट्टरपंथ मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है. NIA ने विजयवाड़ा की विशेष अदालत में 9 कुख्यात आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ चार्जशीट दाखिल कर दी है. मामला सिर्फ कट्टरपंथ फैलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि देश की सुरक्षा को दहलाने के लिए एक सीक्रेट कम्युनिकेशन ऐप तक तैयार कर लिया गया था. आइए जानते हैं इस सनसनीखेज साजिश और एनआईए की इस बड़ी कार्रवाई के अंदर की पूरी कहानी.
ISIS की खतरनाक साजिश और सोशल मीडिया का जाल
• सोशल मीडिया पर ब्रेनवाश: NIA की जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के खतरनाक मोहरे और समर्थक थे.• इंस्टाग्राम का इस्तेमाल: ये सभी आरोपी इंस्टाग्राम जैसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भोले-भाले युवाओं को टारगेट कर रहे थे और उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर धकेल रहे थे.• बड़ा मकसद: इस खौफनाक साजिश का मुख्य उद्देश्य भारत में हिंसक जिहाद के जरिए खिलाफत स्थापित करना और देश की संप्रभुता व अखंडता को गंभीर नुकसान पहुंचाना था.
विस्फोटक, हथियार और सीक्रेट कम्युनिकेशन ऐप का पर्दाफाश
• गुप्त बातचीत के लिए ऐप: आरोपियों के शातिर दिमाग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने आपस में बातचीत को पूरी तरह छुपाने के लिए एक खास ‘सिक्योर कम्युनिकेशन एप्लिकेशन’ भी तैयार कर लिया था और उसका परीक्षण किया था.• ट्रेनिंग की योजना: जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने युवाओं को सिर्फ कट्टरपंथी ही नहीं बनाया, बल्कि उन्हें विस्फोटक तैयार करने और हथियारों की खतरनाक ट्रेनिंग देने की भी पूरी योजना बना रखी थी.• किन धाराओं में कसा शिकंजा: NIA ने इन तमाम आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम यानी UAPA की गंभीर धाराओं 13(1), 38 और 39 के तहत शिकंजा कसा है.
इन 9 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीटNIA ने जिन 9 आरोपियों के नाम अपनी इस चार्जशीट में दर्ज किए हैं, वे इस प्रकार हैं:1. मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ
2. मोहम्मद दानिश
3. मिर्जा सोहेल बेग
4. लकी अहमद
5. जीशान अब्दुल मजीद
6. मीर आशिफ अली
7. अब्दुल सलाम
8. शारुक खान
9. शेख फैज उर रहमान
केस का इतिहास और आगे की कार्रवाई
• कब शुरू हुआ मामला: यह पूरा मामला सबसे पहले 23 मार्च 2026 को विजयवाड़ा के विजयवाड़ा-II टाउन पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 98/2026 के रूप में दर्ज किया गया था.• NIA की एंट्री: मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इसकी कमान अपने हाथ में ली और इसे अपने रिकॉर्ड में RC-01/2026/NIA/VSKP के तौर पर दर्ज किया.• गिरफ्तारियां जारी: जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया जा चुका है. फिलहाल, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी का दौर लगातार जारी है.



