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घर में घूम रही थी मामूली बिल्ली, वैज्ञानिकों ने DNA जांचा तो उड़ गए होश, 100 साल बाद मिली नई प्रजाति

Last Updated:September 18, 2026, 12:40 IST

बोलीविया के युंगास जंगल में वैज्ञानिकों ने नई जंगली बिल्ली प्रजाति Leopardus tilcayo की पहचान की है. करीब 46 सेंटीमीटर लंबी और 1.4 किलो वजन वाली यह बिल्ली घरेलू बिल्ली से भी छोटी है. DNA जांच से पता चला कि इसकी वंशावली करीब 14 लाख साल पहले बाकी टाइगर कैट से अलग हो गई थी.घर में घूम रही थी मामूली बिल्ली, वैज्ञानिकों ने DNA जांचा तो उड़ गए होशZoomबिल्ली की नई प्रजाति मिली है. (Reuters)

बोलीविया के बादलों से ढके जंगलों में वैज्ञानिकों को एक ऐसी जंगली बिल्ली मिली है, जिसे दुनिया ने पहली बार अब जाकर पहचाना है. करीब 46 सेंटीमीटर लंबी और सिर्फ 1.4 किलो वजनी यह बिल्ली औसत घरेलू बिल्ली से भी छोटी है, लेकिन इसकी कहानी लाखों साल पुरानी है. वैज्ञानिकों ने इसे नई प्रजाति के तौर पर Leopardus Tilcayo नाम दिया है. खास बात यह है कि इस बिल्ली को एक स्थानीय परिवार अपने घर में पाल रहा था. अब ये विज्ञान के लिए बिल्कुल नई निकली.

100 साल बाद मिली नई जंगली बिल्ली

दक्षिण अमेरिका के बोलीविया स्थित युंगास के पहाड़ी जंगलों में मिली यह बिल्ली टाइगर कैट समूह का हिस्सा है. शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक सदी से ज्यादा समय बाद पहली बार किसी जीवित नई बिल्ली प्रजाति को औपचारिक रूप से नाम दिया गया और वैज्ञानिक तौर पर दर्ज किया गया है. इसका स्थानीय नाम तिलकायो है. इसका शरीर हल्के भूरे रंग का है और उस पर अनियमित आकार के रोसेट यानी फूल जैसी गोल-गोल धारियां दिखाई देती हैं. आकार छोटा है, लेकिन वैज्ञानिकों के लिए इसका रहस्य काफी बड़ा निकला.

बिल्ला अब अभ्यारण्य में रहेगा.

10 साल का है बिल्ला

इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा एक 10 साल का नर तिलकायो है. शोध में शामिल दो जीवित बिल्लियों में से यह बिल्ली पहले एक स्थानीय परिवार के घर में रहता था. अब इसे सेंदा वर्दे वन्यजीव अभयारण्य में रखा गया है. यानी जिस जानवर को एक सामान्य जंगली या पालतू बिल्ली समझकर घर में रखा गया, उसके डीएनए ने बाद में वैज्ञानिकों को चौंका दिया. शोधकर्ताओं का ध्यान तब गया जब इस बिल्ली की शारीरिक बनावट मौजूदा टाइगर कैट प्रजातियों के विवरण से मेल नहीं खा रही थी. इसके बाद असली वैज्ञानिक पड़ताल शुरू हुई.

14 लाख साल पहले बदल गई प्रजाति

शोधकर्ताओं ने दक्षिण अमेरिका के अलग-अलग देशों से 38 बिल्लियों के आनुवंशिक नमूनों का विश्लेषण किया. इनमें संग्रहालयों में रखे आठ नमूने भी शामिल थे. डीएनए जांच ने पूरा खेल बदल दिया. जिस टाइगर कैट समूह को पहले एक ही प्रजाति माना जाता था, उसमें वास्तव में पांच अलग-अलग आनुवंशिक प्रजातियां मिलीं. इनमें बोलीविया की तिलकायो भी शामिल है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी वंशावली करीब 14 लाख साल पहले बाकी टाइगर कैट से अलग हो गई थी. यानी यह बिल्ली लाखों साल से अपनी अलग पहचान के साथ मौजूद थी, लेकिन इंसानों की वैज्ञानिक नजर अब जाकर इस पर पड़ी.

About the AuthorYogendra Mishra

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…

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September 18, 2026, 12:40 IST

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