क्या मोहसिन नकवी के हाथ से मेडल लेंगे भारतीय क्रिकेटर? एशियन गेम्स में फिर बायकॉट की आहट

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नकवी से मेडल लेंगे भारतीय क्रिकेटर? एशियन गेम्स में फिर बायकॉट की आहट
Last Updated:September 19, 2026, 19:42 IST
एशिया कप 2025 में भारतीय मेंस टीम ने मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से इंकार किया था. इसके बाद हाल ही में भारत की महिला टीम ने भी नकवी का बयाकॉट किया. इन दोनों मौकों पर नकवी एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ के तौर पर ट्रॉफी देने आए थे. ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर एशियन गेम्स में मोहसिन नकवी मेडल देने आएंगे तो क्या फिर से भारतीय खिलाड़ी बायकॉकट करेंगे. मोहसिन नकली और भारतीय महिला टीम
नई दिल्ली: एशिया कप की दो ट्रॉफी हड़पने के बाद अब एशियन गेम्स में भी मोहसिन नकवी की मौजूदगी देखने को मिल सकती है. पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने एशिया कप में मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी का बायकॉट किया था. उसके बाद हाल ही में भारत की महिला टीम ने भी नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं ली. वहीं, अब एक रिपोर्ट में ये कहा जा रहा है कि नकवी को एशियन गेम्स में भी मेडल देने के लिए बुलाया जा सकता है.
दरअसल, मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृहमंत्री होने के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के भी चीफ हैं. ऐसे में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया नकवी को मेडल वितरण समारोह के लिए आमंत्रित कर सकता है. वहीं, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की मुताबिक अगर नकवी मेडल देने आते हैं तो फिर भारतीय को लेना पड़ेगा.
भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमें गोल्ड की दावेदार
बता दें कि भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमें एशियाई खेलों में मौजूदा चैंपियन हैं और इस साल आइची-नागोया 2026 में फिर से गोल्ड पदक जीतने की प्रबल दावेदार हैं. टीओई के रिपोर्ट में बताया गया है कि, “OCA के नियमों और भारतीय ओलंपिक संघ के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, यदि कतर के OCA अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी द्वारा नकवी को आधिकारिक तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो भारतीय एथलीटों से अपने मेडल स्वीकार करने की उम्मीद की जाएगी. अगर टीम इंडिया ऐसा नहीं करती है तो ये OCA का अपमान जाएगा, जिसके लिए कार्रवाई भी की जा सकती है.”
बीसीसीआई ने भी दी है इस स्थिति पर प्रतिक्रिया
बीसीसीआई के रुख के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “हमारा पूरा ध्यान अभी सिर्फ मैच पर है. टीमों को पहले पोडियम तक पहुंचना होगा. उस समय की सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हम तभी फैसला लेंगे. जब वह स्थिति सामने आएगी तब हम उससे निपटेंगे. बोर्ड और खिलाड़ियों का ध्यान सिर्फ मैच जीतने पर है. हम ऐसी किसी भी बात पर टिप्पणी नहीं करना चाहते जो अभी तक नहीं हुई है.”
About the AuthorJitendra Kumar
जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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New Delhi,Delhi
First Published :
September 19, 2026, 14:18 IST



