सचिन पायलट के गढ़ में सेंध लगाने चली थी बीजेपी, कांग्रेस ने दी धोबी-पछाड़, टोंक में मयंक गोयल बने सभापति

टोंक. राजस्थान निकाय चुनाव में टोंक नगर परिषद को नया सभापति मिल गया है. कांग्रेस के युवा नेता मयंक गोयल ने सभापति पद संभाल लिया है. 59 वार्डों वाली नगर परिषद में कांग्रेस के 32 पार्षद जीतकर आए थे. इसके बाद पार्टी ने 6 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाया और कुल 38 वोटों के साथ अपना बोर्ड बना लिया. बता दें कि टोंक सचिन पायलट का क्षेत्र है, इसलिए कांग्रेस के साथ उनकी भी परीक्षा थी.
सभापति पद के लिए कई दावेदारों के नाम चर्चा में थे, लेकिन आखिरकार युवा चेहरा मयंक गोयल के नाम पर मुहर लगी. इस पूरे चुनावी समीकरण में हंसराज चौधरी की भूमिका भी अहम बताई जा रही है.
टोंक नगर परिषद सभापति चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर लिया है. 59 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस के 32 पार्षद चुने गए थे. पार्टी ने 6 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन लेकर कुल 38 वोट हासिल किए. इसके साथ ही कांग्रेस के मयंक गोयल सभापति चुने गए. अब टोंक नगर परिषद की कमान युवा चेहरे के हाथों में है.
हंसराज चौधरी की भूमिका अहम
मयंक गोयल को सभापति बनाने के फैसले में हंसराज चौधरी की भूमिका अहम बताई जा रही है. टिकट वितरण से लेकर सभापति के चयन तक उनकी भूमिका चर्चा में रही. सभापति पद के लिए कांग्रेस में कई दावेदार बताए जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने युवा चेहरे मयंक गोयल पर भरोसा जताया.
मयंक गोयल.
विकास को प्राथमिकता देने की बात
सभापति बनने के बाद अब मयंक गोयल के सामने टोंक के विकास को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है. शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की उम्मीद है.
7 नगरपालिकाओं पर बीजेपी का कब्जा
जिले की 9 नगरपालिकाओं में से 8 के अध्यक्ष पद के नतीजे सामने आ गए हैं. इनमें 7 निकायों में बीजेपी ने अपना बोर्ड बना लिया है, जबकि उनियारा में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. निवाई में कांग्रेस के ज्यादा पार्षद होने के बावजूद बीजेपी ने सेंधमारी कर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया. वहीं, दूनी में बीजेपी ने महज एक वोट के अंतर से बाजी मारी.
डिग्गी में बीजेपी तो उनियारा में कांग्रेस का परचम
टोंक की डिग्गी नगरपालिका में बीजेपी के अरविंद शर्मा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. उन्हें 15 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के करमचंद मीणा को 10 वोट हासिल हुए. इस जीत के साथ डिग्गी में बीजेपी का बोर्ड बन गया.
उनियारा नगरपालिका में कांग्रेस के नरेश गुर्जर ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया. नरेश गुर्जर को 12 वोट मिले, जबकि बीजेपी के अभय सिंह को 8 वोट हासिल हुए. इस नतीजे के साथ उनियारा में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने में कामयाब रही.
निवाई में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में बीजेपी की सेंधमारी
लांबाहरिसिंह नगरपालिका में बीजेपी की सोनिया सोनी ने कांग्रेस प्रत्याशी को 8 वोटों से हरा दिया. बीजेपी को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के खाते में 6 वोट आए. जीत के बाद बीजेपी समर्थकों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया.
निवाई नगरपालिका चुनाव में बीजेपी के नरेंद्र शर्मा ने कांग्रेस की रेखा जैन को हराकर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया. नरेंद्र शर्मा 2 वोटों के अंतर से विजयी हुए. निवाई के 40 वार्डों में बीजेपी के 18 और कांग्रेस के 19 पार्षद जीते थे. इसके बावजूद बीजेपी अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रही. नतीजों से साफ है कि चुनाव में पार्षदों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग के समीकरण अहम रहे.
टोडारायसिंह में बीजेपी के संत कुमार जैन की जीत
टोडारायसिंह नगरपालिका में बीजेपी के संत कुमार जैन अध्यक्ष चुने गए. उन्हें 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सत्यनारायण सैनी को 7 वोट हासिल हुए. रिटर्निंग ऑफिसर जयंत कुमार ने संत कुमार जैन के विजयी होने की घोषणा की.
देवली नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी की कजोड़ी देवी ने बड़ी जीत दर्ज की. उन्हें 24 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के बनवारी बेरवा को 11 वोट हासिल हुए. कजोड़ी देवी ने 13 वोटों के अंतर से चुनाव जीत लिया.
पीपलू में बीजेपी के रमेश वर्मा बने अध्यक्ष
पीपलू नगरपालिका में बीजेपी के रमेश वर्मा ने कांग्रेस के पंकज बैरवा को हरा दिया. रमेश वर्मा को 13 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी को 7 वोट मिले. बीजेपी ने 6 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. दूनी नगरपालिका में बीजेपी की अर्चना बलाई अध्यक्ष चुनी गईं. बीजेपी को 10 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 9 वोट हासिल हुए. इस तरह बीजेपी ने महज एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की.



