धोनी ने लिखी दोस्ती की नई दास्तां, जहीर को दिलाई CSK परिवार में मुखिया की जगह, 2011 वर्ल्ड कप जिताने का रिटर्न गिफ्ट!

नई दिल्ली. कृष्ण सुदामा की दोस्ती से लेकर भारत में दोस्ती के कई किस्से कहानियां अक्सर सुनने को मिलते है इससे अछूता क्रिकेट का मैदान भी नहीं रहा. इतिहास पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि अमीर दोस्त हमेशा अपने गरीब दोस्त की मदद करता है पर दो बराबर के लोग ऐसा कम ही कर पाते है पर क्रिकेट का मैदान पर ऐसा देखने को मिला जब माही ने अपने सबसे भरोसेमंद दोस्त को वो दिला दिया जिसकी उम्मीद कोई नहीं कर रहा थे.
धोनी के सुझाव के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन के लिए भारत के महान पूर्व तेज गेंदबाज ज़हीर ख़ान को अपना नया हेड कोच नियुक्त कर दिया है. फ्रेंचाइजी क्रिकेट के इतिहास में यह एक युगांतरकारी बदलाव है, क्योंकि ज़हीर ने उस लंबे कोचिंग कार्यकाल की जगह ली है जो पिछले कई वर्षों से टीम के थिंक-टैंक का सबसे मजबूत स्तंभ था. जब टीम के लिए नए कोच की तलाश शुरू हुई, तो कई विदेशी और देसी दिग्गजों के बड़े-बड़े नाम रेस में शामिल थे लेकिन, तमाम अटकलों और बड़े नामों को पीछे छोड़ते हुए बाजी मारी भारत के ‘जैक’ यानी ज़हीर ख़ान ने.ज़हीर को इस सबसे प्रतिष्ठित पद पर लाने के पीछे चेन्नई के थाला यानी महेंद्र सिंह धोनी की दूरगामी मंशा और अटूट विश्वास सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है.
धोनी ने चलाया दोस्ती का मास्टर स्ट्रोक
सीएसके के क्रिकेट मैनेजमेंट और खास तौर पर एमएस धोनी की यह स्पष्ट सोच थी कि इस बार टीम की कमान किसी ऐसे भारतीय दिग्गज को सौंपी जाए, जो घरेलू स्तर पर युवाओं की नब्ज पहचानता हो. ज़हीर ख़ान न केवल एक चतुर रणनीतिकार हैं, बल्कि खेल की उनकी समझ असाधारण है. धोनी जानते हैं कि टीम इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहाँ नए और युवा खिलाड़ियों की फौज खड़ी करनी है. ऐसे में ज़हीर से बेहतर ‘क्रिकेटिंग ब्रेन’ दूसरा कोई नहीं हो सकता था. पूर्व में अन्य बड़ी फ्रेंचाइजी के साथ काम करने का ज़हीर का रणनीतिक अनुभव अब चेन्नई के लिए संजीवनी का काम करेगा.
मैदान से शुरू हुई वो ज़बरदस्त बॉंडिंग
एमएस धोनी और ज़हीर ख़ान का रिश्ता महज़ एक कप्तान और गेंदबाज का नहीं रहा है. भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम दौर, विशेषकर 2011 के ऐतिहासिक विश्व कप अभियान में इन दोनों की केमिस्ट्री देखने लायक थी, जहाँ ज़हीर भारत के सबसे सफल गेंदबाज बनकर उभरे थे. मैदान पर जब भी टीम मुश्किल में होती थी, धोनी बिना सोचे गेंद ज़हीर के हाथ में थमा देते थे और ज़हीर अपने कप्तान के भरोसे पर हमेशा खरे उतरते थे. क्रिकेट खेलने के दौरान उपजी वह ज़बरदस्त बॉंडिंग और आपसी सम्मान आज भी उतना ही गहरा है. जब मैदान पर दोनों की जुगलबंदी ने पलटा मैच (रोचक किस्से)धोनी और ज़हीर के बीच की अंडरस्टैंडिंग को समझने के लिए इतिहास के पन्नों को पलटना होगा. 2011 विश्व कप के दौरान जब भी टीम इंडिया संकट में होती थी, धोनी सिर्फ ज़हीर की तरफ देखते थे. ऐसा ही एक किस्सा इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले का है, जहां एंड्रयू स्ट्रॉस भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहे थे धोनी ने गेंद ज़हीर को थमाई और उन्हें फील्डिंग अपनी मर्जी से लगाने की पूरी आजादी दी. ज़हीर ने अपनी ही रणनीति से स्ट्रॉस और इयान बेल को लगातार गेंदों पर आउट कर मैच का पासा पलट दिया था.
धोनी के बॉलिंग कप्तान थे जहीर
एक और दिलचस्प वाकया टेस्ट क्रिकेट का है, जहां धोनी विकेट के पीछे से ज़हीर को अक्सर ‘जैक’ कहकर पुकारते थे. जब भी कोई नया बल्लेबाज क्रीज पर आता, धोनी विकेट के पीछे से चिल्लाते, “जैक, इसके पैर नहीं चल रहे, थोड़ा आगे डाल. ज़हीर बिना किसी हिचकिचाहट के अपने कप्तान की इस ‘सीक्रेट कोड’ वाली सलाह को मानते और अगली ही गेंद पर बल्लेबाज चकमा खा जाता. धोनी अक्सर कहते थे कि ज़हीर भारतीय गेंदबाजी के ‘कप्तान’ हैं, जिन्हें रणनीति बताने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वे खुद कप्तान को सलाह देते हैं.
दोस्ती और आपसी समझ ने किया कमाल
क्रिकेट के मैदान से बाहर भी दोनों की दोस्ती और आपसी अंडरस्टैंडिंग बेमिसाल रही है. धोनी की शांत और गंभीर लीडरशिप को ज़हीर का आक्रामक और तार्किक दृष्टिकोण हमेशा संतुलित करता था. यही कारण है कि जब चेन्नई सुपर किंग्स के मैनेजमेंट में नए हेड कोच के नाम पर माथापच्ची हो रही थी, तब धोनी ने ज़हीर के नाम को सबसे ऊपर रखा. दोनों की पुरानी ट्यूनिंग और एक-दूसरे के विचारों को बिना कहे समझ लेने की क्षमता ने ही इस तालमेल को मुकम्मल बनाया है. ज़हीर ख़ान के लिए यह सफर कांटों भरा ताज भी हो सकता है, क्योंकि चेन्नई को एक बार फिर से खिताबी दौड़ में सबसे आगे लाना होगा लेकिन जहाँ चुनौती होती है, वहीं धोनी और ज़हीर जैसे चैंपियन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं. पीली जर्सी के प्रशंसकों के लिए धोनी और ज़हीर की इस जोड़ी को डगआउट में एक साथ रणनीतियाँ बुनते देखना किसी सपने के सच होने जैसा होगा. उम्मीद है कि क्रिकेट के इतिहास की यह सबसे सफल और समझदार जोड़ियों में से एक, चेन्नई सुपर किंग्स को एक बार फिर सफलता के शिखर पर ले जाएगी.



