Health

माथे के पिंपल से रूखी त्वचा तक, तनाव का पहला निशान चेहरे पर कहां दिखता है? इन संकेतों को समझें

Impact of Stress on Skin: कभी चेहरे पर अचानक एक-दो पिंपल निकल आते हैं, त्वचा जरूरत से ज्यादा ऑयली लगती है या आईने में चेहरा थका-सा दिखाई देने लगता है. ऐसे बदलावों को हम अक्सर नींद की कमी, मौसम या स्किन केयर रुटीन से जोड़ देते हैं, लेकिन लगातार तनाव भी त्वचा पर असर डाल सकता है. तनाव का असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं दिखता और ऐसा कोई तय हिस्सा नहीं है जहां सबसे पहले इसका निशान दिखाई दे.

फिर भी चेहरे की त्वचा पर बढ़ा हुआ तेल, acne flare-up, रूखापन, जलन या संवेदनशीलता जैसे बदलाव नजर आ सकते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार तनाव कुछ लोगों में एकने को बढ़ा सकता है और पहले से मौजूद स्किन कंडिशन्स को भड़का सकता है.

तनाव का असर चेहरे पर कैसे दिख सकता है?

तनाव के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं. इनमें cortisol भी शामिल है. इसका असर त्वचा की ऑयल प्रॉडक्शन और इन्फ्लेमेशन पर पड़ सकता है. यही वजह है कि जिन लोगों की त्वचा एकने-प्रोन है, उनमें तनाव के दौर में पिंपल या ब्रेकआउट ज्यादा नजर आ सकते हैं.

माथे और चेहरे पर बढ़े पिंपल

तनाव के साथ चेहरे पर acne बढ़ना सबसे आसानी से नजर आने वाले बदलावों में से एक हो सकता है. खासकर जिन लोगों को पहले से पिंपल की समस्या रहती है, उनमें stress flare-up को बढ़ा सकता है. हालांकि माथे पर निकलने वाले हर पिंपल को तनाव का नतीजा मानना सही नहीं है. हेयर प्रॉडक्ट्स, स्किनकेयर प्रॉडक्ट्स, हार्मोनल बदलाव और दूसरी वजहें भी इसकी जिम्मेदार हो सकती हैं. इसलिए अगर किसी तनाव भरे सप्ताह में चेहरे पर अचानक छोटे-छोटे दाने बढ़ जाएं तो skincare को जरूरत से ज्यादा बदलने के बजाय अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान देना जरूरी है.

त्वचा ज्यादा ऑयली या संवेदनशील क्यों लग सकती है?

कुछ लोगों में तनाव के दौरान त्वचा ज्यादा तैलीय महसूस हो सकती है. अतिरिक्त तेल pores को clog करने में योगदान दे सकता है और एकने-प्रोन स्किन में ब्रेक आउट बढ़ सकता है. दूसरी तरफ कुछ लोगों को त्वचा रूखी, खिंची हुई या ज्यादा सेंसिटिव महसूस हो सकती है. तनाव कुछ स्किन कंडिशन्स में खुजली, इर्रीटेशन और इन्फ्लामेशन को बढ़ा सकता है. उदाहरण के लिए एग्जीमा से जूझ रहे लोगों में stress flare-up का एक ट्रीगर हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार रूखी या लाल त्वचा के पीछे तनाव ही कारण है. मौसम, स्किनकेयर प्रॉडक्ट्स, एलर्जी और पहले से मौजूद स्किन कंडिशन भी भूमिका निभा सकते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

आंखों के आसपास थकान का असर

तनाव अक्सर नींद की दिनचर्या को भी बिगाड़ देता है. ऐसे में आंखों के आसपास थकान और चेहरा डल नजर आ सकता है, लेकिन इसे सीधे तनाव का खास त्वचा संकेत मानना ठीक नहीं होगा, क्योंकि कम नींद, डिहाइड्रेशन और दूसरी लाइफ स्टाइल हैबिट्स भी चेहरे की अपियरेंस को प्रभावित कर सकती हैं.

तनाव में skincare routine कैसी रखें?

तनाव के समय त्वचा को संभालने के लिए बहुत सारे नए pप्रॉडक्ट्स आजमाना जरूरी नहीं है. खासकर एकने या इर्रीटेशन होने पर बार-बार स्क्रब करना या चेहरे को रगड़ना समस्या बढ़ा सकता है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एकने प्रोन स्किन के लिए जेंटल स्किन केयर और non-comedogenic या ऑयल फ्री प्रॉडक्ट्स पर जोर देती है. सुबह और रात हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना, जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइज़र लगाना और दिन में सन्सक्रीन इस्तेमाल करना एक सरल रुटीन हो सकता है, अगर कोई प्रॉडक्ट लगाने के बाद जलन या इर्रीटेशन बढ़ती है तो उसे जारी रखने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.

कब सिर्फ तनाव मानकर नजरअंदाज न करें?

अगर पिंपल लगातार बढ़ रहे हैं, त्वचा में बहुत ज्यादा खुजली या लालिमा है, बार-बार rash हो रहा है या समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो केवल तनाव को वजह मानकर छोड़ना सही नहीं है. कई स्किन कंडिशन्स के लक्षण एक जैसे दिखाई दे सकते हैं और सही कारण जानने के लिए dermatologist की सलाह जरूरी हो सकती है. सबसे जरूरी बात यह है कि चेहरे पर बदलाव दिखना तनाव का पक्का प्रमाण नहीं होता. त्वचा शरीर में चल रहे कई बदलावों का संकेत दे सकती है, लेकिन सही कारण समझने के लिए पूरी स्थिति देखना जरूरी है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj