309 निकायों में BJP के 200 बोर्ड, कांग्रेस 94 पर सिमटी, 9 जिलों में नहीं खुला खाता

जयपुर: राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह से साफ कर दिया है. सोमवार को घोषित हुए परिणामों के अनुसार, प्रदेशभर के नगरीय निकायों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारी बहुमत के साथ अपना परचम लहराया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. राज्य के कुल 309 निकायों में से अधिकांश पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.
भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल 309 नगरीय निकायों में से 200 निकायों में भाजपा ने अपने बोर्ड बनाकर जीत प्राप्त की है. इसके विपरीत, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी केवल 94 निकायों में ही सिमटकर रह गई है. इसके अलावा, इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 05 निकायों पर अपना कब्जा जमाया है, जबकि अन्य दलों के खाते में 03 निकाय गए हैं तथा कुछ स्थानों पर परिणाम अभी शेष हैं.
अगर निकायों के वर्गीकरण की बात करें तोनगर निगम: कुल 10 निगमों में से भाजपा ने 06 पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को 01 में सफलता मिली है और शेष के परिणाम आने बाकी हैं.
नगर परिषद: कुल 47 परिषदों में से भाजपा ने 31 पर और कांग्रेस ने 13 पर जीत हासिल की है.
नगर पालिका: कुल 252 पालिकाओं में से भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 80 सीटों पर अपना बोर्ड बनाया है.
कांग्रेस का सूपड़ा साफ और जिलों में बदतर स्थितिइन निकाय परिणामों में कांग्रेस पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई है. स्थिति यह रही कि राज्य के 9 प्रमुख जिलों—बालोतरा, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, डीग, डूंगरपुर, कोटा, फलोदी और पाली में कांग्रेस पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका और इन सभी जगहों पर पार्टी का एक भी बोर्ड नहीं बन पाया. इसके अलावा, अजमेर, बांसवाड़ा, जैसलमेर, जालोर, प्रतापगढ़ और सिरोही जैसे 6 जिलों में कांग्रेस पार्टी केवल एक-एक बोर्ड पर ही सिमटकर रह गई. पार्टी की इस फजीहत से संगठन के भीतर आंतरिक कलूर और रणनीतिक कमियां खुलकर सामने आ गई हैं.
आगामी परिणाम और राजनीतिक विश्लेषणमुख्यालय प्रभारी और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जयपुर, जोधपुर व कोटा नगर निगमों तथा सुकेत नगर पालिका के परिणाम 25 सितंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे, जहां भी भाजपा की विजय पूरी तरह सुनिश्चित मानी जा रही है. जानकारों का मानना है कि शहरी स्थानीय निकायों में यह प्रचंड जीत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों और संगठन की मजबूती पर मुहर लगाती है, जबकि कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है.



