सिर्फ प्रवासी पक्षी ही नहीं, 13 तरह के सांप और सैकड़ों अजगर भी हैं यहां, रोमांचक है घना का जंगल

Last Updated:September 22, 2026, 12:22 IST
Bharatpur Keoladeo National Park: भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान दुनिया भर में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है. सर्दियों के मौसम में यहां देश-विदेश से आने वाले पक्षियों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है. लेकिन केवलादेव घना की जैव विविधता सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं है. पार्क में कई तरह के सांप भी पाए जाते हैं.जिनमें सांपों की करीब 13 प्रजातियां शामिल हैं.
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भरतपुर: भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान दुनिया भर में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों के मौसम में यहां देश-विदेश से आने वाले पक्षियों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है, लेकिन केवलादेव घना की जैव विविधता सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं है. पार्क में कई तरह के सांप भी पाए जाते हैं. जिनमें सांपों की करीब 13 प्रजातियां शामिल हैं. इनमें जहरीले और बिना विष वाले दोनों तरह के सांप शामिल हैं.
नेचर गाइड ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का प्राकृतिक वातावरण सांपों और दूसरे सरीसृपों के लिए भी अनुकूल माना जाता है. पार्क में मौजूद जलभराव वाले क्षेत्र, घनी घास, झाड़ियां और पेड़ों से घिरा इलाका इन्हें प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराता है.यही वजह है.कि यहां अलग-अलग प्रजातियों के सांप देखने को मिलते हैं.हालांकि जंगल में मौजूद वन्यजीवों से पर्यटकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
पार्क में बड़ी संख्या में अजगर देखे जातेघना की जैव विविधता में अजगर भी खास आकर्षण हैं. पार्क में बड़ी संख्या में अजगर देखे जाते हैं. ये विशालकाय सांप अक्सर घास, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास नजर आ सकते हैं. कई बार पर्यटकों और नेचर गाइड को इनके दीदार हो जाते हैं. अजगर जहरीले नहीं होते लेकिन अपने मजबूत शरीर और आकार के कारण वन्यजीव प्रेमियों के लिए ठीक है.
पक्षियों का ठिकाना नहीं बल्कि समृद्ध प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र केवलादेव में पाए जाने वाले सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. ये चूहे, मेंढक और दूसरे छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं. वहीं सांप और अन्य सांप खुद भी प्रकृति की खाद्य श्रृंखला का हिस्सा हैं. इस तरह इनका मौजूद होना पार्क के संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र की तस्वीर पेश करता है. पर्यटक जब केवलादेव पहुंचते हैं. तो उनका मुख्य आकर्षण पक्षी होते हैं, लेकिन यहां की जैव विविधता को करीब से समझने पर पता चलता है कि घना अपने भीतर कई तरह के वन्यजीवों को समेटे हुए है. पक्षियों के साथ सांप अजगर और दूसरे जीव इस राष्ट्रीय उद्यान को प्रकृति प्रेमियों के लिए और खास बनाते हैं. यही विविधता केवलादेव को सिर्फ पक्षियों का ठिकाना नहीं बल्कि समृद्ध प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाती है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
September 22, 2026, 12:22 IST



