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गर्दन का रंग चेहरे से काला क्यों हो जाता है? इन कारणों को न करें नजरअंदाज, कब मिलें डॉक्टर से?

Colour Difference between Neck and Face: कई लोगों के चेहरे का रंग सामान्य रहता है, लेकिन गर्दन धीरे-धीरे उससे ज्यादा डार्क नजर आने लगती है. आईने में यह फर्क खासतौर पर तब दिखता है जब चेहरा और गर्दन का रंग एक जैसा न लगे. अक्सर लोग इसे सिर्फ धूल, पसीने या सफाई की कमी समझकर गर्दन को जोर से रगड़ने लगते हैं, लेकिन हर बार गर्दन का कालापन गंदगी की वजह से नहीं होता.

त्वचा पर बार-बार घर्षण, धूप, किसी प्रोडक्ट से जलन और कुछ त्वचा संबंधी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं. कुछ मामलों में गर्दन की त्वचा का मोटा और मखमली होकर काला पड़ना शरीर के अंदर चल रही समस्या का संकेत भी हो सकता है. इसलिए कारण समझना जरूरी है.

गर्दन का रंग चेहरे से काला होने की आम वजहें

चेहरे और गर्दन की त्वचा एक जैसी होने के बावजूद दोनों जगहों पर होने वाले बदलाव अलग हो सकते हैं. गर्दन पर धूप सीधे पड़ती है और कपड़ों के कॉलर, चेन या बार-बार होने वाला घर्षण भी त्वचा को परेशान कर सकता है. किसी नए साबुन, परफ्यूम, क्रीम या हेयर प्रोडक्ट से जलन होने पर भी वहां काले निशान या पैच बन सकते हैं. त्वचा में जलन या चोट के बाद होने वाली हाइपरपिग्मेंटेशन भी रंग को गहरा कर सकती है. कई बार गर्दन का कालापन धीरे-धीरे बढ़ता है और कोई दर्द या दूसरा लक्षण नहीं होता. ऐसे में केवल ऊपर से सफाई करने के बजाय यह देखना जरूरी है कि त्वचा का रंग किस तरह बदला है.

जब गर्दन की त्वचा मोटी और मखमली लगे

अगर गर्दन के पीछे या आसपास की त्वचा सिर्फ काली नहीं बल्कि मोटी और मखमली जैसी महसूस होती है तो इसे एक खास त्वचा स्थिति से जोड़ा जा सकता है, जिसे Acanthosis Nigricans कहा जाता है. यह अक्सर गर्दन, बगल और शरीर की दूसरी सिलवटों में दिखाई देती है. यह स्थिति कई कारणों से हो सकती है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार कुछ लोगों में यह प्री-डायबिटीज या डायबिटीज का संकेत हो सकती है. मोटापा, कुछ हार्मोन संबंधी समस्याएं और कुछ दवाएं भी इसके पीछे कारण बन सकती हैं. हालांकि हर व्यक्ति में गर्दन का कालापन किसी बीमारी की वजह से हो, ऐसा जरूरी नहीं है.

क्या गर्दन को रगड़कर साफ करने से कालापन दूर होगा?

अगर गर्दन का रंग बढ़े हुए पिगमेंट या Acanthosis Nigricans की वजह से बदला है तो जोर से स्क्रब करने से समस्या दूर नहीं होगी. उल्टा ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन हो सकती है और पिगमेंटेशन और गहरा दिखाई दे सकता है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी ऐसे मामलों में बिना सलाह के ब्लीचिंग क्रीम या तेज एक्सफोलिएंट इस्तेमाल करने से बचने की सलाह देती है. इसलिए गर्दन की सफाई हल्के हाथों से करें. रोजाना त्वचा को साफ रखने के साथ धूप में निकलते समय गर्दन पर भी सनस्क्रीन लगाना मददगार हो सकता है, अगर किसी प्रोडक्ट के बाद कालापन या जलन बढ़ रही है तो उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल रोककर त्वचा को आराम देना बेहतर है.

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कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर गर्दन पर नया कालापन दिखाई दे रहा है और वह लगातार बढ़ रहा है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सही रहेगा. खासतौर पर तब जब त्वचा मोटी या मखमली हो गई हो, बगल में भी इसी तरह का कालापन दिखाई दे या शरीर पर कई जगह ऐसे पैच बनने लगें. डॉक्टर जरूरत के अनुसार त्वचा की जांच और कुछ टेस्ट की सलाह दे सकते हैं. अचानक बहुत तेजी से ऐसे गहरे पैच बनना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जल्द जांच कराना जरूरी है क्योंकि दुर्लभ मामलों में अचानक होने वाला Acanthosis Nigricans किसी गंभीर अंदरूनी समस्या से जुड़ा हो सकता है.

गर्दन का रंग चेहरे से काला होना हमेशा गंदगी का संकेत नहीं है. कारण समझकर देखभाल करना ज्यादा जरूरी है, अगर सिर्फ पिगमेंटेशन है तो सही स्किन केयर और समय से इसमें सुधार आ सकता है. वहीं अगर इसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या है तो उस कारण का इलाज होने पर त्वचा का रंग भी धीरे-धीरे बेहतर हो सकता है.

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