खाने के बाद पेट में रहता है भारीपन, तो यहां जानिए ब्लोटिंग से बचने के आसान तरीके

अंबाला: पेट फूलना यानी ब्लोटिंग ऐसी समस्या है, जिसे लोग अक्सर गैस या ज्यादा खाना खाने के बाद होने वाली सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. दरअसल, कई बार यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाती है, लेकिन अगर खाना खाने के बाद बार-बार पेट फूला हुआ लगे, खाना पचने में परेशानी हो या लंबे समय तक भारीपन बना रहे, तो इसे सिर्फ गैस मानकर छोड़ना ठीक नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार लगातार होने वाली ब्लोटिंग शरीर में चल रही किसी दूसरी समस्या का संकेत भी हो सकती है.
ओपीडी में पहुंच रहे ब्लोटिंग की शिकायत वाले मरीज
अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉ. रजिता ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनकी ओपीडी में ब्लोटिंग की शिकायत लेकर काफी मरीज पहुंचते हैं. मरीजों में पेट फूला-फूला लगना, कुछ भी खाने के बाद खाना ठीक से न पचना और पेट में भारीपन जैसी शिकायतें देखने को मिलती हैं. उन्होंने बताया कि कई बार इसके पीछे बाहर का खाना, अधिक मसालेदार भोजन और खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाने जैसी आदतें जिम्मेदार होती हैं.
खाना खाने के बाद टहलना फायदेमंद
डॉ. रजिता के अनुसार खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि खाना खाने के बाद सौंफ चबाई जा सकती है और एसिडिटी की शिकायत होने पर अजवाइन का इस्तेमाल भी कुछ लोगों को राहत दे सकता है. इसके साथ ही उन्होंने वज्रासन और पवनमुक्तासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी. हालांकि, लगातार या गंभीर लक्षण रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
तला और मसालेदार खाना कम करें
विशेषज्ञ डॉक्टर की मानें तो ब्लोटिंग से बचने के लिए तली हुई और बहुत ज्यादा मसालेदार चीजों का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है. डॉक्टर के अनुसार घर का बना हल्का भोजन लेना बेहतर रहता है. खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों और सलाद को शामिल किया जा सकता है. उनका कहना है कि सलाद खाने के साथ लेने के बजाय भोजन से कुछ समय पहले लिया जाए. साथ ही पर्याप्त पानी पीना और भोजन के बाद तुरंत बिस्तर पर जाने से बचना भी जरूरी है.
हार्मोनल बदलाव से भी हो सकती है ब्लोटिंग
बार-बार पेट फूलने की समस्या केवल खान-पान से जुड़ी हो, यह जरूरी नहीं है. महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी इसका एक कारण हो सकता है. पीरियड्स से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में होने वाले बदलावों के कारण पेट फूलना महसूस हो सकता है. वहीं, थायरॉयड हार्मोन की कमी से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने और कब्ज की समस्या बढ़ने के कारण भी ब्लोटिंग हो सकती है. मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भी इसका कारण बन सकते हैं. अगर पेट फूलने की शिकायत लगातार बनी रहती है, तो इसके पीछे पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या भी हो सकती है.
IBS से लेकर लैक्टोज इनटॉलरेंस तक हो सकते हैं कारण
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी IBS में पेट दर्द, ऐंठन, गैस और ब्लोटिंग जैसी शिकायतें हो सकती हैं. वहीं, लैक्टोज इनटॉलरेंस में दूध या डेयरी उत्पाद पचाने में परेशानी के कारण गैस और पेट फूलना हो सकता है. सीलिएक डिजीज और लंबे समय तक रहने वाली कब्ज में भी ब्लोटिंग की शिकायत देखी जा सकती है.
इन गंभीर लक्षणों को न करें नजरअंदाज
कुछ मामलों में पेट फूलना लिवर या हृदय से जुड़ी गंभीर बीमारी के साथ भी दिखाई दे सकता है. लिवर की गंभीर बीमारी में पेट में तरल पदार्थ जमा होने से पेट का आकार बढ़ सकता है. इसके साथ पीलिया, थकान या वजन कम होने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं. वहीं, हृदय की समस्या में शरीर में पानी जमा होने के कारण पेट के साथ पैरों में सूजन, सांस लेने में परेशानी और अत्यधिक थकान हो सकती है. ऐसे लक्षणों के साथ बार-बार ब्लोटिंग हो तो इसे सामान्य गैस समझने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है.



