बीजेपी का मेगा प्लान, कांग्रेस कितनी तैयार? अब गांवों में होगा घमासान

Last Updated:September 24, 2026, 15:43 IST
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 : राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने हैं. निकाय चुनावों में जीत दर्ज कराने के बाद बीजेपी उत्साहित है. वह अपने विजयी रथ को अब शहरों से गांवों की ओर लेकर जाएगी. वहीं निकाय चुनाव में बीजेपी से मात खा चुकी कांग्रेस ने भी गलतियों से सबक लेते हुए नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. सामान्यतया शहरी क्षत्रों में बीजेपी का और ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस का प्रभाव ज्यादा माना जाता है. शहरी निकायों में महज 1 फीसदी से कम वोटों से मात खाने वाली कांग्रेस को उम्मीद है कि वह पंचायत चुनावों में इसकी घाटापूर्ति कर लेगी. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ रणनीति बनाने में जुटे हैं.
जयपुर. राजस्थान में शहरी क्षेत्रों के निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब आगामी चार-पांच दिन बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज के चुनाव का ऐलान होने वाला है. लिहाजा सत्तारुढ़ बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने फिर से कमर कस ली है. नगरीय निकाय चुनाव की जीत से उत्साहित बीजेपी अपने विजयी अभियान को ठोस रणनीति के तहत अब गांवों की तरफ ले जाएगी. वहीं कांग्रेस नगरीय निकायों में हुई हार का बदला लेने के लिए अपने परपंरागत ग्रामीण मतदाताओं से उम्मीद लगाए बैठी है कि वह उसे सफलता दिलाएंगे.
कांग्रेस ने शहरी निकायों में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है. अब इंतजार बस चुनावों के ऐलान होने का है. पंचायत चुनाव निकाय चुनावों के मुकाबले काफी बड़ा है. परिसीमन के बाद पंचायतों और पंचायत समितियों की संख्या काफी बढ़ गई है. पंचायतों का आंकड़ा तो 14 हजार के पार जा चुका है. कुल पंचायतों की 14403 संख्या है. लिहाजा 14403 तो सरपंच ही चुने जाएंगे. इन पंचायतों में 136000 वार्डों पंच भी चुने जाएंगे. इनके अलावा 457 पंचायत समितिया हैं तो उनके प्रमुख और 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख चुने जाने हैं. पूरे सूबे में 457 पंचायत समितियों में 8245 वार्ड मेंबर हैं. वहीं 41 जिला परिषदों में 1403 वार्ड मेंबर चुने जाएंगे. यानी जनप्रतनिधि चुने जाने का आंकड़ा बड़ा है.
बीजेपी डबल इंजन के विकास के मुद्दे पर जाएगी गांवों मेंपंचायत चुनावों में निकाय चुनावों के मुकाबले वोटर भी करोड़ों की संख्या में है. बीजेपी इन चुनावों के लिए अपनी डबल इंजन की सरकार के ‘विकास के मॉडल’ को लेकर मैदान में उतरेगी. वहीं कांग्रेस के इन चुनावों में सरकारी सिस्टम में लगे दाग और सबसे बड़ा मुद्दा ‘परिसीमन’ को लेकर उतरेगी. कांग्रेस का साफ आरोप है कि परिसीमन के नाम पर बीजेपी ने पंचायतों और पंचायत समितियों में जमकर मनमानी है. इसका गुस्सा बीते दिनों ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला था. प्रदेश में कई जगह परिसीमन में पंचायतों और पंचायत समितियों की बदली गई सीमाओं का जोरदार विरोध हुआ था. कांग्रेस ग्रामीणों के इस विरोध को भुनाने की तैयारी में है.
परिसीमन के मुद्दे पर जवां है कांग्रेस की उम्मीदें
चूंकि कांग्रेस का कोर वोटर ग्रामीण इलाकों में ही है. लिहाजा उसे उम्मीद है कि उसका वोटर सरकार के खिलाफ जाएगा खासतौर पर परिसीमन के मुद्दे पर. इसके अलावा कांग्रेस का यह भी आरोप है कि बीजेपी ने निकाय चुनाव में जमकर धांधली की है. कांग्रेस नेता हर जगह इस बात को उठा रहे हैं. कांग्रेस इस कथित धांधली के आरोपों को भी भुनाने के मूड में है. वहीं बीजेपी कांग्रेस से एक कदम आगे चलकर शुक्रवार यानी 25 सितंबर से पंचायत चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने जा रही है. वह भी बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति में. नबीन गुरुवार शाम को जयपुर आएंगे और वे शुक्रवार को सांसदों-विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे. इसमें पंचायत चुनाव की रणनीति पर मंथन कर उनको जीत का मंत्र देंगे.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 24, 2026, 15:43 IST



