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Sikar News: प्याज से कमाई का नया जरिया, सीकर में बनेगी प्रोसेसिंग यूनिट, 500 महिला किसानों को मिलेगा काम

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प्याज से कमाई का नया रास्ता, 25 लाख की यूनिट में तैयार होंगे प्रोडक्ट

Last Updated:September 25, 2026, 09:05 IST

Sikar Onion Processing Unit: राजस्थान में प्याज उत्पादक किसानों को अब अपनी उपज सिर्फ मंडी में बेचने के बजाय उससे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट तैयार करने का विकल्प मिलेगा. सीकर के लक्ष्मणगढ़ तहसील के यालसर गांव में ओडीओपी योजना के तहत 25 लाख रुपए की लागत से प्याज प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है. यूनिट को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और दिसंबर तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है. यहां प्याज से अनियन पाउडर और अनियन फ्लेक्स तैयार किए जाएंगे. शुरुआती चरण में लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र की 500 महिला किसानों को इससे जोड़ा गया है. अक्टूबर से उन्हें प्याज उत्पादन, ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा. यूनिट में रोजाना 3 क्विंटल प्याज प्रोसेस करने की क्षमता होगी. तैयार उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग राजीविका करेगी.

राजस्थान में प्याज उत्पादक किसानों के लिए अब फसल को सिर्फ मंडी में बेचने के बजाय उससे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट तैयार करने की राह खुल रही है. राज्य सरकार की एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत सीकर और अलवर में प्याज प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही हैं. सीकर जिले में यह यूनिट लक्ष्मणगढ़ तहसील के यालसर गांव में बनेगी. 25 लाख रुपए की लागत वाली इस यूनिट को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और दिसंबर तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.

यालसर में स्थापित होने वाली यूनिट का संचालन राजीविका के नई उमंग सीएलएफ, डूढवा के अधीन किया जाएगा. यहां खेत से आने वाले कच्चे प्याज की प्रोसेसिंग कर अनियन पाउडर और अनियन फ्लेक्स तैयार किए जाएंगे. अनियन फ्लेक्स यानी प्याज को सुखाकर तैयार किए गए टुकड़े होते हैं, जिनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों और अलग-अलग फूड प्रोडक्ट्स में किया जाता है. इससे किसानों की उपज को सीधे बाजार में बेचने के बजाय उसका मूल्य बढ़ाकर बेचने का विकल्प मिलेगा.

प्याज की खेती में सबसे बड़ी चुनौती उत्पादन बढ़ने के साथ मंडी में एक साथ आवक बढ़ना है. बंपर पैदावार के समय दाम गिरने से किसानों को कई बार लागत के मुकाबले कम कीमत पर प्याज बेचना पड़ता है. वहीं लंबे समय तक भंडारण नहीं होने पर खराब होने का खतरा भी रहता है. प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने के बाद प्याज को पाउडर और फ्लेक्स जैसे उत्पादों में बदलकर सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी. इससे बाजार में भाव गिरने की स्थिति में भी पूरी उपज तुरंत बेचने की मजबूरी कम हो सकती है.

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यालसर यूनिट के पहले चरण में लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के यालसर, चूड़ीमियां, बिड़ोदी बड़ी, बीदासर और पालड़ी की 500 महिला किसानों को जोड़ा गया है. अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से इन महिलाओं को आधुनिक तकनीक से प्याज उत्पादन, ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग यूनिट में काम करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. महिला समूहों के माध्यम से स्थानीय किसानों से प्याज की सीधी खरीद की योजना है. इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम करने की कोशिश की जा रही है.

प्रारंभिक चरण में यालसर की यूनिट में प्रतिदिन 3 क्विंटल यानी 300 किलो प्याज की प्रोसेसिंग क्षमता रखी गई है. राजीविका की ओर से यूनिट को लेकर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है. यहां किसानों से खरीदे गए प्याज की ग्रेडिंग के बाद उसकी प्रोसेसिंग होगी और तैयार उत्पादों की पैकेजिंग की जाएगी. परियोजना के सफल रहने पर भविष्य में उत्पादन और प्रोसेसिंग का दायरा बढ़ाने की संभावना रहेगी. इसी मॉडल पर अलवर जिले में भी 25 लाख रुपए की लागत से यूनिट स्थापित की जा रही है.

यूनिट में तैयार अनियन पाउडर और फ्लेक्स की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की जिम्मेदारी राजीविका संभालेगी. इन उत्पादों को राजस्थान के साथ देश के अलग-अलग राज्यों और बड़े व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंचाने की योजना है. यानी किसानों की उपज खेत से मंडी तक पहुंचने के बाद वहीं खत्म नहीं होगी, बल्कि प्रोसेस होकर नए उत्पाद के रूप में बाजार में जाएगी. पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर प्याज उत्पादन वाले अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी इकाइयां स्थापित करने की योजना बनाई जा सकती है.

सीकर जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्याज की खेती होती है और कुल उत्पादन करीब 6.75 लाख टन बताया गया है. जिले में लगभग 30 हजार किसान प्याज की खेती से जुड़े हैं. सीकर और रसीदपुरा मंडी प्याज की मार्केटिंग के प्रमुख केंद्र हैं. ऐसे में प्रोसेसिंग यूनिट किसानों के लिए मंडी के अलावा वैकल्पिक बाजार तैयार करने की दिशा में अहम कदम हो सकती है. जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका संदीप पूनिया के अनुसार, प्रोजेक्ट को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है और दिसंबर तक यूनिट शुरू कराने का लक्ष्य है.

First Published :

September 25, 2026, 09:05 IST

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