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28 जुलाई के जिस वर्क ऑर्डर पर चुनाव आयोग फंसा, उसमें ऐसा क्‍या था? – eci 28 July order 2 election commissioner ss sandhu Vivek joshi not happy

ECI Controversy: ECI के भीतर चल रहे विवाद के बीच India के हाथ 28 जुलाई को चुनाव आयोग के भीतर जारी किए गए एक वर्क एलोकेशन ऑर्डर की एक्सक्लूसिव कॉपी लगी है. यह वर्क ऑर्डर वरिष्ठ अधिकारियों के बीच प्रशासनिक, IT और शिकायतों से जुड़ी जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर विवाद का केंद्र बना. सूत्रों के मुताबिक, 28 जुलाई के वर्क ऑर्डर में किए गए बदलावों पर चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई. सूत्रों के अनुसार, इसके बाद इस मुद्दे पर आयोग के भीतर चर्चा हुई. सूत्रों ने बताया कि इसी मामले का जिक्र दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव को लिखे गए अलग-अलग पत्रों में किया गया. दोनों पत्रों में वर्क डिस्ट्रीब्यूशन, वर्क रोस्टर और आयोग की जानकारी के बिना आदेश जारी किए जाने से जुड़े मुद्दे उठाए गए. हालांकि, दोनों पत्रों की सटीक सामग्री सार्वजनिक नहीं हुई है.

यह वर्क ऑर्डर तत्कालीन वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त और प्रशासनिक मामलों के प्रभारी मनीष गर्ग ने 28 जुलाई को जारी किया था. यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव आयोग में प्रशासनिक मामलों की जिम्मेदारी DEC भानु प्रताप येतुरु को सौंपी गई थी. सूत्रों के मुताबिक, उस समय येतुरु छुट्टी पर थे, जिसके बाद प्रशासनिक मामलों के प्रभारी के तौर पर मनीष गर्ग ने यह आदेश जारी किया.

28 जुलाई के वर्क ऑर्डर में IT की जिम्मेदारियों में बदलावइस वर्क ऑर्डर से आयोग के भीतर IT से जुड़ी जिम्मेदारियों के आवंटन में बड़ा बदलाव किया गया. India के पास मौजूद कॉपी के मुताबिक, IT और Grievances/PGRS की जिम्मेदारी DEC संजय कुमार से हटाकर सीधे DG (IT) सीमा खन्ना को दे दी गई. नई व्यवस्था में इन विषयों के लिए DG (IT) और चुनाव आयोग के बीच कोई DEC लेवल रिपोर्टिंग लेयर नहीं रही. वहीं, 28 जुलाई के वर्क ऑर्डर में संजय कुमार के पास इलेक्‍टोरल रोल (Electoral Roll) से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी बनी रही. यह भी ध्यान देने योग्य है कि 28 जुलाई के वर्क ऑर्डर के करीब एक महीने बाद DEC संजय कुमार को निजी कारणों से DoPT के आदेश के अनुसार ECI से उनके मूल कैडर में समय से पहले वापस भेज दिया गया.

पहले के वर्क ऑर्डर में क्या व्यवस्था थी? India ने 23 सितंबर 2025 को जारी किए गए एक पुराने वर्क एलोकेशन ऑर्डर की कॉपी भी हासिल की है. उस ऑर्डर के सातवें कॉलम के मुताबिक, DEC संजय कुमार के पास इलेक्‍टोरल रोल्‍स, IT और Grievances/PGRS की जिम्मेदारी थी. पुरानी व्यवस्था में DG (IT) सीमा खन्ना IT से जुड़े मामलों में DEC संजय कुमार को रिपोर्ट करती थीं. इसके बाद रिपोर्टिंग चेन DEC के माध्यम से चुनाव आयोग तक जाती थी. सूत्रों के मुताबिक, सीमा खन्ना रोजमर्रा के IT काम का बड़ा हिस्सा संभाल रही थीं, लेकिन औपचारिक रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर DEC संजय कुमार के माध्यम से ही बना हुआ था.

वर्क ऑर्डर क्यों बना विवाद का विषय?सूत्रों के मुताबिक, विवाद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बंटवारे तक सीमित नहीं था. इस वर्क ऑर्डर के जरिए अलग-अलग Deputy Election Commissioners के बीच जिम्मेदारियों का भी बंटवारा किया गया. सूत्रों का कहना है कि परंपरागत रूप से चुनाव आयोग में वर्क एलोकेशन ऑर्डर आयोग के समक्ष रखा जाता रहा है और अंतिम मंजूरी आयोग स्तर पर ली जाती है. ऐसे में 28 जुलाई के वर्क ऑर्डर ने जिम्मेदारियों के नए आवंटन को जारी किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए.

पुरानी व्यवस्था मौखिक तौर पर बहाल किए जाने की बातसूत्रों के मुताबिक, आपत्तियां उठाए जाने के बाद पुरानी वर्क एलोकेशन व्यवस्था को मौखिक तौर पर बहाल कर दिया गया. सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था की बहाली को औपचारिक रूप से दर्ज करने के लिए अब तक कोई अलग लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है. इससे IT और शिकायतों से जुड़े मामलों की औपचारिक रिपोर्टिंग व्यवस्था और वर्क एलोकेशन की स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं. नतीजतन, तत्कालीन DEC संजय कुमार के ECI से जाने और DG (IT) तथा आयोग के बीच DEC लेवल ऑफिसर की अनुपस्थिति के बाद 28 जुलाई को जारी औपचारिक वर्क ऑर्डर की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है. यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्क एलोकेशन ऑर्डर न केवल वरिष्ठ अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा तय करते हैं, बल्कि यह भी निर्धारित करते हैं कि विभिन्न विभाग किस रिपोर्टिंग चैनल के माध्यम से काम करेंगे और अपने मामलों को चुनाव आयोग के समक्ष किस स्तर पर रखेंगे.

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