वनडे में बने 726 रन… इंडिया ए टीम ने 50 ओवर के मैच में रिकॉर्ड लक्ष्य किया चेज, ऑस्ट्रेलिया ए से छीनी सीरीज

नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट की युवा ब्रिगेड ने मोहाली के मैदान पर एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है, जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी. ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में भारत ए की टीम ने असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को हासिल करते हुए न केवल मैच अपने नाम किया, बल्कि तीन मैचों की वनडे सीरीज पर भी 2-1 से कब्जा जमा लिया. इस रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार रहीं कप्तान मिन्नू मणी, जिनकी तूफानी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को एक यादगार जीत दिलाई.
मोहाली में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत आक्रामक रही और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली. ऑस्ट्रेलिया की ओर से चार्ली नॉट ने मैदान के हर कोने में चौके और छक्कों की बरसात करते हुए महज 70 गेंदों में 109 रनों की ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेली. अपनी इस आतिशी पारी के दौरान उन्होंने 12 बेहतरीन चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े. दूसरी ओर, कोर्टनी वेब ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 92 गेंदों में 95 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा.
वैष्णवी और निकी की गेंदबाजी का पलटवारएक समय जब ऑस्ट्रेलिया ए की टीम 76 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी, तब चार्ली नॉट और कोर्टनी वेब के बीच हुई विशाल साझेदारी ने टीम का स्कोर 242 तक पहुंचा दिया. हालांकि भारतीय स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजी क्रम पर अंकुश लगाने की कोशिश की. वैष्णवी ने अपने 10 ओवर के कोटे में 48 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए. उनके अलावा निकी प्रसाद ने भी 84 रन देकर 4 विकेट चटकाए. ऑस्ट्रेलिया ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 362 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया.
विशाल लक्ष्य का पीछा और भारतीय पारी की शुरुआती डगमगाहटमहज दो दिन पहले ही इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ए ने 339 रनों के विशाल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था. अब बारी भारत ए की थी कि वह इस मैदान पर पलटवार करे. 363 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब और डरावनी रही. विशाल लक्ष्य के दबाव में भारत ए ने महज 85 रन के स्कोर पर अपने 3 शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए. टीम जब 119 रन पर 4 विकेट गंवाकर गहरे संकट में फंसी हुई थी, तब ऐसा लग रहा था कि मैच भारत की पहुंच से बाहर हो चुका है.
अनुष्का और निकी प्रसाद की जुझारू साझेदारीऐसे नाजुक मोड़ पर अनुष्का शर्मा और निकी प्रसाद ने मिलकर मोर्चा संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने बिना किसी डर के ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना करना शुरू किया और भारतीय पारी को संभाला. अनुष्का शर्मा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सिर्फ 42 गेंदों में 58 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल थे. वहीं निकी प्रसाद ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए 71 गेंदों में 76 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 1 शानदार छक्का जमाया.
जीत की नींव और निकी प्रसाद का योगदानअनुष्का और निकी के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई 91 रनों की साझेदारी ने भारत ए की उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया. अनुष्का के आउट होने के बाद निकी प्रसाद ने एक छोर संभाले रखा और टीम को जीत के करीब ले गईं. जब टीम का स्कोर 317 रन था, तब निकी प्रसाद रन आउट होकर पवेलियन लौट गईं. हालांकि, तब तक वह भारतीय टीम को जीत के मुहाने पर खड़ा कर चुकी थीं.
मिन्नू मणी का तूफानी शतक जैसा प्रहार और ऐतिहासिक जीतजब भारत का स्कोर 210 रन पर 5 विकेट था, तब क्रीज पर कदम रखा मिन्नू मणी ने. इसके बाद जो कुछ भी हुआ, वह किसी परीकथा से कम नहीं था. मिन्नू मणी ने क्रीज पर आते ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाना शुरू कर दिया. उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट्स खेले. मणी ने महज 56 गेंदों में नाबाद 88 रनों की ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने ऑस्ट्रेलियाई खेमे में खलबली मचा दी. उन्होंने अपनी इस नाबाद पारी में 12 बेहतरीन चौके और 3 गगनचुंबी छक्के जड़े.
दूसरे छोर पर जिंतिमीनि कलिता ने मणी का बहुत समझदारी से साथ दिया. उन्होंने 19 गेंदों में नाबाद 19 रन बनाकर स्ट्राइक रोटेट करने में अहम भूमिका निभाई. मिन्नू मणी की आतिशी बल्लेबाजी के दम पर भारत ए ने 363 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य 48.2 ओवरों में ही 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया. इस तरह भारत ए ने 10 गेंदें शेष रहते ही यह मुकाबला 4 विकेट से जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली. यह मुकाबला महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे रोमांचक रन चेज के रूप में याद रखा जाएगा.



