Hair Care : कंघी करते ही दिखने लगा स्कैल्प? आजमाएं ये 5 देसी पाउडर, पड़ोसी पूछेंगे घने बालों का सीक्रेट

Last Updated:September 25, 2026, 15:24 IST
Hair Care Tips : बालों के झड़ने, पतले होने, रूखे या बेजान नजर आने से जूझने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. लोग इससे छुटकारा पाने के लिए महंगे शैंपू, सीरम और हेयर मास्क तक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हर किसी को इनसे मनचाहा फायदा नहीं मिलता. क्या आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं. रामपुर के आयुष चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इकबाल लोकल 18 से बताते हैं कि आंवला, भृंगराज, ब्राह्मी, शिकाकाई और रीठा को बालों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता रहा है. ब्राह्मी का पाउडर हेयर पैक में मिलाकर लगाया जा सकता है. शिकाकाई का इस्तेमाल बाल धोने के लिए किया जाता रहा है.
रामपुर. बालों का लगातार झड़ना, पतले होना और रूखे या बेजान नजर आना आजकल काफी आम समस्या है. इसके लिए लोग महंगे शैंपू, सीरम और हेयर मास्क तक इस्तेमाल करते हैं लेकिन हर किसी को इनसे मनचाहा फायदा मिले यह जरूरी नहीं है. ऐसे में कई लोगों का ध्यान पुराने घरेलू और आयुर्वेदिक तरीकों की तरफ जाता है. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल लोकल 18 से बताते हैं कि आंवला, भृंगराज, ब्राह्मी, शिकाकाई और रीठा जैसे पाउडर लंबे समय से बालों की देखभाल में इस्तेमाल किए जाते रहे हैं. इन्हें हेयर पैक या क्लीनिंग रूटीन में शामिल किया जा सकता है. डॉ. इकबाल बताते हैं कि बालों की देखभाल में भृंगराज का इस्तेमाल काफी समय से होता आया है. इसे बालों की जड़ों और स्कैल्प की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है. भृंगराज पाउडर को पानी या हेयर ऑयल के साथ मिलाकर हेयर पैक बनाया जा सकता है. इसे हेयर केयर रूटीन में शामिल करने से बालों को मुलायम और मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
ब्राह्मी का क्या काम
डॉ. इकबाल के मुताबिक, ब्राह्मी का नाम भी पुराने हेयर केयर नुस्खों में मिलता है. इसका पाउडर हेयर पैक में मिलाकर लगाया जा सकता है. कमजोर, रूखे और बेजान बालों की देखभाल के लिए इसे इस्तेमाल किया जाता है. अगर पहली बार ब्राह्मी पाउडर लगा रहे हैं तो पहले थोड़ा सा पैच टेस्ट जरूर कर लें क्योंकि हर व्यक्ति की स्कैल्प अलग तरह से रिएक्ट कर सकती है.
डॉ. इकबाल कहते हैं कि शिकाकाई का इस्तेमाल पुराने समय से बाल धोने के लिए किया जाता रहा है. इसमें प्राकृतिक सैपोनिन पाए जाते हैं जो बालों और स्कैल्प की सफाई में मदद करते हैं. यही वजह है कि शिकाकाई को अक्सर आंवला और रीठा के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल बालों को रूखा कर सकता है इसलिए जरूरत के हिसाब से ही इसे हेयर केयर में शामिल करें.
प्राकृतिक क्लीनजर
बालों की बात हो और आंवले का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है. आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. आंवला पाउडर को पानी या तेल के साथ मिलाकर हेयर पैक की तरह लगाया जा सकता है. आंवला, शिकाकाई और रीठा का मिश्रण भी पारंपरिक घरेलू हेयर केयर में काफी समय से इस्तेमाल होता आया है. रीठा को प्राकृतिक क्लीनजर के तौर पर जाना जाता है. इसमें मौजूद सैपोनिन बालों और स्कैल्प की सफाई में मदद करते हैं. इसे अकेले या आंवला और शिकाकाई के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर बाल पहले से बहुत ड्राई हैं तो रीठे का इस्तेमाल कम करें क्योंकि इससे रूखापन बढ़ सकता है.
नहीं होगा झड़ना बंद
डॉ. इकबाल बताते हैं कि यह समझना भी जरूरी है कि सिर्फ कोई एक पाउडर लगाने से अचानक बालों का झड़ना बंद नहीं हो जाता. हेयर फॉल के पीछे तनाव, पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, जेनेटिक्स और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं जैसी कई वजहें हो सकती हैं. इसलिए इन पाउडर को सपोर्टिव हेयर केयर के तौर पर देखें किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं. अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं जगह जगह से बाल गायब हो रहे हैं या स्कैल्प में लगातार खुजली और लालिमा है तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा.
About the AuthorPriyanshu Gupta
प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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Rampur,Uttar Pradesh
First Published :
September 25, 2026, 15:24 IST



