टेस्ट में सबसे ज्यादा पारी खेलने के बाद शून्य पर आउट होने वाले 5 बल्लेबाज, पहली जीरो के लिए तरस गए गेंदबाज

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टेस्ट में सबसे ज्यादा पारी खेलने के बाद शून्य पर आउट होने वाले 5 बल्लेबाज
Last Updated:September 30, 2026, 06:01 IST
5 batsman Most innings before first duck in Test: टेस्ट क्रिकेट में पहली बार शून्य पर आउट होने से पहले सबसे लंबी पारियां खेलने वाले खिलाड़ियों में दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स शीर्ष पर हैं. उनके बाद श्रीलंका के अरविंद डी सिल्वा ने लंबी पारी खेलने के बाद बिना खाता खोले आउट न होने का रिकॉर्ड बनाया. वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड और न्यूजीलैंड के रॉस टेलर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं. वहीं, इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने भी निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा पारी खेलकर बिना शून्य पर आउट हुए सभी को चौंकाया.टेस्ट में सबसे लंबी पारी खेलने के बाद पहली बार शून्य पर आउट होने 5 बल्लेबाज.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने का होता है. लेकिन इस लंबे प्रारूप में ऐसा समय भी आता है जब बड़े से बड़ा बल्लेबाज बिना खाता खोले यानी ‘जीरो’ पर पवेलियन लौट जाता है. हालांकि, क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे अद्भुत खिलाड़ी भी हुए हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत में शून्य का मुंह देखने के लिए लंबा इंतजार किया. आइए जानते हैं उन 5 बल्लेबाज के बारे में जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार आउट होने से पहले सबसे ज्यादा पारियां खेलीं.
इस लिरूट में सबसे पहला और सबसे खास नाम दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) का आता है. अपनी विस्फोटक और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले डिविलियर्स ने 17 दिसंबर 2004 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. इसके बाद से उनका बल्ला लगातार गरजता रहा. डिविलियर्स ने बिना शून्य पर आउट हुए लगातार 78 टेस्ट पारियां खेलने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया. उनका यह शानदार सिलसिला लगभग चार साल तक चला. आखिरकार, 26 नवंबर 2008 को बांग्लादेश के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट में वह अपने करियर में पहली बार बिना खाता खोले आउट हुए. इस मुकाबले को टेस्ट नंबर 1895 के रूप में जाना जाता है. 78 पारियों तक बिना डक के खेलना उनकी बेहतरीन निरंतरता और क्रीज पर उनके एकाग्रता के स्तर को दर्शाता है.
अरविंद डी सिल्वा 75 पारी बाद जीरो पर आउट हुएश्रीलंकाई क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक अरविंद डी सिल्वा (Arvind De Silva) इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. 23 अगस्त 1984 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले डी सिल्वा अपनी आक्रामक और आकर्षक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कदम रखते ही अपनी ऐसी धाक जमाई कि शुरुआती 75 पारियों तक कोई भी गेंदबाज उन्हें जीरो पर आउट नहीं कर सका. डी सिल्वा का यह बेहतरीन रिकॉर्ड एक दशक तक कायम रहा. 20 अक्टूबर 1994 को जिम्बाब्वे के खिलाफ बुलावायो में खेले गए टेस्ट में वह पहली बार शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौटे. 10 साल और 75 पारियों तक बिना खाता खोले आउट न होना श्रीलंकाई क्रिकेट इतिहास के सबसे मजबूत अध्यायों में से एक है.
क्लाइव लॉयड 58 पारी बाद डक का शिकार हुएवेस्टइंडीज के महान कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज क्लाइव लॉयड (Clive Llyod) इस सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं. 13 दिसंबर 1966 को भारत के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले लॉयड अपनी विशालकाय काया और लंबे-लंबे शॉट्स के लिए मशहूर थे. उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआती 58 पारियों में कभी भी शून्य का सामना नहीं किया. लॉयड का यह सिलसिला 2 फरवरी 1974 को इंग्लैंड के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए टेस्ट में जाकर टूटा, जब वह पहली बार जीरो पर आउट हुए. अपनी कप्तानी से कैरेबियाई टीम को विश्व क्रिकेट पर राज कराने वाले क्लाइव लॉयड का यह रिकॉर्ड उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी क्षमता का गवाह है.
रॉस टेलर 58 पारी बाद हुए जीरो पर आउटन्यूजीलैंड के मध्यक्रम के भरोसेमंद स्तंभ रहे रॉस टेलर (Ross Taylor) भी क्लाइव लॉयड के बराबर 58 पारियों के रिकॉर्ड के साथ इस सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं. टेलर ने 8 नवंबर 2007 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से ही कीवी टीम के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की. टेलर ने बिना शून्य पर आउट हुए लगातार 58 टेस्ट पारियां खेलीं. उनका यह शानदार सफर 1 दिसंबर 2011 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन टेस्ट में समाप्त हुआ, जब वह पहली बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए. टेलर की यह उपलब्धि उन्हें न्यूजीलैंड के महानतम खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करती है.
जेम्स एंडरसन पांचवें नंबर परइस लिस्ट का सबसे हैरान करने वाला और दिलचस्प नाम इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन (James Anderson) का है. मुख्य रूप से अपनी कातिलाना स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाने वाले एंडरसन ने बल्ले से भी एक ऐसा कीर्तिमान बनाया जो बड़े-बड़े बल्लेबाजों के लिए भी आसान नहीं होता. एंडरसन ने 22 मई 2003 को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 30, 2026, 06:01 IST



