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सिलीसेढ़ झील में तैरती मिलीं हजारों मरी हुई मछलियां, बदबू से पर्यटक परेशान; होटल के गंदे पानी पर उठे सवाल

Last Updated:September 30, 2026, 09:15 IST

Alwar Siliserh Lake News: अलवर की प्रसिद्ध सिलीसेढ़ झील में 27 फीट पानी होने के बावजूद बड़ी संख्या में मछलियों की मौत का मामला सामने आया है. झील की सतह पर तैरती मरी मछलियों और पानी से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण दिल्ली, गुरुग्राम व हरियाणा से आए पर्यटकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. स्थानीय निवासियों ने झील के आसपास संचालित होटलों का गंदा पानी झील में गिरने का आरोप लगाया है. लोगों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से पानी की तत्काल जांच कराने, गंदे पानी की आवक रोकने और मरी मछलियों को हटाने की मांग की है.

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Alwar: सिलीसेढ़ झील में मरीं हज़ारों मछलियां, पानी से आ रही तेज दुर्गंधZoomअलवर की सिलीसेढ़ झील में मौत का मंजर, पानी की सतह पर तैरती दिखीं हजारों मछलियां

अलवर. राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अलवर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है. शहर की ऐतिहासिक और खूबसूरत सिलीसेढ़ झील में अचानक बड़ी संख्या में मछलियों के मरने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि झील में इस समय करीब 27 फीट पानी मौजूद है, इसके बावजूद इतनी बड़ी तादाद में मछलियों की मौत हो रही है. झील के पानी की सतह पर तैरती हुई मरी हुई मछलियां साफ देखी जा सकती हैं. इस घटना के बाद से ही झील के आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज़ से आने वाले पर्यटकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.

झील में बड़ी संख्या में मछलियों के सड़ने के कारण पानी से उठ रही तेज दुर्गंध ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है. दुर्गंध इतनी ज्यादा भयावह है कि झील के किनारे कुछ मिनट ठहरना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है. सिलीसेढ़ झील को देखने और बोटिंग का लुत्फ उठाने आने वाले सैलानियों का मजा पूरी तरह किरकिरा हो गया है. स्थिति इतनी खराब है कि लोग दूर से ही झील को देखकर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं.

दिल्ली, गुरुग्राम और हरियाणा से पहुंचे पर्यटकों में भारी निराशाअलवर की सिलीसेढ़ झील न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों के लिए भी एक पसंदीदा पिकनिक स्पॉट है. दिल्ली, गुरुग्राम और हरियाणा से बड़ी संख्या में पर्यटक ऑनलाइन तस्वीरें और खूबसूरत जानकारियां देखकर यहां खींचे चले आते हैं. लेकिन यहां पहुंचने पर झील में तैरती मरी हुई मछलियां और सड़ांध मारता पानी देखकर उनका पूरा अनुभव खराब हो गया. पर्यटकों का कहना है कि वे यहां सुकून के पल बिताने आए थे, लेकिन यहां फैली अव्यवस्था और दुर्गंध ने उन्हें निराश कर दिया है. सैलानियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने झील की सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई, तो इसका बहुत बुरा असर अलवर के पर्यटन पर पड़ेगा.

होटल का गंदा पानी झील में मिलने का आरोपस्थानीय निवासियों ने इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिलीसेढ़ झील के आसपास संचालित व्यावसायिक होटलों से निकलने वाला गंदा व दूषित पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे झील में बहाया जा रहा है. इसी रसायनयुक्त और दूषित पानी के लगातार झील में पहुंचने के कारण पानी जहरीला हो गया है, जिससे जल में ऑक्सीजन का स्तर गिर गया है और मछलियों की मौत हो रही है. हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मछलियों की मौत का वास्तविक और सटीक कारण जल नमूनों की लैब जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा.

सिंचाई विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांगझील की इस दुर्दशा को देखकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है. ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमी लोगों ने सिंचाई विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों ने मांग रखी है कि झील के पानी की तुरंत लैब में जांच कराई जाए, होटलों से आ रहे गंदे पानी की आवक को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और झील में तैर रही मरी हुई मछलियों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए. यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगेगा.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Alwar,Alwar,Rajasthan

First Published :

September 30, 2026, 09:15 IST

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