विश्वेंद्र सिंह ने गोविंद डोटासरा पर लगाए कई गंभीर आरोप, RAS चयन से REET तक उठाए ये सवाल

भरतपुर. भरतपुर में कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आई है. पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर RAS चयन, OBC प्रमाण-पत्र और REET परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक लंबा संदेश पोस्ट कर इन मामलों की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की है. उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में 2016 और 2018 की RAS भर्ती का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा की पुत्रवधू प्रतिभा पूनिया, उनके भाई गौरव पूनिया और बहन प्रज्ञा पूनिया को इंटरव्यू में समान 80-80 अंक दिए गए. विश्वेंद्र सिंह के मुताबिक प्रतिभा पूनिया का चयन RAS-2016 में हुआ, जबकि गौरव पूनिया और प्रज्ञा पूनिया का चयन 2018 में हुआ.
इन मामलों पर उठाए सवालविश्वेंद्र सिंह ने इन सभी को इंटरव्यू में समान अंक मिलने पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग करके इंटरव्यू में अंक दिलाए गए. उन्होंने कहा कि समान अंक मिलना गंभीर संदेह पैदा करता है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. इन आरोपों को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में भी विश्वेंद्र सिंह की पोस्ट का उल्लेख किया गया है, हालांकि आरोप अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं हैं.
विश्वेंद्र सिंह का फेसबुक पोस्ट
OBC प्रमाण-पत्र को लेकर भी लगाए आरोपपूर्व मंत्री ने डोटासरा के बेटे अविनाश सिंह के RAS चयन का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि 2016 में चयन के दौरान नॉन क्रीमी लेयर का OBC प्रमाण-पत्र बनवाकर लाभ लिया गया. इसके साथ ही विश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा के समधी रमेश चंद पूनिया पर भी आरोप लगाया कि क्रीमी लेयर में होने के बावजूद उनके बच्चों को OBC का लाभ दिलाया गया. विश्वेंद्र सिंह ने इन मामलों की भी गहन जांच की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री और वर्तमान सरकार से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की अपील की. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
REET को लेकर भी सरकार से जांच की मांगविश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहने के दौरान हुई REET परीक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय REET परीक्षा में बड़ी धांधली हुई, जिसका असर गरीब और किसान परिवारों के मेहनती युवाओं के भविष्य पर पड़ा. उन्होंने सरकार से इस मामले में भी जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि ऐसे मामलों की जांच होने से युवाओं का सरकार और भर्ती व्यवस्था के प्रति भरोसा कायम रह सकता है. REET को लेकर उनके आरोप भी राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन्हें जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
भरतपुर को लेकर डोटासरा के बयान पर भी नाराजगी
विश्वेंद्र सिंह ने अपने संदेश में भरतपुर को लेकर डोटासरा के पुराने बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि बयाना में स्वर्गीय बृजेन्द्र सिंह की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में डोटासरा ने कहा था कि “भरतपुर में तो रास्ता पूछने के भी पैसे ले लेते हैं”. इसी बयान को लेकर विश्वेंद्र सिंह ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि भरतपुर की जनता के लिए यह टिप्पणी अपमानजनक थी. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगली बार डोटासरा भरतपुर आएंगे तो उन्हें रास्ता भी बताया जाएगा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान से भी बेहतर स्वागत-सत्कार किया जाएगा. विश्वेंद्र सिंह के इस बयान को लेकर भी स्थानीय राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है.
डोटासरा के इस्तीफे की भी मांगविश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में डोटासरा पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि ऐसे नेताओं को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से भी डोटासरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की. यह बयान ऐसे समय आया है जब भरतपुर-डीग में हालिया निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं. विश्वेंद्र सिंह ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए डोटासरा और स्थानीय कांग्रेस संगठन पर निशाना साधा था.
राजपरिवार का विवाद भी रहा है चर्चा मेंविश्वेंद्र सिंह सिर्फ राजनीतिक बयानों को लेकर ही चर्चा में नहीं रहे हैं. भरतपुर के पूर्व राजपरिवार से जुड़े पारिवारिक विवाद भी पिछले कुछ समय से सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं. विश्वेंद्र सिंह और उनके बेटे अनिरुद्ध सिंह के बीच पारिवारिक और संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा था. 2024 में कलेक्टर कोर्ट ने अनिरुद्ध सिंह को अपने पिता की देखभाल और उनके साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार के निर्देश दिए थे.
सोशल मीडिया पर लगातार मुखर रहे हैं विश्वेंद्र
विश्वेंद्र सिंह लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए अपने राजनीतिक विचार और प्रतिक्रियाएं सामने रखते रहे हैं. कई मौकों पर उन्होंने कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर खुलकर टिप्पणी की है. साथियों और पार्टी नेताओं के समर्थन से लेकर सचिन पायलट से जुड़े पोस्ट को साझा करने और राजनीतिक तंज वाली शायरी तक, उनके सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में रहे हैं. अब डोटासरा के खिलाफ RAS चयन, OBC प्रमाण-पत्र और REET जैसे मुद्दे उठाने के बाद एक बार फिर उनका बयान राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. फिलहाल विश्वेंद्र सिंह ने पूरे मामले की जांच की मांग रखी है, जबकि लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच या संबंधित दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकेगी.



