वर्क फ्रॉम होम में घंटों बैठने से दुखती है पीठ? ये आसान योगासन जरूर करें, फिट रहेगी बॉडी

वर्क फ्रॉम होम में लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से पीठ, कंधों और कूल्हों में जकड़न महसूस होना आम बात है. खासकर जब बैठने का तरीका सही न हो और बीच-बीच में शरीर को स्ट्रेच करने का समय न मिले. ऐसे में रोजमर्रा की दिनचर्या में हल्की एक्सरसाइज और योग को शामिल करना शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकता है. पूर्वोत्तानासन ऐसा ही एक योगासन है, जिसमें शरीर को ऊपर उठाते हुए हाथों और पैरों का सहारा लिया जाता है. इसे अंग्रेजी में Upward Plank Pose भी कहा जाता है.
पूर्वोत्तानासन संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है. ‘पूर्व’ का मतलब शरीर का आगे वाला हिस्सा, ‘उत्तान’ का अर्थ खिंचाव और ‘आसन’ यानी योग की मुद्रा. इस आसन में शरीर के सामने वाले हिस्से में अच्छा स्ट्रेच महसूस होता है, जबकि हाथ, कंधे, पैर और शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को शरीर को ऊपर उठाए रखने के लिए काम करना पड़ता है.
दिनभर कुर्सी पर बैठने वाले लोगों के लिए यह आसन खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, क्योंकि लंबे समय तक बैठे रहने से कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों में जकड़न आ सकती है.
कैसे करें पूर्वोत्तानासन?
सबसे पहले जमीन पर पैरों को सामने की तरफ सीधा करके बैठ जाएं. दोनों हथेलियों को कूल्हों के पीछे जमीन पर रखें. उंगलियों का रुख पैरों की तरफ या अपनी सुविधा के अनुसार थोड़ा बाहर रखा जा सकता है.
अब पैरों को सीधा रखते हुए हथेलियों और एड़ियों पर दबाव डालकर कूल्हों को धीरे-धीरे जमीन से ऊपर उठाएं. कोशिश करें कि शरीर कंधों से लेकर पैरों तक एक सीधी लाइन में रहे. गर्दन को आराम की स्थिति में रखें और शरीर को अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड तक इसी मुद्रा में रोकें. इसके बाद धीरे-धीरे कूल्हों को नीचे लाएं.
शुरुआत में इसे लंबे समय तक करने की कोशिश न करें. पहले कुछ सेकंड से शुरुआत करें और अभ्यास बढ़ने के साथ समय धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं.
पीठ और शरीर के लिए कैसे फायदेमंद?
पूर्वोत्तानासन में शरीर को ऊपर उठाए रखने के दौरान पीठ, कंधों, हाथों, पैरों और कूल्हों की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर यह शरीर की ताकत और लचीलेपन को बनाए रखने में मदद कर सकता है. लंबे समय तक बैठने से हिप फ्लेक्सर्स यानी कूल्हे के आगे की मांसपेशियां टाइट हो सकती हैं. इस आसन में शरीर का अगला हिस्सा खुलता है और हिप्स के आसपास स्ट्रेच मिलता है. साथ ही ग्लूट्स और पैरों की मांसपेशियों को भी काम करना पड़ता है.
पैरों और कूल्हों की जकड़न में मदद
वर्क फ्रॉम होम में लगातार बैठने के कारण पैरों में भारीपन या कूल्हों में अकड़न महसूस हो सकती है. पूर्वोत्तानासन में पैरों को सीधा रखकर एड़ियों को जमीन पर दबाया जाता है, जिससे पैरों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं. कूल्हों को ऊपर उठाने के दौरान ग्लूट्स भी काम करते हैं. हालांकि, किसी भी योगासन को दर्द या बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए. अगर पीठ दर्द लगातार बना हुआ है, बहुत ज्यादा है या पैर में सुन्नपन और कमजोरी जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना जरूरी है.
इन बातों का रखें ध्यान
योग की शुरुआत कर रहे हैं तो पहले हल्का वॉर्म-अप करें. खासकर कलाइयों और कंधों को तैयार करना जरूरी है, क्योंकि इस आसन में शरीर का वजन हाथों पर भी आता है. गर्दन को जरूरत से ज्यादा पीछे न झुकाएं. अगर कलाई, कंधे, गर्दन या रीढ़ की हड्डी में चोट या गंभीर समस्या है, तो इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें. आसन के दौरान तेज दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत मुद्रा से बाहर आ जाएं.



