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कौन हैं IAS श्रुति भारद्वाज, जिनकी प्रशासनिक महारत के आगे सरकार ने शिथिल किए नियम?

Last Updated:October 01, 2026, 13:56 IST

IAS Shruti Bhardwaj राजस्थान सरकार ने हाल ही में रिटायर हुईं IAS अधिकारी श्रुति भारद्वाज को वापस RCDF का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है. मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली और 1994 में RAS अफसर के तौर पर करियर शुरू करने वाली श्रुति भारद्वाज को 2013 में IAS कैडर मिला था. उन्होंने अपने 30 साल के करियर में डीग व नीमकाथाना कलेक्टर सहित शिक्षा, जल संसाधन और हाउसिंग बोर्ड जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली है. उनके इसी व्यापक अनुभव को देखते हुए सरकार ने एक महीने से खाली पड़ी RCDF MD की कुर्सी पर नियमों को शिथिल करते हुए उन्हें पुनर्नियुक्ति दी है.

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Jaipur: रिटायरमेंट के बाद भी बरकरार है रुतबा: कौन हैं IAS श्रुति भारद्वाजZoomकौन हैं IAS श्रुति भारद्वाज? जिनकी 30 साल की प्रशासनिक महारत के आगे नियम भी हुए शिथिल

Jaipur: राजस्थान की नौकरशाही में यूं तो कई अधिकारियों का दबदबा रहा है, लेकिन रिटायरमेंट के ठीक एक महीने बाद उसी कुर्सी पर ससम्मान वापसी करना किसी भी अधिकारी की असाधारण प्रशासनिक पकड़ और अनुभव को दर्शाता है. 31 अगस्त 2026 को रिटायर होने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी श्रुति भारद्वाज को राज्य सरकार ने एक बार फिर राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है. सरकार ने उनके लिए नियुक्ति से जुड़ी पात्रता शर्तों को भी शिथिल किया है, जो यह साबित करता है कि सिस्टम को उनके अनुभव की कितनी सख्त जरूरत है. आइए जानते हैं कौन हैं श्रुति भारद्वाज और कैसा रहा है उनका तीन दशक लंबा करियर.

4 अगस्त 1966 को जन्मीं श्रुति भारद्वाज मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं. कला में स्नातकोत्तर (M.A.) की शिक्षा प्राप्त करने वाली श्रुति भारद्वाज ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1994 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी के तौर पर की थी. प्रोबेशन पूरा करने के बाद उन्होंने शुरुआत में जयपुर और अलवर में असिस्टेंट कलेक्टर और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं दीं. उनके बेहतरीन प्रशासनिक कौशल, कार्यशैली और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें राज्य सिविल सेवा से पदोन्नत कर 2013 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी का कैडर प्रदान किया गया था.

30 सालों में संभाली प्रदेश के कई अहम विभागों की कमान

श्रुति भारद्वाज का सर्विस प्रोफाइल बेहद मजबूत और विविधतापूर्ण रहा है. उन्होंने अपने 30 साल लंबे करियर में राजस्थान सरकार के कई अहम और चुनौतीपूर्ण विभागों का जिम्मा संभाला है. वह नीमकाथाना और डीग जैसे नवगठित जिलों की कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रह चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान (SMSA) में स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर, स्टेट इंश्योरेंस एंड प्रोविडेंट फंड (SIPF) विभाग की निदेशक, जल संसाधन विभाग की संयुक्त सचिव, बाल अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त निदेशक और राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की चीफ एस्टेट ऑफिसर जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है. उन्होंने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) और जयपुर नगर निगम में भी लंबी सेवाएं दी हैं.

जयपुर में बीता लंबा समय, रवींद्र मंच से JDA तक का सफर

श्रुति भारद्वाज के सर्विस रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो उनके 30 साल के लंबे प्रशासनिक करियर का एक बड़ा और अहम हिस्सा राजधानी जयपुर में ही बीता है. 1995-96 में उन्होंने जयपुर के प्रसिद्ध रवींद्र मंच के मैनेजर के तौर पर भी काम किया. इसके बाद वे जयपुर में एसडीएम (SDO), नगर निगम जयपुर में कमिश्नर (मुख्यालय), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में डिप्टी कमिश्नर और जेडीए (JDA) में अतिरिक्त निगमायुक्त (भूमि) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित रहीं. इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान रोडवेज (RSRTC) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्रशासन) और राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में चीफ एस्टेट ऑफिसर की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई.

RCDF में दोबारा वापसी के मायने

प्रशासनिक हलकों में श्रुति भारद्वाज की छवि एक ऐसी अफसर की है जो जटिल सरकारी कामकाज को तेजी से सुलझाने और परिणाम (डिलीवर) देने में माहिर हैं. डेयरी सेक्टर (RCDF) का सीधा जुड़ाव प्रदेश के लाखों पशुपालकों, दुग्ध संघों और आम उपभोक्ताओं से है. 31 अगस्त को उनके रिटायर होने के बाद पिछले एक महीने से RCDF के MD का पद खाली था और सरकार को इस जटिल ढांचे को संभालने के लिए कोई बेहतर अनुभवी विकल्प नहीं मिल रहा था. सरकार ने उनके इसी अनुभव और कार्यकुशलता पर मुहर लगाते हुए ‘पे-माइनस-पेंशन’ (वेतन में से पेंशन घटाकर भुगतान) के आधार पर उन्हें अगले छह महीने के लिए फिर से RCDF की कमान सौंपी है. उनका यह सफर यह साबित करता है कि यदि अधिकारी अपनी काबलियत से सिस्टम के लिए अपरिहार्य बन जाए, तो रिटायरमेंट सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह जाता है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 01, 2026, 13:56 IST

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