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बांस से बना ये डायपर 150 बार तक होगा इस्तेमाल! बच्चों से बुजुर्गों तक के लिए डिजाइन, जानिए खासियत

Last Updated:September 30, 2026, 10:58 IST

नोएडा की कंपनी बम्बूलॉजी ने सिंगल-यूज डायपर के विकल्प के तौर पर बांस से रीयूजेबल डायपर तैयार किया है. कंपनी के मुताबिक, इसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है और एक डायपर को करीब 150 बार तक धोकर दोबारा इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है.

नोएडा. कोविड के दौर में शुरू हुई कंपनी बम्बूलॉजी (Bamboology) अब बांस से बने ऐसे डायपर तैयार कर रही है, जो सामान्य सिंगल-यूज डायपर का विकल्प बन सकते हैं. कंपनी की फाउंडर फैहमीदा चौधरी के मुताबिक, बम्बूलॉजी की शुरुआत करीब चार साल पहले प्रदूषण कम करने, लोगों तक हेल्दी प्रोडक्ट पहुंचाने और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी.

कंपनी ने शुरुआत में बांस से जुड़े क्लोदिंग प्रोडक्ट पर काम किया. इसके बाद बांस से बने डायपर और पीरियड पैंटी के लिए पेटेंट का आवेदन किया गया. फैहमीदा के मुताबिक, इस प्रोडक्ट को पिछले साल जून में पेटेंट ग्रांट हुआ, जिसके बाद अब इसके निर्माण और बाजार में उतारने पर काम किया जा रहा है.

लोकल 18 से बातचीत में फैहमीदा चौधरी ने बताया कि बांस से बने इस डायपर की खासियत इसका बायो-बेस्ड और रीयूजेबल होना है. उनके मुताबिक, बांस के फैब्रिक में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया और दुर्गंध को कम करने में मदद करते हैं. उनका दावा है कि सामान्य कॉटन की तुलना में इस बांस के प्रोडक्ट में बैक्टीरिया की ग्रोथ काफी कम होती है. फैहमीदा ने सिंगल-यूज डायपर में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स और PFAS को लेकर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि इसी वजह से कंपनी ने ऐसा विकल्प तैयार करने की कोशिश की, जिसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

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कंपनी के मुताबिक, यह डायपर सिर्फ बच्चों के लिए नहीं है. इसके साइज न्यूबॉर्न से लेकर करीब दो साल तक के बच्चों के लिए तैयार किए गए हैं. इसके अलावा अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एडल्ट साइज भी उपलब्ध हैं. इनका इस्तेमाल उन महिलाओं के लिए किया जा सकता है, जिन्हें उम्र बढ़ने के साथ यूरिन इनकॉन्टिनेंस की समस्या होती है. इसके अलावा बुजुर्ग, बेडरिडन मरीज और स्पेशल नीड्स वाले बच्चे भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. कंपनी का दावा है कि प्रोडक्ट को अब्जॉर्बेंट होने के साथ लीक-प्रूफ बनाया गया है, ताकि इस्तेमाल करने वाले को ज्यादा सुविधा मिल सके.

फैहमीदा के मुताबिक, इस डायपर को साधारण हैंडवॉश के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी ने एक डायपर को करीब 150 वॉश तक इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया है. बार-बार इस्तेमाल होने की वजह से कंपनी का कहना है कि लंबे समय में पेरेंट्स का खर्च भी कम हो सकता है. फैहमीदा के अनुसार, सामान्य डिस्पोजेबल डायपर की कीमत करीब 10-12 रुपये या उससे अधिक प्रति पीस हो सकती है, जबकि बांस से बने रीयूजेबल डायपर की प्रति उपयोग लागत करीब 2.5 से 3 रुपये तक आती है.

कंपनी का फोकस सिंगल-यूज डायपर से निकलने वाले कचरे को कम करना भी है. फैहमीदा चौधरी के मुताबिक, एक औसत बच्चा दिन में करीब तीन डिस्पोजेबल डायपर इस्तेमाल करता है. डेढ़ से दो साल की उम्र तक यह संख्या हजारों तक पहुंच सकती है. उनके अनुमान के अनुसार, करीब दो साल में एक बच्चा लगभग 2,200 डायपर इस्तेमाल कर सकता है. कंपनी का दावा है कि रीयूजेबल बांस डायपर के इस्तेमाल से इस तरह के कचरे को बड़े स्तर पर कम किया जा सकता है.

पेटेंटेड प्रोडक्ट होने के कारण कंपनी ने एक विशेष कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर के साथ काम किया है. कंपनी की ओर से फैब्रिक, इनसाइड लेयर, लेबल और अन्य जरूरी रॉ-मटीरियल उपलब्ध कराया जाता है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर मुख्य रूप से इसकी स्टिचिंग का काम करता है.

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September 30, 2026, 10:58 IST

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