दिनभर खेलने के बाद अगर बच्चा रात में पैर पकड़कर रोता है, तो भूलकर भी न करें नजरअंदाज.. जानिए क्यों

फरीदाबाद: बच्चों के पैरों में रात के समय दर्द होना आम बात है. खासकर 6 से 11-12 साल की उम्र के बच्चों में अक्सर रात को पैरों में दर्द की शिकायत देखने को मिलती है. कई बार ज्यादा खेल-कूद करने के बाद मांसपेशियों में थकान के कारण दर्द होता है, जबकि कुछ बच्चों में यह ग्रोइंग पेन भी हो सकता है. फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स के सीनियर कंसल्टेंट और प्रोफेसर डॉ. प्रितिश सिंह ने बच्चों के पैरों में होने वाले दर्द को लेकर कई जरूरी बातें बताईं.
डॉ. प्रितिश सिंह बताते हैं कि, बच्चों के पैरों में रात को दर्द होने के आमतौर पर दो प्रमुख कारण होते हैं. पहला कारण फटीग पेन यानी थकान का दर्द है. बच्चा दिनभर ज्यादा खेल-कूद करता है तो उसकी मांसपेशियां बड़ों की तुलना में जल्दी थक जाती हैं. बच्चों की मांसपेशियों की काम करने की क्षमता और स्टैमिना अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए ज्यादा एक्टिविटी के बाद पैरों में दर्द हो सकता है.
दूसरा प्रमुख कारण ग्रोइंग पेन है
डॉक्टर ने बताया कि लगभग 10 से 14-15 साल की उम्र के दौरान बच्चों की लंबाई तेजी से बढ़ती है, जिसे ग्रोथ स्पर्ट कहा जाता है. इस दौरान कुछ बच्चों को हड्डियों के किनारे, जहां से हड्डी की लंबाई बढ़ती है, वहां दर्द महसूस हो सकता है.
ग्रोइंग पेन की क्या पहचान है?
डॉ. प्रितिश सिंह बताते हैं कि ग्रोइंग पेन हर बच्चे में नहीं होता. करीब 10 प्रतिशत बच्चों में इस तरह का दर्द देखा जा सकता है. इसकी एक खास पहचान यह है कि दर्द आमतौर पर हड्डी के किनारे महसूस होता है, पूरी हड्डी में नहीं. इसके साथ सामान्य तौर पर सूजन या त्वचा का लाल होना नहीं होता.
ग्रोइंग पेन स्थायी दर्द नहीं होता, बल्कि यह बीच-बीच में आता और चला जाता है. डॉक्टर के अनुसार, सामान्य आराम और ठंडे पानी की सिकाई या कोल्ड पैक से भी इसमें राहत मिल सकती है. आमतौर पर यह दर्द एक-दो दिन में ठीक हो जाता है.
कब समझें कि यह सामान्य दर्द नहीं है?
डॉ. प्रितिश सिंह बताते हैं कि अगर बच्चे के पैर की त्वचा लाल हो रही है, हड्डी मोटी दिखाई दे रही है, वहां कोई गांठ या गठान महसूस हो रही है या उस जगह की त्वचा गर्म है, तो इसे सिर्फ ग्रोइंग पेन नहीं मानना चाहिए. इसके अलावा अगर बच्चा पहले आसानी से दौड़-भाग और खेल-कूद कर लेता था, लेकिन अब उसे चलने, दौड़ने या खेलने में परेशानी हो रही है, लचक आ गई है या बच्चा लंगड़ाकर चल रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है. ऐसे लक्षण किसी दूसरी बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं और बच्चे पर ध्यान देने की जरूरत है.
एक पैर में दर्द हो तो डॉक्टर को कब दिखाएं?
डॉ. प्रितिश सिंह बताते हैं कि सामान्य ग्रोइंग पेन आमतौर पर दोनों पैरों में होता है और दोनों तरफ समान रूप से महसूस हो सकता है. अगर सिर्फ एक पैर में दर्द है और उसके साथ सूजन, लचक, त्वचा का लाल होना या उस जगह का तापमान बढ़ना जैसे लक्षण भी हैं, तो बच्चे को डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
दर्द होने पर घर पर क्या करें?
अगर बच्चे को ज्यादा खेल-कूद के बाद थकान की वजह से दर्द है तो उसे आराम करवाया जा सकता है. घर पर हल्की मालिश भी की जा सकती है. वहीं अगर ग्रोइंग पेन है तो डॉक्टर ने ठंडे पानी की सिकाई या कोल्ड पैक लगाने और बच्चे को आराम देने की सलाह दी.
डॉ. प्रितिश सिंह बताते हैं कि सामान्य ग्रोइंग पेन में बच्चे की खेल-कूद या रोजमर्रा की गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत नहीं होती. बच्चा अपनी सामान्य गतिविधियां कर सकता है. आमतौर पर ग्रोइंग पेन एक-दो दिन में ठीक हो जाता है.



