बिहार के लाल, बंगाल से कमाल…आकाशदीप और मुकेश कुमार, टीम इंडिया में वापसी को बेकरार

होमखेलक्रिकेट
बिहार के लाल, बंगाल से कमाल…आकाश-मुकेश कुमार, टीम इंडिया में वापसी को बेकरार
Last Updated:October 05, 2026, 08:28 IST
Irani Cup में आकाशदीप ने पहली पारी में 43 रन देकर तीन विकेट लिए तो दूसरी पारी में 45 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया जबकि मुकेश कुमार ने पहली पारी में 84 रन देकर दो शिकार किए तो दूसरी पारी में महज 33 रन के एवज में छह विकेट लिए. ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर में शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के पेस अटैक में जगह बनाने की जंग और तेज-रोमांचक हो चुकी है.मुकेश कुमार और आकाशदीप वापसी की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.
नई दिल्ली: क्रिकेट में लंबे समय से खिलाड़ी अपने घरेलू राज्य को छोड़कर दूसरी टीम से खेलते आए हैं. खासतौर पर बिहार के खिलाड़ियों का बंगाल शिफ्ट हो जाना बेहद आम बात है. मुकेश कुमार और आकाशदीप सरीखे तेज गेंदबाज इसके प्राइम और सबसे ताजा उदाहरण हैं. चंद महीने पहले तक बिहार के ये दो लाल इंडियन क्रिकेट टीम में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकेट निकाल रहे थे, लेकिन एक के बाद एक दोनों इंजर्ड हो गए और अब टीम में वापसी की राह देख रहे हैं.
आकाशदीप ने 6 तो मुकेश ने झटके आठ विकेटहाल ही में रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलते हुए आकाशदीप और मुकेश कुमार ने ईरानी कप में रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ कहर बरपाया. आकाशदीप ने छह तो मुकेश कुमार ने दोनों पारियों में कुल आठ विकेट झटके. बिहार के ये दोनों टैलेंटेड तेज गेंदबाज सिर्फ बल्लेबाजों को आउट नहीं कर रहे थे बल्कि टीम इंडिया में अपनी वापसी का दावा ठोक रहे थे. हेड कोच गौतम गंभीर और सिलेक्शन कमिटी को बता रहे थे कि न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें इग्नोर नहीं किया जा सकता.
मुकेश कुमार और आकाशदीप दोनों टीम इंडिया में वापसी के लिए बेकरार है.
न्यूजीलैंड दौरे पर दोनों की निगाहेंश्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में अपने घरेलू दर्शकों के बीच जम्मू एंड कश्मीर की टीम के पास मुकेश और आकाश की स्विंग का कोई जवाब नहीं था. मुकेश कुमार और आकाशदीप के लिए ईरानी कप का फाइनल सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने से कहीं ज्यादा अहम था. मुकेश जुलाई 2024 के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं और खुद को टीम से बाहर किए जाने के फैसले को गलत साबित करने में जुटे हैं तो आकाशदीप कमर के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर से ठीक होने के बाद अपना पहला मैच खेल रहे थे. जिनमें से दो चयनकर्ता मैदान के किनारे से उन पर बारीकी से नजर रख रहे थे. यह उनका लगभग आठ महीनों में पहला मैच था.
मुकेश कुमार और आकाश दीप सिंह
मजबूरी में बिहार छोड़कर बंगाल गए थे मुकेश-आकाशदीपबिहार के सासाराम के रहने वाले आकाशदीप 2010 में अपने चाचा के साथ रहने के लिए पश्चिम बंगाल आए थे. बिहार के ही रहने वाले मुकेश कुछ साल बाद गोपालगंज से यहां आए ताकि अपने पिता के टैक्सी के काम में मदद कर सकें. किसी के भी माता-पिता को उनके क्रिकेटर बनने का सपना पसंद नहीं था फिर भी दोनों बंगाल की टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे और बाद में भारत के लिए भी खेले. चंद महीने पहले दोनों क्रिकेटर्स को बिहार सरकार ने पुलिस विभाग में डीएसपी बनाया है.
आकाशदीप और मुकेश कुमार ने डीएसपी की नौकरी जॉइन कर ली
किन पेसर्स से मिलेगी आकाश-मुकेश को टक्कर?मुकेश शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा 12 विकेट लिए थे. मुकेश ने इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में जाकर भी गेंदबाजी की थी. मुकेश और आकाशदीप की गैरमौजूदगी में गुरनूर बराड़ जैसे ऊंचे कद के तेज गेंदबाज की टीम में एंट्री हो चुकी है, जिन्हें शुभमन गिल का करीबी माना जाता है. इतना ही नहीं आकिब नबी जैसे तेज गेंदबाज भी घरेलू क्रिकेट में लगातार बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा का दावा भी मजबूत है. अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर-दिसंबर से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया किन गेंदबाजों पर भरोसा जताती है.
About the AuthorAnshul TalmaleDeputy News Editor
अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. यहां स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल डायरेक्शन एंड स्ट्रे…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,Delhi
First Published :
October 05, 2026, 08:28 IST



