मोबाइल चोरी हो जाए या खो जाए तो तुरंत यहां करें शिकायत, 14 लाख से ज्यादा फोन घर पहुंचा चुका है यह पोर्टल

Last Updated:October 05, 2026, 23:25 IST
Sanchar Saathi Portal : संचार साथी पोर्टल मई 2023 में शुरू हुआ था. अब तक 30 करोड़ से अधिक विजिट्स इसपर हो चुके हैं. धोखाधड़ी और साइबर अपराध रोकने में यह पोर्टल खूब काम आ रहा है. इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 14 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं.अब तक संचार साथी पोर्टल के जरिए देश में 60.96 लाख खोए या चोरी हुए फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं.
नई दिल्ली. अगर आपका स्मार्टफोन कहीं गिर गया है या भीड़भाड़ में चोरी हो गया है, तो अब मायूस होकर हाथ पर हाथ धरे बैठने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. भारत सरकार का संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल आम नागरिकों के लिए संकटमोचक साबित हो रहा है. केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस पोर्टल की मदद से अब तक 14 लाख से अधिक खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाए जा चुके हैं. मई 2023 में लॉन्च होने के बाद से यह डिजिटल प्लेटफॉर्म 30 करोड़ से अधिक विजिट्स का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर चुका है.
मंत्रालय के अनुसार, संचार साथी पोर्टल पर लोग संदिग्ध कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके अलावा, इस पोर्टल पर यूजर्स अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी जांच सकते हैं, खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कर सकते हैं और मोबाइल खरीदने से पहले उसकी ऑथेंटिसिटी भी वेरिफाई कर सकते हैं. यही नहीं नागरिकों द्वारा दर्ज की गई प्रत्येक शिकायत दूरसंचार विभाग, बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए उपयोगी खुफिया जानकारी तैयार करती है.
फोन चोरी होते ही करें यह काम
जैसे ही आपका फोन गुम या चोरी हो, पुलिस में सूचना देने के बाद सीधे संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाएं. पोर्टल पर फोन का IMEI नंबर दर्ज करते ही हैंडसेट देशभर के सभी टेलीकॉम नेटवर्क्स पर तुरंत ब्लॉक हो जाता है. ब्लॉक होते ही चोर उस डिवाइस में कोई भी दूसरा सिम डालकर उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता. जैसे ही उस फोन में कोई नई गतिविधि होती है, सिस्टम उसे फौरन ट्रैक कर लेता है.
37.85 लाख मोबाइल हुए ट्रेस
अब तक संचार साथी पोर्टल के जरिए देश में 60.96 लाख खोए या चोरी हुए फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं, जिनमें से 37.85 लाख मोबाइल सफलता से ट्रेस हुए और टेलीकॉम कंपनियों व राज्य पुलिस के साझा प्रयासों से 14 लाख से ज्यादा हैंडसेट बरामद किए गए. मंत्रालय ने बताया कि नागरिकों की शिकायतों से प्राप्त जानकारी फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (एफआरआई) प्रणाली को भी मजबूत बनाती है. यह प्रणाली उन मोबाइल नंबरों के जोखिम का आकलन करती है, जो वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं.
About the Authorरुली बिश्नोई
रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी Hindi (hindi..com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
October 05, 2026, 23:25 IST



