6200 KMPH की तूफानी रफ्तार, इस मामले में ब्रह्मोस से दोगुना खतरनाक, 20 मिनट में बीजिंग तबाह – Japan Type 25 Hyper Velocity Gliding Projectile Brahmos

Last Updated:October 06, 2026, 09:17 IST
Hypersonic Missile: दुनियाभर में सामरिक हालात बदल रहे हैं. पहले रूस-यूक्रेन युद्ध और उसके बाद ईरान जंग से हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं. दूसरी तरफ, चीन के रवैये से पड़ोसी देशों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है. वियतनाम, ताइवार, जापान, फिलीपींस जैसे देशों को बीजिंग से खतरा महसूस होने लगा है. इसे देखते हुए अब एशिया-पैसिफिक में आर्म्स रेस तेज हो गई है.जापान की Type 25 Hyper Velocity Gliding Projectile चीन के लिए बड़ा खतरा है. (फाइल फोटो)Hypersonic Missile: एशिया-पैसिफिक में दुनिया के अन्य क्षेत्रों की तरह ही हथियारों की होड़ बढ़ गई है. वजह सिर्फ एक है – चीन से खतरा. डोनाल्ड ट्रंप जबसे अमेरिका के राष्ट्रपति का पद दोबारा से संभाला है, मित्र देशों के प्रति वॉशिंगटन का रवैया बदल गया है. ऐसे में जापान समेत एशिया-पैसिफिक के कई देशों को अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. यह वजह है कि इस क्षेत्र के कई देशों ने भारत से दुनिया की सबसे खतरनाक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस खरीदने का फैसला किया है. कुछ देशों ने करार कर लिया है, तो कई अन्य देश कतार में लगे हैं. इन सब डेवलपमेंट के बीच जापान से बड़ी खबर सामने आई है. जापान ने हाइपरसोनिक मिसाइल डेवलप की है, जिसकी रफ्तार मैक-5 (6200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा) या उससे अधिक है. मान लिया जाए कि जापानी मिसाइल की रफ्तार मैक-5 ही है तो तकरीबन 20 मिनट में चीन की राजधानी बीजिंग में तबाही लाई जा सकेगी. जापान की नई हाइपरसोनिक मिसाइल चीन के लिए बड़ा खतरा है, क्योंकि अत्यधिक तेज गति वाली मिसाइल को इंटरसेप्ट करना किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अभी भी बड़ा चैलेंज है.
जापान ने पहली बार अपने नए Type 25 Hyper Velocity Gliding Projectile को ऑपरेशनल स्थिति में दिखाया है. कैंप फूजी में सामने आए नए वीडियो में जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) की इकाई को इस हथियार प्रणाली को फायरिंग पोजिशन पर ले जाते, लॉन्चर को तैयार करते और फिर वहां से वापस हटते देखा गया. यह जापान के पहले घरेलू स्तर पर विकसित हाई-स्पीड ग्लाइड वेपन की ऑपरेशनल कैपेबिलिटी का अब तक का सबसे स्पष्ट प्रदर्शन माना जा रहा है. वीडियो में 8×8 रोड-मोबाइल लॉन्चर पर दो बड़े मिसाइल कंटेनर दिखाई देते हैं. लॉन्चर पहले फायरिंग क्षेत्र में पहुंचता है और इसके बाद दोनों कंटेनरों को ऊपर उठाकर लॉन्च की स्थिति में लाया जाता है. कुछ समय बाद इन्हें नीचे कर लॉन्चर वहां से निकल जाता है. इस पूरी प्रक्रिया से हथियार प्रणाली की गतिशीलता और कम समय में मूवमेंट से लॉन्च की तैयारी की क्षमता का पता चलता है.
मिसाइल डिफेंस सिस्टम को धुआं-धुआं करने की क्षमता
Type 25 को 31 मार्च को जापानी सेना में शामिल किया गया था. यह पहली बार है जब जापान ने घरेलू स्तर पर निर्मित स्टैंड-ऑफ मिसाइलों को अपनी सेल्फ-डिफेंस फोर्स की ऑपरेशनल यूनिट को सौंपा है. रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के मुताबिक, यह हथियार जापान को दुश्मन की सेना के प्रभावी खतरे वाले क्षेत्र में प्रवेश किए बिना आक्रमणकारी बलों के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगा. इसे खासतौर पर जापान के दूरदराज के द्वीपों की रक्षा के लिए विकसित किया गया है. Type 25 पारंपरिक क्रूज मिसाइलों से अलग तरीके से लक्ष्य तक पहुंचता है. रॉकेट बूस्टर पहले हथियार को ऊंचाई तक ले जाता है, जिसके बाद ग्लाइड व्हीकल अलग होकर बेहद तेज गति से लक्ष्य की ओर बढ़ता है. अंतिम चरण में यह अपने फ्लाइट पाथ में बदलाव कर सकता है, जिससे मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना अधिक मुश्किल हो सकता है.
जापान की नई मिसाइल ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से रेंज और स्पीड के मामले में बीस है. (फाइल फोटो)
Type 25 बनाम ब्रह्मोस
जापान ने अभी तक Type 25 की सटीक मारक दूरी सार्वजनिक नहीं की है. हालांकि, वह इससे अधिक दूरी तक मार करने वाले एडवांस वेरिएंट पर काम कर रहा है. यह सिस्टम जापान की व्यापक लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें एडवांस Type 12 मिसाइलों, अमेरिकी Tomahawk क्रूज मिसाइलों और नई स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइलों का विकास एवं खरीद शामिल है. हालांकि, Type 25 की रेंज और स्पीड के बारे में सटीक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह तकरीबन 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती है. साथ ही यह मैक-5 या उससे ज्यादा की रफ्तार से टार्गेट की ओर मूव करने में सक्षम है. बता दें कि ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की एक्सपोर्ट रेंज 290 किलोमीटर तक है, जबकि यह फिलहाल तकरीबन 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है. ब्रह्मोस मैक-3 या मैक-3.5 की रफ्तार से अटैक करने में सक्षम है. इस तरह जापान की Type 25 रेंज और स्पीड के मामले में ब्रह्मोस से दोगुनी खतरनाक है.
जापान का डिफेंस पर व्हाइट पेपर
जापान के 2026 डिफेंस व्हाइट पेपर में अलग-अलग दूरी, गति, फ्लाइट प्रोफाइल और लॉन्च प्लेटफॉर्म वाली स्टैंड-ऑफ मिसाइलों के विकास, उत्पादन और अधिग्रहण में तेजी लाने की बात कही गई है. Type 25 का विकास ऐसे समय में हुआ है जब चीन की बढ़ती नौसैनिक और एयर पावर जापान के लिए बड़ी रणनीतिक चुनौती बन रही है. लंबी दूरी और तेज गति वाले ग्लाइड हथियार जापान को अपने लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों या युद्धपोतों को सीधे खतरे में डाले बिना दुश्मन के युद्धपोतों और एयरबेस को निशाना बनाने की क्षमता दे सकते हैं. जापान अब हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन को सेवा में शामिल करने वाला रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के बाद पांचवां देश बन गया है.
About the AuthorManish Kumar
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 06, 2026, 09:17 IST



