राजस्थान में बिछा सड़कों का जाल, 10 हजार किमी मिसिंग लिंक पूरे, अब बहरोड़-कोटपूतली तक RRTS की तैयारी

Last Updated:October 08, 2026, 06:31 IST
Rajasthan Road Infrastructure Project: राजस्थान में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर सड़क से लेकर रीजनल ट्रांसपोर्ट तक कई स्तरों पर काम आगे बढ़ रहा है. प्रदेश में अब तक 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण किया जा चुका है. इसके अलावा 327 अटल प्रगति पथों के लिए 813 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 282 काम पूरे हो चुके हैं. दूसरी ओर, दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र से प्रस्तावित आरआरटीएस को राजस्थान के बहरोड़ तक लाने और आगे कोटपूतली तक विस्तार देने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. इससे एनसीआर और राजस्थान के बीच तेज कनेक्टिविटी का नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है.राजस्थान में 327 अटल प्रगति पथों के लिए 813 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं
जयपुर. राजस्थान में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है. खासकर राजस्थान के भजनलाल सरकार की ग्रामीण सड़कों पर ज्यादा फोकस है. भजनलाल सरकार सड़क और सार्वजनिक परिवहन के इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने के साथ गांवों से लेकर बड़े शहरों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक कनेक्टिविटी मजबूत करने पर फोकस कर रही है. प्रदेश में अब तक करीब 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण किया गया है. इन सड़कों के जरिए मुख्य मार्गों से सीधे जुड़ाव से वंचित इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की कोशिश की गई है. ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क मजबूत होने से लोगों के आवागमन के साथ कृषि उपज, स्थानीय व्यापार और जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है.
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के इसी क्रम में राज्य में 327 अटल प्रगति पथों के निर्माण के लिए कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इन परियोजनाओं के लिए कुल 813 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है. इनमें से 282 कार्य अब तक पूरे हो चुके हैं. अटल प्रगति पथों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बेहतर सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जिससे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन को गति मिल सके. सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के इन कामों को प्रदेश की कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
आरआरटीएस को बहरोड़ तक लाने की तैयारी
राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान में अब सिर्फ सड़क परियोजनाएं ही नहीं, बल्कि रीजनल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं. दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र से प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी आरआरटीएस को राजस्थान के बहरोड़ तक लाने और इसके बाद कोटपूतली तक विस्तार देने की दिशा में कार्रवाई चल रही है. अगर यह कनेक्टिविटी विकसित होती है तो एनसीआर से राजस्थान के इन इलाकों का संपर्क और मजबूत हो सकता है. इससे दिल्ली-हरियाणा और राजस्थान के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकता है. बहरोड़ और कोटपूतली जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है. रोजगार, कारोबार और शिक्षा के लिए एनसीआर की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए भी बेहतर विकल्प तैयार हो सकता है.
गांव से एनसीआर तक कनेक्टिविटी पर फोकस
राज्य के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को देखें तो सड़क नेटवर्क के विस्तार से लेकर बड़े क्षेत्रीय परिवहन प्रोजेक्ट तक एक व्यापक कनेक्टिविटी मॉडल तैयार करने की कोशिश दिखाई दे रही है. 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम है, जबकि 327 अटल प्रगति पथों के जरिए छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. दूसरी ओर, आरआरटीएस को बहरोड़ और आगे कोटपूतली तक लाने की कवायद राजस्थान को एनसीआर के तेज परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 08, 2026, 06:31 IST



