कहानी दिव्या चौधरी की, जिस जेल में थी जेलर उसी कैदी बनकर पहुंची, जानें क्या कारनामा किया था

Last Updated:October 09, 2026, 16:32 IST
Former Jailer Divya Chaudhary: अजमेर सेंट्रल जेल की पूर्व महिला जेलर दिव्या चौधरी का कभी रुतबा और हुक्म चलता था. अब उसी अजमेर सेंट्रल जेल में वे खुद एक कैदी के रूप में सलाखों के पीछे पहुंच गई हैं. एसीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है. जांच में जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, उसने पूरे जेल प्रशासन को शर्मसार कर दिया है. पूर्व जेलर दिव्या चौधरी जिन दो महिला बंदियों को अपनी निजी गाड़ी में बैठाकर घर ले जाती थीं, वे कोई आम अपराधी नहीं थीं.पूर्व जेलर दिव्य चौधरी.
अजमेर. राजस्थान में अजमेर सेंट्रल जेल की पूर्व जेलर दिव्या चौधरी अब उसी जेल में बंद हैं, जहां कभी वह कभी जेलर हुआ करती थीं. उन पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहीं दो महिला कैदियों को नियमों के खिलाफ जेल से बाहर निकाला. उसने अपने घर ले जाकर घरेलू काम करवाए. करीब दो महीने तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उन्हें कोटा के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया.
पुलिस जांच के मुताबिक, दिव्या चौधरी दो महिला कैदियों को अपनी निजी कार से जेल के बाहर ले जाती थीं. आरोप है कि इसके लिए न तो अदालत का आदेश था, न कोई मेडिकल इमरजेंस और न ही सरकारी कामकाज से जुड़ा कारण. दोनों महिला कैदियों से अपने घर की सफाई और दूसरे घरेलू काम करवाने का आरोप है. बताया गया है कि दोनों महिलाएं हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रही थीं. दोनों पर अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या करने के मामले थे.
गेट पर रोकने पर धमकी देने का आरोप
मामले में एक और गंभीर बात सामने आई. आरोप है कि जब ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों ने कैदियों को बिना वैध दस्तावेज और आधिकारिक गेट एंट्री के बाहर ले जाने पर आपत्ति जताई, तो दिव्या चौधरी ने उन्हें नौकरी से हटवाने की बात कही. साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. इसके बाद वह कथित तौर पर दोनों कैदियों को अपनी कार में बैठाकर ले गईं.
गार्ड की शिकायत से खुला मामला
इसी साल जुलाई में जेल के एक गार्ड ने इस मामले की शिकायत बड़े अधिकारियों से की थी. सरकारी स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद 5 अगस्त को दिव्या चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
शिकायत के आधार पर दिव्या चौधरी और उनकी सहयोगी जेल गार्ड सोनिया चौधरी को निलंबित कर दिया गया. दोनों को बीकानेर सेंट्रल जेल से संबद्ध किया गया था. लेकिन आरोप है कि उन्होंने वहां अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई और फरार हो गईं.
घर से बरामद हुईं दोनों महिला कैदी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिव्या चौधरी के अजमेर स्थित आवास पर दबिश दी. वहां से दोनों महिला कैदियों को बरामद कर वापस जेल भेज दिया गया. इसके बाद पुलिस दिव्या चौधरी की तलाश में जुटी रही. करीब दो महीने बाद उन्हें कोटा के एक फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया गया.
अजमेर के एडिशनल चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट आदेश के बाद उन्हें अजमेर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है. मामले में उनके सहयोगी जेल गार्ड सोनिया चौधरी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताई जा रही हैं. पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
पहले भी विवादों में रही है अजमेर सेंट्रल जेल
अजमेर सेंट्रल जेल पिछले कुछ सालों में कई विवादों को लेकर चर्चा में रही है. इसी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या किए जाने का मामला भी सामने आया था. अब पूर्व जेलर पर ही जेल के नियमों का उल्लंघन कर कैदियों को निजी काम के लिए इस्तेमाल करने के आरोपों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, दिव्या चौधरी पर लगे आरोपों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 16:30 IST



