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Nandigram byelection result। Hasirani Ratha Win Margin Record। हसीरानी रथ ने नंदीग्राम उपचुनाव में वो कर दिखाया जो 1967 के बाद कभी नहीं हुआ था

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हसीरानी रथ ने नंदीग्राम उपचुनाव में वो कर दिखाया जो 1967 के बाद कभी नहीं हुआ

Last Updated:October 09, 2026, 20:51 IST

Nandigram byelection Result Win Margin: नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ ने 1.22 लाख से अधिक वोटों के रिकॉर्ड अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. 1967 के बाद यह इस सीट पर जीत का सबसे बड़ा मार्जिन है. ममता बनर्जी के समर्थन के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव हार गए. इस जीत ने बंगाल के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलकर रख दिया है.Amazon Prime DayTop Deals Insideहसीरानी रथ ने नंदीग्राम उपचुनाव में वो कर दिखाया जो 1967 के बाद कभी नहीं हुआZoomनंदीग्राम चुनाव रिजल्‍ट हैरान करने वाले हैं. (IANS)

बंगाल की राजनीति में एक ऐसा ऐतिहासिक धमाका हुआ है जिसने अच्छे-अच्छों के होश उड़ा दिए. पश्चिम बंगाल की सबसे हॉट सीट यानी नंदीग्राम में बीजेपी की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने वो कारनामा कर दिखाया है जो पिछले 1967 के बाद से कभी नहीं हुआ था. ममता बनर्जी की पार्टी के मैदान से हटने और कांग्रेस को समर्थन देने के बावजूद, इस महिला ने ऐसा तगड़ा चुनावी चक्रव्यूह रचा कि विरोधी देखते रह गए. 1 लाख 22 हजार से ज्यादा वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज कर हसीरानी रथ ने साबित कर दिया कि बंगाल की जमीन पर इस वक्त सिर्फ और सिर्फ भगवा आंधी चल रही है. यह कोई आम जीत नहीं है बल्कि बंगाल के पॉलिटिकल इतिहास का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला टर्निंग पॉइंट है.

बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ ने 1967 से लेकर अब तक के सारे रिकॉर्ड धवस्त हो गए. हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड-तोड़ अंतर से धमाकेदार जीत हासिल की है. भाई, जरा सोचिए इतना बड़ा मार्जिन कि मुकाबला देखने वाले भी दंग रह गए. बीजेपी कैंडिडेट को कुल 1,64,427 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के मिलन प्रधान 41,674 वोट पाकर बहुत पीछे छूट गए. तीसरे और चौथे नंबर की पार्टियों का तो ऐसा सूपड़ा साफ हुआ कि उनकी जमानत बचाने के भी लाले पड़ गए.

ममता दीदी का मास्टरप्लान और मैदान से यू-टर्न
इस पूरी कहानी का सबसे मजेदार ट्विस्ट यह है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी (TMC) इस बार डायरेक्ट इस चुनावी मैदान में उतरी ही नहीं. हुआ यह कि उनकी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने ऐन वक्त पर अपना नाम वापस ले लिया, जिसके बाद ममता दीदी ने कांग्रेस उम्मीदवार को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया था. सबको लगा कि शायद इस गठबंधन से बीजेपी का गेम बज जाएगा, लेकिन जनता का मूड कुछ और ही था. इस बार के उपचुनाव में बीजेपी को सीधे तौर पर 25.79 प्रतिशत की जबरदस्त पॉजिटिव बढ़त मिली और हसीरानी रथ को कुल वोटों का 75.94 प्रतिशत हिस्सा मिला.

कौन हैं हसीरानी रथ और क्या है इसके पीछे का इमोशनल एंगल?इस जीत के पीछे एक बेहद गहरी और इमोशनल कहानी भी जुड़ी है. हसीरानी रथ, सुवेंदु अधिकारी के पूर्व पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की मां हैं. इसी साल 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस दर्दनाक ट्रेजडी के बाद जब हसीरानी रथ चुनावी मैदान में उतरीं तो जनता का इमोशन और गुस्सा दोनों खुलकर बाहर आए. सीएम ने भी साफ कहा कि इस जीत का मार्जिन 2016 के पुराने रिकॉर्ड को भी पार कर गया है, जिसमें अल्पसंख्यक वोटों का भी बड़ा हिस्सा बीजेपी के पाले में आया है. कुल मिलाकर इस चुनावी परिणाम ने बंगाल के सियासी गलियारों में यह साबित कर दिया है कि अब हवा का रुख पूरी तरह बदल चुका है.

About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

October 09, 2026, 20:51 IST

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