Rajasthan

Bikaner News: पूर्वजों के साथ वीर शहीदों का भी तर्पण, बीकानेर के सूर्य मंदिर में निभाई अनूठी परंपरा

Last Updated:October 09, 2026, 17:11 IST

Bikaner News: बीकानेर के सूर्य मंदिर में पितृपक्ष के दौरान शहीद जवानों की आत्मशांति के लिए विशेष तर्पण किया. मम्मू महाराज की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में पंडितों ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी. जानिए, पिछले 7 साल से निभाई जा रही इस अनूठी परंपरा की खासियत.Amazon Prime DayTop Deals Inside

बीकानेर. पितृपक्ष में जहां लोग अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए तर्पण और पूजा-पाठ करते नजर आ रहे हैं, वहीं बीकानेर में कुछ पंडितों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने की अनूठी परंपरा निभाई. सूर्य मंदिर में मम्मू महाराज की अगुवाई में आयोजित विशेष तर्पण कार्यक्रम में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के साथ-साथ असमय मृत्यु का शिकार हुए दिवंगतों की आत्मशांति के लिए भी विधि-विधान से तर्पण किया. पितृपक्ष के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के पंडितों ने सामूहिक रूप से तर्पण कर्म संपन्न किया. इस दौरान वीर जवानों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया और उनकी आत्माओं की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना की गई.

ज्योतिष राजेंद्र कुमार व्यास ने बताया कि चतुर्दशी तिथि पर अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों के लिए तर्पण करने की परंपरा है. इसमें विशेष रूप से देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद जवानों को स्मरण कर उनके निमित्त तर्पण किया जाता है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में जाति और धर्म का कोई भेद नहीं रखा जाता. देश के लिए जान कुर्बान करने वाले जवान किसी भी धर्म या समुदाय के हों, सभी को श्रद्धापूर्वक जल अर्पित किया जाता है. शहीदों के अलावा संन्यासियों, साहित्यकारों, कवियों और ज्योतिषियों सहित अन्य दिवंगतों के लिए भी तर्पण किया जाता है. राजेंद्र कुमार व्यास ने बताया कि सूर्य मंदिर में पिछले करीब सात वर्षों से यह आयोजन किया जा रहा है. हर साल पितृपक्ष के दौरान सामूहिक रूप से तर्पण कर दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है.

तर्पण हिंदू धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसमें दिवंगत पूर्वजों के निमित्त जल और तिल अर्पित किए जाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त होती है और उनकी आत्मा की शांति एवं सद्गति की कामना की जाती है. बीकानेर के सूर्य मंदिर में आयोजित यह विशेष तर्पण कार्यक्रम पूर्वजों के प्रति श्रद्धा के साथ-साथ देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश भी देता है. इस आयोजन के माध्यम से यह भाव व्यक्त किया गया कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को भी पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक स्मरण करना चाहिए.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

और पढ़ेंLocation :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

October 09, 2026, 17:11 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj