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Hitler Mussolini Simeon Flores Peru Election: नाम हिटलर मुसोलिनी, काम मेयर का, पेरू के इलेक्शन में मारी बाजी, 25 वोटों से जीता

Last Updated:October 10, 2026, 12:25 IST

पेरू के क्वेरोपाल्का जिले में 45 वर्षीय हिटलर मुसोलिनी सिमेओन फ्लोरेस ने मेयर का चुनाव जीत लिया है. आहोरा नासियोन पार्टी के उम्मीदवार फ्लोरेस को 229 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का 34.5 फीसदी है. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को महज 25 वोटों से हराया. उनके नाम में दो यूरोपीय तानाशाहों के नाम शामिल है.Amazon Prime DayTop Deals Insideनाम हिटलर मुसोलिनी, काम मेयर का, पेरू के इलेक्शन में 24 वोटों से मारी बाजीZoomहिटलर मुसोलिनी.

दुनिया के दो कुख्यात तानाशाहों हिटलर और मुसोलिनी के नाम एक साथ सुनना लोगों को चौंका सकता है. लेकिन पेरू में यही नाम रखने वाले एक नेता ने चुनाव जीतकर दुनिया का ध्यान खींच लिया है. 45 साल के हिटलर मुसोलिनी सिमेओन फ्लोरेस ने मध्य पेरू के छोटे से जिले क्वेरोपाल्का में मेयर की कुर्सी हासिल कर ली. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को महज 25 वोटों से हराया. हालांकि, उनकी चर्चा की वजह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि उनका पूरा नाम है.

फ्लोरेस ने ‘आहोरा नासियोन’ यानी ‘नेशन नाउ’ पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा. उन्हें कुल 229 वोट मिले, जो वैध मतों का 34.5 फीसदी था. हुआनुको क्षेत्र में बसे क्वेरोपाल्का की आबादी 700 से कुछ ज्यादा है. इस छोटे से एंडीज पर्वतीय इलाके में चुनाव का असली मुद्दा स्थानीय सुविधाएं और विकास था, लेकिन नतीजे सामने आते ही फ्लोरेस के नाम ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोर लीं.

हिटलर और मुसोलिनी नाम क्यों पड़ा?

हिटलर और मुसोलिनी 20वीं सदी के यूरोप के उन तानाशाहों में शामिल थे, जिनका नाम युद्ध और लोगों की जान लेने के लिए जाना जाता है. जर्मनी के एडॉल्फ हिटलर नाजी शासन का नेता था, जबकि इटली के बेनिटो मुसोलिनी फासीवादी तानाशाह था. ऐसे में किसी नेता का नाम इन दोनों के नामों से मिलकर बना हो, तो लोगों का चौंकना स्वाभाविक है. हालांकि, लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्सों में बच्चों के नाम ऐतिहासिक हस्तियों, विदेशी नेताओं और दुनिया की चर्चित घटनाओं से प्रभावित होकर रखने के मामले दिखते हैं. जरूरी नहीं कि ऐसा नाम रखने वाले व्यक्ति या उनके परिवार की विचारधारा भी उसी शख्सियत से मेल खाती हो. फ्लोरेस का नाम भी इसी वजह से चर्चा में आया है. फिलहाल उनके नाम के पीछे की पारिवारिक कहानी सामने नहीं आई है

पहले भी पेरू में सामने आ चुका है ऐसा नाम

पेरू में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी नेता के नाम ने लोगों का ध्यान खींचा हो. इससे पहले हिटलर गेस्क्लिन अल्बा सांचेज नाम के एक नेता युंगार नाम की एंडीज नगरपालिका के मेयर रह चुके हैं. उनके नाम में भी जर्मन तानाशाह हिटलर का नाम शामिल था. बताया जाता है कि उन्होंने अपने स्थानीय प्रशासन और नीतियों को तानाशाह की छवि से अलग दिखाने के लिए ‘अच्छा हिटलर’ जैसे नारे का इस्तेमाल किया था.

About the AuthorYogendra Mishra

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…

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October 10, 2026, 12:25 IST

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