South Korea News: दक्षिण कोरिया ने दागी ‘हवा से बातें’ करने वाली मिसाइल, आवाज से 5 गुना तेज, एयर डिफेंस भी न पकड़ सके

Last Updated:October 09, 2026, 14:29 IST
North Korea News: उत्तर कोरिया के 3 अक्टूबर के हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण के करीब एक हफ्ते बाद दक्षिण कोरिया ने 8 अक्टूबर को अपने स्वदेशी हाइपरसोनिक हथियार का उड़ान परीक्षण किया. यह हथियार आवाज की रफ्तार से कम से कम पांच गुना तेज उड़ने और रास्ता बदलने के लिए डिजाइन किया गया है. राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इसे देश की पारंपरिक रक्षा क्षमता मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया. हालांकि, हथियार अभी विकास के चरण में है.उत्तर कोरिया के जवाब में दक्षिण कोरिया ने दागी मिसाइल. (सांकेतिक फोटो/Reuters)
South Korea Missile: उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते जापान के पास समुद्र में हाइपरसोनिक मिसाइल दागी थी. अब करीब एक हफ्ते बाद दक्षिण कोरिया ने भी अपनी नई मिसाइल ताकत दिखाई है. गुरुवार, 8 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया ने पहली बार अपने देश में बने हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट किया. यह हथियार आवाज की रफ्तार से कम से कम पांच गुना तेज उड़ने और दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए तैयार किया जा रहा है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग खुद इस परीक्षण को देखने पहुंचे थे. हालांकि, इस परीक्षण को उत्तर कोरिया की मिसाइल के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन दक्षिण कोरिया ने इसे सीधे तौर पर जवाबी कार्रवाई नहीं बताया है.
रास्ता बदलकर दुश्मन को चकमा देगा
दक्षिण कोरिया के नए हथियार की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार और उड़ान के दौरान रास्ता बदलने की क्षमता है. हाइपरसोनिक हथियार आवाज की रफ्तार से कम से कम पांच गुना तेज उड़ सकते हैं. इनकी रफ्तार इतनी ज्यादा होती है कि इन्हें रोकना मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल हो सकता है. ऊपर से ये उड़ान के दौरान अपनी दिशा भी बदल सकते हैं, जिससे इन्हें ट्रैक करना और रोकना और कठिन हो जाता है. दक्षिण कोरिया के मुताबिक, परीक्षण के दौरान हथियार का बूस्टर रॉकेट इसे एक तय ऊंचाई तक ले गया. इसके बाद हथियार रॉकेट से अलग हो गया और नीचे की ओर बढ़ा. इस दौरान उसने ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं अपना रास्ता बदला और आखिर में तय लक्ष्य पर निशाना लगाया. दक्षिण कोरिया का कहना है कि पूरी तरह तैयार होने के बाद इस हथियार से कोरियाई प्रायद्वीप में मौजूद अहम ठिकानों पर हमला किया जा सकेगा. हालांकि, अभी इसका टेस्ट चल रहा है. इसे पूरी तरह तैयार और सेना में शामिल होने वाला हथियार मानना जल्दबाजी होगी.
किम जोंग उन की मिसाइल के बाद टेस्ट
उत्तर कोरिया ने 3 अक्टूबर को हाइपरसोनिक इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइल दागने का दावा किया था. उत्तर कोरिया के मुताबिक, इस मिसाइल ने 1,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की. दक्षिण कोरिया ने इसकी दूरी 700 किलोमीटर से ज्यादा बताई, जबकि जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल करीब 680 किलोमीटर तक गई. यह मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर समुद्र में गिरी थी. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने मिसाइल की दूरी को लेकर दक्षिण कोरिया और अमेरिका के आकलनों में अंतर पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि दोनों देश ऐसी मिसाइलों को ठीक से ट्रैक नहीं कर सकते और न ही उन्हें आसानी से रोक सकते हैं.
About the AuthorYogendra Mishra
Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
और पढ़ेंFirst Published :
October 09, 2026, 14:24 IST



