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Agriculture: इन दो तरीकों से करें सरसों की बुवाई, बढ़ जाएगी उत्पादकता, भतरपुर में किसानों को मिल रही बंपर उपज

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सरसों की बुवाई में किसान अपनाएं ये 2 तरीके, पैदावार बढ़ाने में मिलेगी मदद

Last Updated:October 12, 2026, 07:40 IST

How to Cultivate Mustard: राजस्थान के भरतपुर जिले में सरसों की बुवाई का सीजन शुरू होते ही किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं. सरसों उत्पादन के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में किसान बेहतर पैदावार हासिल करने के लिए जुताई से लेकर बीज की बुवाई तक विशेष ध्यान दे रहे हैं. यहां मुख्य रूप से दो विधियों से सरसों की बुवाई की जाती है. पहली विधि में मशीन की मदद से बीजों को निश्चित दूरी और उचित गहराई पर कतारों में बोया जाता है, जबकि दूसरी विधि में खेत में बीजों का छिड़काव किया जाता है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. उदयभान सिंह के अनुसार, अच्छी पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित खाद, खेत की उचित तैयारी और समय पर बुवाई जरूरी है. किसानों को मिट्टी की स्थिति और नमी के अनुसार बुवाई की विधि चुननी चाहिए.Amazon Prime DayTop Deals Inside

भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले में सरसों की बुवाई का सीजन शुरू होने के साथ ही किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं. सरसों उत्पादन के लिए पहचान रखने वाले भरतपुर में किसान बेहतर पैदावार हासिल करने के लिए खेत की जुताई से लेकर बीज की बुवाई तक विशेष ध्यान दे रहे हैं. यहां किसान मुख्य रूप से दो विधियों से सरसों की खेती करते हैं. पहली विधि मशीन से कतारों में बुवाई करने की है. जबकि दूसरी विधि में किसान खेत में सीधे बीज का छिड़काव करके बुवाई करते हैं.

सरसों की खेती में पहली विधि के तहत किसान सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करते हैं. इसके बाद मिट्टी को भुरभुरा बनाकर खेत को बुवाई के लिए तैयार किया जाता है. किसान बुवाई मशीन की मदद से सरसों के बीज को निश्चित दूरी और उचित गहराई पर कतारों में डालते हैं. इस विधि में बीज की मात्रा और पौधों के बीच दूरी को नियंत्रित करना आसान होता है. साथ ही फसल की निराई-गुड़ाई और अन्य कृषि कार्य करने में भी सुविधा मिलती है.

अच्छी पैदावार के सही तैयारी और प्रमाणित बीज जरूरी

दूसरी विधि में किसान खेत की जुताई और तैयारी करने के बाद सरसों के बीजों को सीधे खेत में छिड़क देते हैं. इसके बाद हल्की जुताई या अन्य उपयुक्त तरीके से बीजों को मिट्टी से ढक दिया जाता है. यह पारंपरिक विधि है.जिसे किसान सामान्य तरीके से अपनाते हैं. हालांकि इस विधि में बीजों का समान वितरण और पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. उदयभान सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सरसों की अच्छी पैदावार के लिए खेत की उचित तैयारी गुणवत्तापूर्ण बीज संतुलित खाद और समय पर बुवाई महत्वपूर्ण है.

खेत की मिट्टी और नमी के अनुसार बुवाई विधि का करें चयन

उन्होंने बताया कि किसानों को अपने खेत की मिट्टी और नमी के अनुसार बुवाई की विधि का चयन करना चाहिए बीज की मात्रा और बुवाई की गहराई के लिए कृषि विभाग की सलाह लेना भी फायदेमंद रहता है. भरतपुर में सरसों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं. अब किसानों की कोशिश है कि सही तकनीक अपनाकर फसल की पैदावार बेहतर बनाई जाए और सरसों उत्पादन में जिले की पहचान को मजबूत रखा जाए. उन्हाेंने बताया कि राजस्थान का भरतपुर क्षेत्र सरसों की खेती के लिए प्रदेश में सबसे आगे है. यहां पर किसान सरसों की खेती सर्वाधिक करते हैं.About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Bharatpur,Rajasthan

First Published :

October 12, 2026, 07:40 IST

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