Rajasthan

13 साल बाद भी अधूरा कैंसर सेंटर, ₹4.46 करोड़ की कमी से रुका निर्माण, मरीज इलाज के लिए परेशान

Last Updated:October 12, 2026, 16:15 IST

Jhalawar Cancer Care Centre: झालावाड़ में कैंसर टर्सरी केयर सेंटर का निर्माण करीब 13 साल बाद भी अधूरा है. निर्माण कार्य पूरा करने के लिए ₹4.46 करोड़ की अतिरिक्त राशि नहीं मिलने से काम रुका हुआ है. इसके चलते झालावाड़ और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए महानगरों में जाना पड़ रहा है. कैंसर मरीज और पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा ने बजट और प्रस्तावित पीपीपी मॉडल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Insideझालावाड़ में कैंसर टर्सरी केयर सेंटर का निर्माण करीब 13 साल बाद भी अधूराZoomझालावाड़ में कैंसर टर्सरी केयर सेंटर का निर्माण करीब 13 साल बाद भी अधूरा

झालावाड़: झालावाड़ मे कैंसर टर्सरी केयर सेंटर का काम बरसों से कछुआ चाल से चल रहा है. लगातार धीमे चले काम और कोराना काल मे रूके काम के चलते इसकी निर्माण लागत भी बढ़ गई है. ऐसे में कैंसर केयर सेंटर के अधूरे भवन को पूरा करने के लिए अब और 4 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि नहीं मिलने से इसका काम बंद पड़ा हुआ है. ऐसे में झालावाड़ जिले सहित सीमावर्ती मध्य प्रदेश के भी कई जिलों से आने वाले कैंसर के मरीजों को अपने इलाज के लिए महानगरों का रुख करना पड़ रहा है. जहां इन मरीजों को शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है.

अब इसी मुद्दे पर कैंसर के मरीज व पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. हाड़ा का आरोप है कि सरकार झालावाड़ के कैंसर सेंटर को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि 13 साल बाद भी सेंटर का भवन पूरा नहीं हो पाया है, जबकि जयपुर और बीकानेर के सेंटर वर्षों पहले शुरू हो चुके हैं.

झालावाड़ के भवन मे मशीनों के लिए राशि नहीं दी सारे मामले मे कैंसर के मरीज व पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा ने बताया कि 2013 की राष्ट्रीय नीति के तहत जयपुर में स्टेट लेवल तथा बीकानेर और झालावाड़ में टर्शरी कैंसर केयर सेंटर के लिए राशि आवंटित की गई थी. अब जयपुर और बीकानेर मे कैंसर केयर सेंटर शुरू हो चुके हैं और बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जबकि झालावाड़ का सेंटर अब भी अधूरा है. हाल में कोटा के लिए 149 करोड़ रुपए की स्वीकृति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि झालावाड़ के भवन मे मशीनों के लिए राशि नहीं दी गई.

झालावाड़ डे-केयर कैंसर सेंटर में दवाओं के बजट में कटौतीउन्होंने बताया कि 2013 में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को लीनियर एक्सीलेटर के लिए 15 करोड़ और हाई डोज रेट ब्रेकीथेरेपी मशीन के लिए 3 करोड़ रुपए दिए गए थे. अब इनकी लागत बढ़कर करीब 36 करोड़ और 7 करोड़ रुपए हो गई है. कैंसर पेशेंट हाड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार ने बैठक में 13 साल में भवन पूरा नहीं होने का हवाला देते हुए मशीनें पीपीपी मोड पर देने की बात कही. उन्होंने कहा कि झालावाड़ में कैंसर चिकित्सकों के स्वीकृत पद होने के बावजूद दो डॉक्टरों को गंगानगर में नई पोस्टिंग दी गई है. उन्होंने झालावाड़ डे-केयर कैंसर सेंटर में दवाओं के बजट में कटौती का भी आरोप लगाया. हाड़ा ने कहा कि कैंसर अस्पताल के लिए सांसद और विधायक कोष से धन जुटाने की पहल होनी चाहिए. उन्होंने 13 वर्षों से परियोजना लंबित रहने पर चिंता जताई है.

कैंसर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगावहीं सारे मामले को लेकर जब झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और कंट्रोलर डॉ संजय पोरवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना कल के चलते झालावाड़ में कैंसर केयर सेंटर का काम काफी धीरे चला है. इस कारण इस प्रोजेक्ट की लागत भी काफी बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि सिविल वर्क काफी हद तक यहां पूरा हो गया है, लेकिन अब भी इसका पूरा काम करने के लिए बजट की आवश्यकता है. अब यह राशि 4 करोड 46 लाख बढ गई है. इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार तक भेजे गए हैं. यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाते हैं तो आरएसआरडीसी इस काम को आगामी 6 माह में पूरा कर देगी. इसके बाद यहां पर कैंसर केयर सेंटर शुरू होने की राह आसान हो सकेगी, लेकिन तब तक जिले सहित सीमावर्ती मध्य प्रदेश से झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आने वाले कैंसर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंLocation :

Jhalawar,Rajasthan

First Published :

October 12, 2026, 16:15 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj