Bundi Kisan Mela I खेती में ऐसे बढ़ेगा मुनाफा! बूंदी में वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए सफलता के मंत्र

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बूंदी के किसान मेले में वैज्ञानिकों ने खोले खेती में मुनाफा बढ़ाने के राज
Last Updated:October 12, 2026, 17:47 IST
Bundi Kisan Mela: बूंदी कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान मेले में जिलेभर से सैकड़ों किसानों ने भाग लिया. कृषि वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज, जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. मेले में कृषि उत्पादों और आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई.
बूंदी. जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, बूंदी में आज किसान मेले का आयोजन किया गया. मेले में जिलेभर से सैकड़ों किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के तरीके बताए. इस दौरान किसानों को खरीफ एवं रबी फसलों की उन्नत किस्मों, जैविक खेती, मोटे अनाजों के उत्पादन और सिंचाई की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई.
किसान मेले में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल उत्पादन से जुड़ी विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया. वैज्ञानिकों ने कहा कि किसान खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. इसके साथ ही ड्रिप सिंचाई, फसल अवशेष प्रबंधन और कृषि यंत्रीकरण को अपनाने पर जोर दिया. किसानों को बताया गया कि पानी का उचित उपयोग, मिट्टी की सेहत का संरक्षण और फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन टिकाऊ खेती के लिए महत्वपूर्ण है.
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
मेले के दौरान किसानों को केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई. वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना और जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लाभ बताए. किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेने और कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम में उन्नत बीजों, जैविक खाद, उर्वरकों और कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई. अतिथियों और वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, इसमें प्रदर्शित कृषि उत्पादों और उपकरणों को किसानों ने सराहा. प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को खेती में उपयोग होने वाले नए साधनों और तकनीकों के बारे में जानकारी मिली.
वैज्ञानिकों ने साझा किए अनुभव
किसान मेले में कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुलगुरु डॉ. विमला डुंकवाल, आईएआरआई दिल्ली की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कपिला शेखावत, केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केंद्र, टोंक के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर और कृषि विश्वविद्यालय कोटा के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे. सभी वैज्ञानिकों ने अपने-अपने विषय से संबंधित जानकारी किसानों के साथ साझा की और खेती में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई. मेले में प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए. इस अवसर पर बूंदी कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी, कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे. किसान मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना और उन्हें बेहतर उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bundi,Rajasthan
First Published :
October 12, 2026, 17:45 IST



