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टोंक के सआदत अस्पताल में बाहरी लोगों से काम कराने पर सवाल, PMO की जानकारी के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

Last Updated:October 12, 2026, 20:59 IST

Tonk Hospital Case: टोंक के सआदत अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर्स की जगह बाहरी लोगों से काम कराने का मामला सामने आया है. PMO को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं. प्रशासन ने अंतिम चेतावनी आदेश जारी किया. कई सवालों पर अस्पताल प्रशासन का पक्ष और आदेश जारी करने के पीछे की पूरी वजह सामने आना बाकी है.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideअस्पताल में बाहरी लोगों से काम कराने पर सवाल, जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहींZoomटोंक के सआदत अस्पताल में बाहरी लोगों से काम कराने का मामलाटोंक. राजस्थान के टोंक स्थित सरकारी सआदत अस्पताल में कामकाज की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं. अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर्स की जगह बाहरी व्यक्तियों से काम कराने और रात के समय भी बाहरी लोगों के अस्पताल में मौजूद रहने को लेकर मामला चर्चा में है. इस बीच अस्पताल प्रशासन की ओर से अंतिम चेतावनी आदेश जारी किया गया है. आदेश में सआदत अस्पताल और जनाना अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर्स को बाहरी व्यक्तियों से काम नहीं कराने की हिदायत दी गई है.

इस पूरे मामले में सवाल यह भी उठ रहा है कि अस्पताल में बाहरी लोगों को काम करने की अनुमति किसने दी. अव्यवस्था की जानकारी प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. प्रतीक सालोदिया तक पहुंचने के बावजूद पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अब जब अंतिम चेतावनी आदेश जारी किया गया है, तो इसकी जरूरत पहले क्यों नहीं समझी गई. हालांकि, इन सवालों पर अस्पताल प्रशासन का पक्ष और आदेश जारी करने के पीछे की पूरी वजह सामने आना बाकी है.

आठ बिंदुओं वाला चेतावनी आदेश चर्चा मेंसआदत अस्पताल और जनाना अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर्स के लिए जारी अंतिम चेतावनी आदेश में आठ बिंदु शामिल हैं. इस आदेश के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इसमें खास तौर पर नर्सिंग ऑफिसर्स की जगह बाहरी व्यक्तियों से काम नहीं कराने की चेतावनी दी गई है. अब सवाल यह है कि अगर अस्पताल में बाहरी लोग नर्सिंग ऑफिसर्स की जगह काम कर रहे थे, तो उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए पहले क्या कदम उठाए गए? अस्पताल परिसर में बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल हैं. खासकर रात के समय अस्पताल में ऐसे लोगों के होने को लेकर व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

PMO को जानकारी थी तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुईमामले में सबसे बड़ा सवाल PMO डॉ. प्रतीक सालोदिया की भूमिका को लेकर उठ रहा है. जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में अव्यवस्था की शिकायतें और इससे जुड़ी जानकारी PMO तक पहुंची थी. इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. अब अंतिम चेतावनी आदेश जारी होने के बाद यह चर्चा भी हो रही है कि क्या प्रशासन ने पहले की शिकायतों को गंभीरता से लिया था. अगर बाहरी व्यक्तियों से काम कराया जा रहा था, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी थी और इस व्यवस्था को किसकी अनुमति मिली हुई थी? इन सवालों का जवाब अस्पताल प्रशासन की जांच और उसके आधिकारिक पक्ष से ही साफ हो सकेगा.

प्रतिबंधित दवा चोरी और गिरफ्तारी के बाद मामला चर्चा मेंसआदत अस्पताल में प्रतिबंधित दवा चोरी और एक नर्सिंग ऑफिसर की गिरफ्तारी के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर मामला फिर चर्चा में आया है. इस घटना के बाद अस्पताल के भीतर कामकाज और निगरानी की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. अस्पताल जैसे स्थान पर मरीज इलाज के भरोसे पहुंचते हैं. ऐसे में अगर नर्सिंग ऑफिसर्स की जगह बाहरी लोग काम करते हैं, तो उनकी पहचान, जिम्मेदारी और काम करने की अनुमति की जांच जरूरी हो जाती है. रात के समय अस्पताल में बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी को लेकर भी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि वे किस काम से वहां मौजूद थे.

क्या खुद को बचाने के लिए जारी किया गया आदेश?अंतिम चेतावनी आदेश जारी होने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या PMO डॉ. प्रतीक सालोदिया ने अपनी जिम्मेदारी से जुड़े सवालों से बचने के लिए यह आदेश जारी किया है. हालांकि, यह फिलहाल उठाया जा रहा सवाल है. इसे साबित करने के लिए कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए आदेश जारी करने के पीछे की वजह जानने के लिए अस्पताल प्रशासन का पक्ष जरूरी है. फिलहाल सआदत अस्पताल और जनाना अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर्स के लिए जारी आठ बिंदुओं वाला अंतिम चेतावनी आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है. अब देखना होगा कि इस आदेश के बाद अस्पताल में बाहरी व्यक्तियों से काम कराने पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. साथ ही, पहले से मिल रही जानकारी पर कार्रवाई नहीं होने और बाहरी लोगों को अस्पताल में काम करने की अनुमति देने के सवालों पर प्रशासन क्या जवाब देता है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Tonk,Tonk,Rajasthan

First Published :

October 12, 2026, 20:59 IST

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