सोजत के मशहूर तीलोट मावे का स्वाद है लाजवाब, तिल और ड्राई फ्रूट्स का खास तड़का बना रहा दीवाना, नोट करें रेसिपी

Last Updated:October 12, 2026, 14:26 IST
Pali Hindi News: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही पाली जिले के सोजत में मशहूर तीलोट मावा बनना शुरू हो गया है. शुद्ध दूध, तिल और ड्राई फ्रूट्स से तैयार यह मावा सेहत और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है.
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पाली। गुलाबी ठंड की दस्तक और अक्टूबर का महीना शुरू होते ही मारवाड़ का खान-पान और स्वाद का बाजार भी बदलने लगा है. बात जब पाली जिले की हो, तो मेहंदी की खुशबू के साथ-साथ यहां की पारंपरिक मिठाइयों का नाम सबसे पहले आता है. सर्दियों का सीजन शुरू होते ही पाली के सोजत का मशहूर ‘तीलोट मावा’ एक बार फिर से भट्ठियों पर पकना शुरू हो चुका है. सोजत में भंवर चक्की नाम से प्रसिद्ध भंवर बा का यह मावा काफी प्रसिद्ध है. सोजत का तीलोट मावा केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि सर्दियों में सेहत और स्वाद का एक खजाना है. जैसे ही अक्टूबर महीने की शुरुआत होती है, सोजत के हलवाइयों की दुकानों पर लोहे की बड़ी-बड़ी कढ़ाइयों में शुद्ध दूध को कढ़ाकर मावा बनाने का सिलसिला शुरू हो जाता है.
इस मावे की सबसे बड़ी खासियत इसका देशी अंदाज है. शुद्ध दूध से तैयार खोये को धीमी आंच पर तब तक सेका जाता है जब तक कि उसमें से सोंधी महक न आने लगे. इसके बाद इसमें तिल, बादाम, काजू, पिस्ता और इलायची जैसे ड्राई फ्रूट्स का भरपूर तड़का लगाया जाता है, जो इसे सर्दियों के लिए बेहद पौष्टिक और ऊर्जादायक बना देता है.
गर्माहट देने ओर इम्युनिटी बढाने का करता है कामसर्दियों के दिनों में शरीर को गर्माहट देने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सोजत का यह तीलोट मावा काफी फायदेमंद माना जाता है. यही वजह है कि पाली ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी सर्दियों में सोजत का तीलोट मावा पैक कराकर ले जाना नहीं भूलते. तो अगर आप भी इस बदलते मौसम में सोजत की तरफ रुख कर रहे हैं, तो कढ़ाव में सुलगती भट्ठियों से निकला यह गरमा-गरम तीलोट मावा चखना बिल्कुल मत भूलिएगा.
तीलोट मावा की खासियतप्राकृतिक गर्माहट और सेहत: सर्दियों के मौसम में तिल और सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) का सेवन सेहत के लिए रामबाण माना जाता है. मावे के साथ तिल और मेवों का मिश्रण शरीर को अंदरूनी गर्माहट प्रदान करता है. पारंपरिक भट्टी का स्वाद: इसे बनाने के लिए आधुनिक मशीनों के बजाय आज भी पारंपरिक लकड़ी और कोयले की भट्ठियों का इस्तेमाल किया जाता है. धीमी आंच पर सिकने के कारण इसका स्वाद और सौंधापन लंबे समय तक बरकरार रहता है.
कैसे बनता है सोजत का तीलोट मावाशुद्ध दूध की कड़ाई: सबसे पहले बड़े कढ़ाव में शुद्ध दूध को घंटों तक उबाला जाता है ताकि गाढ़ा और दानेदार मावा (खोया) तैयार हो सके. तिल और ड्राई फ्रूट्स का मिश्रण: मावा तैयार होने के बाद इसमें भुने हुए सफ़ेद तिल, काजू, बादाम, पिस्ता और हरी इलायची का पाउडर मिलाया जाता है. धीमी आंच पर सिकाई: सभी सामग्रियों को मिलाकर धीमी आंच पर अच्छे से पकाया जाता है ताकि मेवों और तिल का तेल व स्वाद मावे में पूरी तरह रच-बस जाए.
अक्टूबर से डिमांड में इजाफाअक्टूबर में मौसम सुहाना होते ही लोग इसे नाश्ते और मिठाई के रूप में खाना पसंद करने लगते हैं, जिससे सोजत के हलवाई बाजारों में इसकी मेकिंग तेज कर देते हैं. यही वजह है कि बडी संख्या में लोग इसको खूब पसंद तो करते ही है मगर लोगो की मांग के अनुरूप काफी बडी मात्रा में यह मावा तैयार किया जाता है. यह कहा जा सकता है कि पाली के गुलाब हलवे के बाद सर्दियों में मिलने वाला यह मावा खूब पसंद किया जाता है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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October 12, 2026, 14:05 IST



