कौन है अलवर की ऊषा शर्मा जिसने अपने मासूम बेटे और बेटी को उतार दिया मौत के घाट

Last Updated:October 19, 2026, 14:51 IST
Alwar News: अलवर के खेड़ली के दांतिया गांव की ऊषा शर्मा (पत्नी अमित शर्मा) वही महिला है, जिसने अपने 4 साल के बेटे मुकुल और 5 साल की बेटी नंदिनी को धारदार हथियार से मौत के घाट उतारने के बाद खुद भी खौफनाक कदम उठाया. उसका पति गुजरात में नौकरी करता है और छोटी बहन मनीषा उसकी सगी देवरानी है. ससुर बृजभूषण शर्मा हैं. इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है, और पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर ऊषा शर्मा ने ऐसा क्यों किया.
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Alwar News: कौन है ऊषा शर्मा जिसने अपने मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट
अलवर: राजस्थान के अलवर जिले के खेरली कस्बे के समीप स्थित दांतिया गांव में कल एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया था. यहां एक महिला ने अपने ही दो मासूम बच्चों की जान लेने के बाद खुद भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है. इस पूरी घटना के केंद्र में ऊषा शर्मा हैं, जिनकी शादी अमित शर्मा के साथ हुई थी.
अमित शर्मा वर्तमान में गुजरात में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और अपने काम के सिलसिले में वहीं रहते हैं. ऊषा शर्मा अपने दो छोटे मासूम बच्चों, चार साल की बेटी नंदिनी और पांच साल के बेटे मुकुल के साथ दांतिया गांव में रहती थीं. गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब यह बात सामने आई कि ऊषा शर्मा ने अपने ही हाथों से अपने दोनों मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया और खुद भी इस खौफनाक रास्ते पर आगे बढ़ गईं.
छोटी बहन भी है सगी देवरानी
इस मामले में परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति भी बेहद दर्दनाक है. ऊषा की छोटी बहन मनीषा उसकी सगी देवरानी है, क्योंकि मनीषा की शादी भी उसी घर में ऊषा के देवर अंकित शर्मा के साथ हुई है. मनीषा का पति अंकित शर्मा जयपुर के एक निजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी के रूप में कार्यरत है. वहीं बच्चों के दादा यानी ऊषा के ससुर बृजभूषण शर्मा हैं. मनीषा के भी दो बच्चे हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दांतिया गांव निवासी जगदीश शर्मा की पुत्रवधुओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि धारदार हथियार से हमला शुरू हो गया. घटना के वक्त घर में परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं थे. इस खूनी संघर्ष के दौरान कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सभी घायलों को लहूलुहान हालत में खेड़ली उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया.
बेटी को बाहर खेलने से रोकने पर उठा था विवादप्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ऊषा ने अपनी बेटी को घर के बाहर खेलने जाने से मना किया था. इसी बात को लेकर उपजे गुस्से के बाद वह दोनों बच्चों को एक कमरे में ले गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. कुछ ही देर में कमरे के भीतर से बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दी. आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे. अंदर का नजारा देखकर ग्रामीण दंग रह गए, क्योंकि ऊषा और दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे.
अस्पताल में तीन जिंदगियों ने तोड़ा दमग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को खेरली के उपजिला अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान पांच वर्षीय बेटे मुकुल को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उपचार के दौरान मां ऊषा और चार वर्षीय बेटी नंदिनी ने भी दम तोड़ दिया.
घटना के वक्त घर पर नहीं थे अन्य सदस्यपुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कल जिस वक्त यह घटना घटी, उस समय परिवार के अन्य सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे. ऊषा के ससुर बृजभूषण शर्मा गांव में चल रहे चुनावों के दौरान किसी प्रत्याशी के प्रचार के लिए बाहर गए हुए थे, जबकि घर की अन्य महिलाएं बच्चों को लेकर खेत पर गई हुई थीं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
October 19, 2026, 14:51 IST



