Mitti Ki Hatri: पचास रुपये की मिट्टी की हटरी में छिपा है समृद्धि का राज, दीपावली पर आज भी कायम है आस्था

Last Updated:October 22, 2026, 19:00 IST
Mitti Ki Hatri: दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा में मिट्टी की हटरी का विशेष महत्व है. अजमेर में कुम्हार 20 से 25 दिन पहले ही इसे बनाने की तैयारी शुरू कर देते हैं. चार कुलियों से तैयार होने वाली हटरी में गेहूं, चावल और नकदी जैसी जरूरी चीजें रखी जाती हैं. जानिए क्या है इस परंपरा की मान्यता और बाजार में कितनी है इसकी कीमत.
अजमेर. भारतीय संस्कृति में त्योहारों का अपना अलग महत्व है, ये त्योहार हमारी पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों को जीवित रखते हैं. दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा में चिकनी मिट्टी से बनी हटरी का विशेष धार्मिक महत्व है. आज बाजार में पूजा के लिए कई तरह की चीज़ें आ चुकी हैं लेकिन मिट्टी की हटरी के प्रति लोगों की आस्था आज भी बनी हुई है.
दीपावली के अवसर पर मिट्टी से बनी हटरी का इस्तेमाल मां लक्ष्मी की पूजा में किया जाता है. इसे शुभता, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसको बनाने के लिए कुम्हार चिकनी मिट्टी को गूंथकर तैयार करते हैं. इसके बाद इन्हें सुखाया जाता है और जरूरत के अनुसार रंगों से सजाया जाता है. तैयार होने के बाद ये हटरी पूजा सामग्री का हिस्सा बनती हैं. मान्यता है कि दीपावली पर हटरी स्थापित कर मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
जरूरत की चीजों को पूजा में रखा जाता हैकारीगर रवि प्रजापत बताते हैं कि दीपावली पर पूजा के लिए विशेष रूप से हटरी तैयार की जाती है. इसे चार अलग-अलग कुलियों को जोड़कर बनाया जाता है, इसमें पूरे साल काम आने वाली जरूरत की चीज जैसे गेहूं, चावल, नकदी आदि वस्तुएं रखी जाती हैं. इसके बाद विधि-विधान से पूजा की जाती है, पूजा पूरी होने पर हटरी पर ढक्कन लगाकर इसे घर की तिजोरी या किसी सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सालभर धन-धान्य की कमी नहीं रहती और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
20 से 25 दिन पहले तैयारी शुरू कर दी जाती हैकारीगर रवि आगे बताते हैं कि दीपावली से करीब 20 से 25 दिन पहले ही हटरी बनाने की तैयारी शुरू कर दी जाती है. मिट्टी को आकार देने से लेकर उसे सुखाने और तैयार करने तक कारीगरों को काफी मेहनत करनी पड़ती है. बाजार में इस की कीमत करीब 50 रुपये रहती है, उन्होंने आगे कहा कि त्योहार के नजदीक आते ही इनकी मांग बढ़ जाती है और रेट में भी फर्क आता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 22, 2026, 19:00 IST



