Indian Family Resident Bomb Blast Threat। Australia News in Hindi। US में सनकी गन लेकर मंदिर पहुंचा था, ऑस्ट्रेलिया में बम से उड़ाने पर उतारू!

Last Updated:October 22, 2026, 20:28 IST
ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में 19 वर्षीय युवक ने एक भारतीय परिवार पर नस्लीय हमला किया और उनके अपार्टमेंट को उड़ाने की धमकी दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि कोर्ट ने उसे सख्त शर्तों पर जमानत दे दी. इस भयानक नस्लीय घटना और लगातार बढ़ते हमलों के बाद पीड़ित परिवार अब भारत लौटने पर विचार कर रहा है.पुलिस मामले की जांच कर रही है. (CCTV Screengrab)
विदेशों में भारतीयों के खिलाफ नफरत का खौफनाक खेल सारी हदें पार कर रहा है. अमेरिका में जहां सनकी हाथ में गन लेकर सरेआम मंदिर में हिन्दुओं की जान के पीछे पड़ा था. वहीं ऑस्ट्रेलिया में भी हालात बद से बदतर हो चुके हैं. ताजा मामला ब्रिस्बेन का है, जहां एक 19 साल के सिरफिरे ने आधी रात को एक भारतीय परिवार पर ऐसा नस्लीय कहर बरपाया कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. सरेआम गालियां देना और पूरे अपार्टमेंट को बम से उड़ाने की धमकी देना, यह इस बात का खुला सबूत है कि वहां के लोगों के दिलों में प्रवासियों के प्रति कितना जहर भरा है. इस डरावनी और दहला देने वाली घटना के बाद अब वह सहमा हुआ परिवार अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर वापस अपने देश लौटने पर विचार कर रहा है.
खुद को उड़ाने की धमकी और दहशतपुलिस प्रॉसिक्यूटर सार्जेंट मैट काहलर ने कोर्ट में खुलासा किया कि यह किसी आम झगड़े का नहीं बल्कि एक “असाधारण नस्लीय हमले” का मामला है. आरोपी एडम्स को यह गलतफहमी हो गई थी कि भारतीय परिवार ने उसके खिलाफ पुलिस में कोई शिकायत की है, जिसकी वजह से उसे बेदखल होना पड़ा. गुस्से में पागल उस शख्स ने न सिर्फ परिवार को डराया बल्कि यह तक धमकी दी कि वह अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में खुद को और बाकी लोगों को भी बम से उड़ा देगा. उसकी हरकतों से सहमे आसपास के दूसरे लोग भी अपने फ्लैट खाली करके भागने लगे.
पुलिस ने दबोचा, लेकिन कोर्ट से मिली बेलघटना के बाद भारी हथियारों से लैस पुलिस और टैक्टिकल टीम ने एक लोकल होटल से एडम्स को धर दबोचा. उस पर हेट क्राइम और गंभीर धमकियां देने के आरोप तय किए गए. हालांकि, कोर्ट में उसके वकील ने दलील दी कि 18 महीने पहले मां की मौत और ऑटिज्म व ADHD जैसी मानसिक समस्याओं के कारण वह परेशान चल रहा था. ब्रिस्बेन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तों (इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिग और हफ्ते में तीन बार पुलिस थाने में हाजिरी) के साथ उसे बेल दे दी.
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कब तक सहेंगे भारतीय?इस पूरी घटना के बाद से डरा-सहमा भारतीय परिवार अब ऑस्ट्रेलिया छोड़कर वापस भारत लौटने का विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऑस्ट्रेलिया में प्रवासियों, खासकर भारतीयों के खिलाफ हेट स्पीच और नस्लीय भेदभाव तेजी से बढ़ रहा है. अमेरिका में गन कल्चर का खौफ हो या ऑस्ट्रेलिया में नस्लीय नफरत, विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर एक बार फिर बहुत बड़ा सवालिया निशान लग गया है.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
October 22, 2026, 20:24 IST



