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टेस्ट में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 बल्लेबाज, 10 साल से अटूट है विश्व कीर्तिमान

Last Updated:October 23, 2026, 05:01 IST

5 batsman most runs without dismissed in test: क्रिकेट के मैदान पर कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं, लेकिन लगातार नॉटआउट रहते हुए सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने का अनोखा विश्व रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के एडम वोग्स के नाम है. वोग्स ने 2015-16 के दौरान बिना आउट हुए लगातार 614 रन बनाए थे. इस मामले में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर दूसरे और सर गैरी सोबर्स तीसरे स्थान पर हैं. राहुल द्रविड़ और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज भी इस खास लिस्ट में शामिल हैं.Amazon Prime DayTop Deals Insideटेस्ट में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 बल्लेबाजZoomबिना आउट हुए टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 बल्लेबाज.

नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन तक पहुंचना बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए भी आसान नहीं होता. टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे शुद्ध और कठिन फॉर्मेट माना जाता है, जहां बल्लेबाजों के कौशल, तकनीक और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होती है. टेस्ट इतिहास में शतकों का अंबार लगाने, दोहरे शतक जड़ने और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की फेरिस्त लंबी है, लेकिन जब बात लगातार नॉटआउट रहते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने की आती है, तो यह रिकॉर्ड बेहद दिलचस्प हो जाता है. क्रिकेटप्रेमियों को अक्सर लगता है कि ऐसे अनोखे रिकॉर्ड पर सचिन तेंदुलकर या सर डॉन ब्रैडमैन जैसे महान खिलाड़ियों का कब्जा होगा, लेकिन यह उपलब्धि एक ऐसे खिलाड़ी के नाम है जिसके बारे में शायद ही कोई आम क्रिकेट प्रेमी सोच सके.

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एडम वोग्स (Adam Vogs) के नाम टेस्ट क्रिकेट में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने का अनोखा विश्व रिकॉर्ड दर्ज है. वोग्स का नाम दुनिया के सबसे चर्चित और स्टार बल्लेबाजों की पहली पंक्ति में भले ही न गिना जाता हो, लेकिन उन्होंने अपने छोटे से टेस्ट करियर में ऐसा इतिहास रच दिया जो आज भी कायम है. ऑस्ट्रेलिया के लिए केवल 20 टेस्ट मैच खेलने वाले इस खिलाड़ी ने यह कारनामा साल 2015-16 के दौरान किया था. वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2015 में होबार्ट में खेले गए टेस्ट मुकाबले में एडम वोग्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 269 रन बनाए थे. इसके इसके अगले ही मैच में उन्होंने एक बार फिर नाबाद 106 रन की पारी खेली. इसके बाद के दो मुकाबलों में संयोगवश उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका ही नहीं मिला. इसके तुरंत बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन टेस्ट में वोग्स ने फिर से जलवा बिखेरा और 239 रनों की गगनचुंबी पारी खेल डाली. इस प्रकार, लगातार पारियों में बिना एक बार भी आउट हुए उन्होंने कुल 614 रन बना डाले. तब जाकर किसी गेंदबाज को उन्हें मैदान पर आउट करने का मौका मिला.

सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर परइस खास फेहरिस्त में दूसरा नाम भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का आता है. क्रिकेट के हर बड़े रिकॉर्ड के आसपास नजर आने वाले सचिन ने साल 2003-04 के दौरान लगातार आउट हुए बिना 497 रन बनाए थे. मास्टर ब्लास्टर का वह दौर उनके करियर के सबसे स्वर्णिम और शानदार दौर में से एक माना जाता है. उस दौरान उनकी बल्लेबाजी में गजब का क्लास, शानदार तकनीक और अटूट धैर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला था. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने और सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड आज भी सचिन के ही नाम दर्ज है.

गैरी सोबर्स और माइकल क्लार्क का जलवावेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स (Gary Sober) इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर काबिज हैं. उन्होंने साल 1957-58 के दौरान बिना आउट हुए लगातार 490 रन बनाए थे. सोबर्स अपने दौर के सबसे खूंखार और संपूर्ण खिलाड़ी थे, जो अपनी बेहतरीन गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के अलावा टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने और क्रीज पर टिके रहने के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते थे. उनका यह रिकॉर्ड कई दशकों तक दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए एक बड़ी मिसाल रहा.

चौथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क (Michael Clarke) हैं, जिन्होंने साल 2012-13 में शानदार फॉर्म दिखाते हुए लगातार बिना आउट हुए 489 रन बटोरे थे. उनके ठीक बाद श्रीलंका के महान विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार संगकारा का नाम आता है, जिन्होंने साल 2007 से 2007-08 के बीच लगातार 479 रन नाबाद रहते हुए बनाए थे. संगकारा को टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे भरोसेमंद और तकनीकी रूप से सबसे मजबूत बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है.

राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस की शानदार पारियांभारतीय क्रिकेट की ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने भी इस विशेष लिस्ट में अपनी जगह बनाई है. द्रविड़ ने साल 2000-01 के दौरान लगातार आउट हुए बिना 473 रन बनाए थे. राहुल द्रविड़ की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा हथियार उनका बेजोड़ धैर्य और अनुशासन था, और यह रिकॉर्ड उनकी उसी काबिलियत का जीवंत उदाहरण है. उनके बाद दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज ऑलराउंडर जैक कैलिस का नंबर आता है, जिन्होंने साल 2001-02 में लगातार बिना आउट हुए 456 रन अपने नाम किए थे. कैलिस को क्रिकेट जगत के सबसे भरोसेमंद मैच विनर के रूप में याद किया जाता है.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

October 23, 2026, 05:01 IST

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