Sanwaliya Seth: सांवलिया सेठ के दरबार में अनोखी भेंट, दिल्ली के इस व्यवसायी ने चांदी के दो शोरूम चढ़ा दिए

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सांवलिया सेठ के दरबार में अनोखी भेंट, दिल्ली के व्यवसायी ने चांदी के दो शोरूम
Last Updated:October 23, 2026, 07:25 IST
Sanwalia Seth Temple: राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में दिल्ली के एक ज्वेलरी व्यवसायी ने अनूठी भेंट अर्पित की है. गिरी जेवर महल की ओर से मनोकामना पूरी होने पर भगवान को चांदी से बने दो शोरूम चढ़ाए गए. इन दोनों शोरूम का कुल वजन 3 किलो 370 ग्राम बताया गया है. आमतौर पर मंदिरों में श्रद्धालु चांदी के छत्र, मुकुट और आभूषण अर्पित करते हैं, लेकिन चांदी के शोरूम भेंट करना खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. सांवलिया सेठ के दरबार में देशभर से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं और पूरी होने पर अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट चढ़ाते हैं.
उदयपुर. राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में भक्त अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार तरह-तरह की भेंट चढ़ाते हैं. कोई सोना-चांदी अर्पित करता है, तो कोई अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान को खास भेंट चढ़ाकर आभार जताता है. अब दिल्ली के एक ज्वेलरी व्यवसायी ने भी अपनी मनोकामना पूरी होने पर सांवलिया सेठ के दरबार में ऐसी भेंट चढ़ाई है, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. व्यवसायी ने चांदी से बने दो शोरूम भगवान को अर्पित किए हैं.
दिल्ली के ज्वेलरी व्यवसायी गिरी जेवर महल की ओर से यह विशेष भेंट चढ़ाई गई है. चांदी से तैयार किए गए दोनों शोरूम का कुल वजन 3 किलो 370 ग्राम बताया गया है. आमतौर पर लोग मंदिरों में चांदी के छत्र, मुकुट, आभूषण या अन्य धार्मिक वस्तुएं चढ़ाते हैं, लेकिन यहां चांदी से दो शोरूम बनवाकर अर्पित करना अपने आप में एक अनूठी भेंट है. यह भेंट व्यवसाय से जुड़ी मनोकामना पूरी होने की खुशी और भगवान के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम बनी.
मनोकामना पूरी होने पर खास भेंट चढ़ाने की परंपरा
मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. भगवान सांवलिया सेठ को कई भक्त अपना आराध्य मानते हैं और व्यापार, परिवार, रोजगार तथा जीवन में सुख-समृद्धि की कामना लेकर यहां आते हैं. भक्तों के बीच ऐसी मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर भगवान को अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट अर्पित करनी चाहिए. इसी आस्था के चलते कई श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना, चांदी, नकदी और दूसरी वस्तुएं मंदिर में चढ़ाते हैं.
सांवलिया सेठ को व्यापारियों के बीच भी विशेष रूप से आस्था का केंद्र माना जाता है. कई व्यापारी अपने कारोबार की तरक्की और नई शुरुआत के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं. मनोकामना पूरी होने पर वे मंदिर पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं.कोई चांदी का छत्र चढ़ाता है, तो कोई भगवान के लिए आभूषण या अपनी भावना से जुड़ी कोई विशेष वस्तु अर्पित करता है.
आस्था के साथ जुड़ी है भक्तों की भावना
दिल्ली के गिरी जेवर महल की ओर से चांदी के दो शोरूम अर्पित करना भी इसी श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा है. 3 किलो 370 ग्राम चांदी से तैयार किए गए ये शोरूम इस बात को दर्शाते हैं कि भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान के प्रति आभार जताने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. श्री सांवलिया सेठ के दरबार में आने वाली ऐसी भेंट केवल चांदी या सोने की कीमत तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके पीछे जुड़ी भक्तों की आस्था, विश्वास और मनोकामना पूरी होने की खुशी भी महत्वपूर्ण होती है. यही वजह है कि सांवलिया सेठ मंदिर में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई जाने वाली अनूठी भेंट अक्सर चर्चा में रहती हैं.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Udaipur,Rajasthan
First Published :
October 23, 2026, 07:25 IST



