माउंट आबू में पहली बार होगा बर्ड फेस्टिवल का आयोजन, 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का है घर

Last Updated:October 23, 2026, 08:41 IST
Mount Abu first Bird Festival Sirohi: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू (आबूराज) में पहली बार बर्ड फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है. माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी क्षेत्र 250 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर है, जिसमें दुर्लभ ग्रीन मुनिया और दूधराज जैसे पक्षी शामिल हैं. पक्षी विशेषज्ञ दिवंगत अनिल माथुर की स्मृति में आयोजित इस फेस्टिवल में प्रदेशभर के करीब 400 स्कूली विद्यार्थी हिस्सा लेंगे. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पक्षी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना और वन्यजीव प्रेमियों को एक बेहतरीन मंच प्रदान करना है.
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माउंट आबू: राजस्थान के एकमात्र खूबसूरत हिल स्टेशन आबूराज (माउंट आबू) में पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. यहाँ पहली बार बर्ड फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर प्रकृति प्रेमियों और पक्षी विशेषज्ञों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी का पूरा क्षेत्र 250 से अधिक प्रजाति के दुर्लभ और सुंदर पक्षियों का प्राकृतिक घर माना जाता है. यहाँ प्रसिद्ध ग्रीन मुनिया समेत कई ऐसी प्रजातियां देखने को मिलती हैं जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. इस अनूठे आयोजन के जरिए क्षेत्र में पक्षी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और इको-पर्यटन को बढ़ावा देने की पूरी तैयारी की जा रही है.
अरावली की हरी-भहरी पहाड़ियों, घने जंगलों और प्राकृतिक जल स्रोतों (वाटर रिसोर्स) के बीच बसा माउंट आबू पक्षी प्रेमियों के साथ-साथ स्कूली स्टूडेंट्स के लिए भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा. इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को पक्षियों की अद्भुत विविधता से परिचित कराना और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करना है. वन्य जीव प्रेमी चिंटू यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि माउंट आबू वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं. इनमें मुख्य रूप से दूधराज, ग्रे जंगल फाउल, शाहीन फाल्कन, व्हाइट-कैप्ड बंटिंग, क्रेस्टेड बंटिंग और शिकारा जैसी शानदार प्रजातियां शामिल हैं. यहाँ बर्ड्स लवर्स को पक्षियों को उनके नेचुरल परिवेश में स्वतंत्र रूप से घूमते देखने का शानदार मौका मिलता है. पार्क में कई ऐसे खास व्यू पॉइंट्स भी बने हुए हैं जहाँ इन पक्षियों की चहल-पहल अक्सर आसानी से देखी जा सकती है. इसके अलावा, दुर्लभ प्रजाति में शुमार ‘ग्रीन मुनिया’ विशेष रूप से माउंट आबू में ही बहुतायत में देखने को मिलता है.
दिवंगत पक्षी विशेषज्ञ अनिल माथुर को समर्पित है इस वर्ष का आयोजनइस विशेष बर्ड फेस्टिवल में राजस्थान भर से करीब 400 स्कूली विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं. इन विद्यार्थियों को ‘बर्ड वॉक’ के माध्यम से प्राकृतिक वातावरण में सीधे तौर पर पक्षियों को देखने, उनकी गतिविधियों को समझने और उनकी पहचान करने का अनूठा अनुभव प्राप्त होगा. इस फेस्टिवल में देश-प्रदेश के कई जाने-माने वन्यजीव और पक्षी विशेषज्ञ भी भाग लेंगे और विद्यार्थियों तथा सैलानियों को पक्षियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे. इस वर्ष का यह ऐतिहासिक आयोजन माउंट आबू के दिवंगत पक्षी विशेषज्ञ अनिल माथुर की स्मृति को समर्पित किया गया है. पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान और सेवाओं को सम्मानित करने के लिए समापन समारोह के दौरान विशेष रूप से ‘अनिल माथुर संरक्षण पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा. यह पहल भविष्य में पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले नए लोगों और युवाओं को प्रोत्साहित करने का एक बेहतरीन माध्यम भी साबित होगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sirohi,Sirohi,Rajasthan
First Published :
October 23, 2026, 08:41 IST



