वीरभद्रासन करते समय न करें ये 5 गलतियां, घुटनों और कमर पर पड़ सकता है दबाव, जानें सही तरीका

Last Updated:October 25, 2026, 12:17 IST
Correct Way To Do Warrior Pose: भगवान शिव के नाम पर आसन का नाम वीरभद्रासन है. इसके रोज अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, साथ ही मांसपेशियां भी मजबूत होती है. लेकिन इसे सही तरीके से करना बहुत जरूरी है, वरना घुटनों और कमर में दबाव पड़ने के कारण दर्द की शिकायत हो सकती है. यहां जानें वीरभद्रासन करने का सही तरीका क्या है.
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Correct Way To Do Warrior Pose: इसमें कोई दोराय नहीं कि नियमित रूप से योग करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर का संतुलन बेहतर होता है. योग में कई ऐसे आसन हैं, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इन्हीं में से एक है वीरभद्रासन. इसे वॉरियर पोज भी कहा जाता है. यह आसन पैरों को मजबूत बनाने, शरीर का संतुलन सुधारने और कंधों को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है.
हालांकि, वीरभद्रासन का पूरा लाभ पाने के लिए इसे सही तरीके से करना जरूरी है. कई बार लोग जल्दबाजी में या सही जानकारी न होने के कारण इस आसन को करते समय गलतियां कर बैठते हैं. इससे घुटनों, कंधों और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इसलिए इस आसन को करते समय शरीर की मुद्रा, पैरों की स्थिति और वजन के संतुलन पर खास ध्यान देना चाहिए.
वीरभद्रासन करते समय न करें ये गलतियां
वीरभद्रासन करते समय दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाना चाहिए. कुछ लोग हाथों को ढीला छोड़ देते हैं या कंधों को कानों की तरफ उठा लेते हैं. इससे शरीर की मुद्रा बिगड़ सकती है. और कंधों को कानों से दूर रखें.
घुटने को बहुत आगे निकालने या अंदर की ओर झुकाने से उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. कोशिश करें कि घुटना टखने के ऊपर रहे और पैर की उंगलियों की दिशा में मुड़े.
वीरभद्रासन में धड़ को सीधा रखना जरूरी है. आगे की ओर ज्यादा झुकने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है. छाती खुली रखें, पीठ को सीधा रखें और सामने की ओर देखें.
इस आसन को करते समय शरीर का पूरा भार केवल आगे या पीछे वाले पैर पर नहीं डालना चाहिए. दोनों पैरों को जमीन पर मजबूती से टिकाएं और संतुलन बनाए रखें. पीछे वाले पैर को स्थिर रखें, ताकि शरीर की मुद्रा सही बनी रहे.
वीरभद्रासन करने का सही तरीका– सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं. दोनों पैरों के बीच पर्याप्त दूरी बनाएं.– एक पैर को बाहर की ओर मोड़ें और दूसरे पैर को थोड़ा अंदर की ओर रखें. दोनों हाथों को कंधों की ऊंचाई पर फैलाएं.– अब आगे वाले घुटने को धीरे-धीरे मोड़ें. ध्यान रखें कि घुटना टखने के ऊपर रहे और अंदर की ओर न झुके.– पीछे वाले पैर को सीधा रखें और उसके तलवे को मैट पर मजबूती से टिकाएं. छाती खुली रखें, कंधों को नीचे रखें और शरीर का संतुलन बनाए रखें.– अपनी क्षमता के अनुसार कुछ देर इस मुद्रा में रहें. इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं और दूसरी तरफ से भी यही प्रक्रिया दोहराएं.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 25, 2026, 12:17 IST
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